2019 के लिए मोदी सरकार की पाठशाला बनी यह जगह, बनेगी जीत की प्लानिंग!

राम की तपोभूमि में मंथन से मिलती है भगवा ब्रिगेड को दिशा, मोदी सरकार की पाठशाला बना नानाजी का प्रकल्प

चित्रकूट. राम की जन्मभूमि अयोध्या भले ही बीजेपी के लिए राजनीति का केंद्र हो लेकिन भगवा ब्रिगेड को दिशा मिलती है राम की तपोभूमि चित्रकूट से। फिर चाहे वो मोदी की केंद्र सरकार के मंत्री हों या अन्य राज्यों की बीजेपी इकाइयां, सभी श्री राम की तपोस्थली में समय समय पर मंथन चिंतन के लिए एकत्रित होती हैं। मोदी सरकार की पाठशाला बन चुका है चित्रकूट का दीनदयाल शोध संस्थान (डीआरआई), जिसे आरएसएस के संस्थापक सदस्यों में एक प्रसिद्द समाजसेवी नानाजी देशमुख ने स्थापित किया था।


एक महीमे में आए मोदी के कई मंत्री

चाहे संगठनात्मक मंथन का उद्देश्य हो या फिर सरकार द्वारा भारत के गांवो के लिए चलाए जा रहे विकास कार्यक्रम, इन सभी उद्देश्यों की पूर्ति के लिए धरातल पर किस तरह की कार्य योजना बननी चाहिए आदि के विषय में बीजेपी शुरू से ही नानाजी द्वारा शुरू किए गए ग्रामीण प्रकल्पों से सीख लेते हुए अपनी नीति और नीयत का निर्धारण करती है और शायद यही कारण है कि पिछले एक महीने के अंदर केंद्र की मोदी सरकार के कई मंत्री चित्रकूट आकर गांवों के विकास के लिए नानाजी द्वारा खींचे गए खाके को समझ चुके हैं और अब एक बार फिर यूपी में बीजेपी की सरकार आने के बाद दीनदयाल शोध संस्थान के उद्द्मिता विद्यापीठ में यूपी बीजेपी के बुंदेलखण्ड व कानपुर क्षेत्र की इकाइयों के नेता, विधायक व मंत्री दो दिनों तक संगठनात्मक मंथन चिंतन करते हुए नानाजी के प्रकल्पों का अध्ययन करेंगे ताकि यूपी के ग्रामीण क्षेत्रों में विकास का पैमाना निर्धारित किया जा सके।




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हाईकमान का निर्देश

हालांकि संगठन की ओर से इस कार्यक्रम को मात्र परिचय कार्यक्रम करार दिया जा रहा है, लेकिन अंदरखाने के सूत्रों के मुताबिक हाईकमान के निर्देश पर कानपुर व बुंदेलखण्ड क्षेत्र की इकाइयों को राम की तपोभूमि में चिंतन करने व नानाजी देशमुख के प्रकल्पों को समझने के लिए कहा गया है। जिसके तहत 31 मार्च व 1 अप्रैल को दोनों क्षेत्रीय इकाइयों के नवनिर्वाचित विधायक, सांसद, यूपी सरकार में नए बने मंत्री व समस्त पदाधिकारी जुटेंगे और 2019 के लोकसभा व जल्द होने वाले यूपी के निकाय चुनाव का खाका भी तैयार करेंगे। वहीं 2019 तक भारत सहित यूपी के गांव-गांव में संगठन विस्तार की रणनीति भी तय होगी।




अटल और मोदी भी आए थे चित्रकूट

यूपी में भगवा ब्रिगेड की सरकार बनते ही पीएम मोदी की कार्यशैली को आत्मसात करते हुए यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने गांवों के विकास को प्राथमिकता पर रखने की बात कई मंचो पर कही। मोदी की गांवों के प्रति दूरदर्शिता के चलते ही केंद्र ने अपनी महत्वाकांक्षी योजना 'ग्रामोदय से भारत उदय' शुरू की। जिसकी प्रेरणा कहीं न कहीं बीजेपी की मातृ संस्था आरएसएस के संस्थापक सदस्य नानाजी देशमुख द्वारा भारत के गांवों के विकास के लिए चलाई गई 'समग्र ग्राम योजना' से प्रेरित है। यही कारण है कि जब मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे तो वे नानाजी के प्रकल्पों का अध्ययन करने चित्रकूट आए थे। एनडीए सरकार में पीएम अटल बिहारी बाजपेयी भी नानाजी के प्रकल्पों का अध्ययन कर चुके हैं और प्रधानमंत्री रहते एक बार व संगठनात्मक कार्य के दौरान कई बार चित्रकूट आकर गांवों के विकास की रूपरेखा समझ चुके थे।




केंद्र के मंत्रियों ने किए दौरे

वर्तमान में केंद्र की मोदी सरकार के लगभग एक दर्जन मंत्रियों ने पिछले एक महीने के दौरान चित्रकूट स्थित नानाजी देशमुख के प्रकल्पों का अध्ययन कर विकास की रूप रेखा जानी समझी। पिछले महीने दीनदयाल शोध संस्थान में आयोजित ग्रामोदय मेले में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, राजीव प्रताप रूढी, फग्गन सिंह कुलस्ते, नरेंद्र तोमर, उमा भारती, गिरिराज सिंह, प्रकाश जावड़ेकर, थावरचन्द गहलोत, बिहार के राज्यपाल रामनाथ कोविन्द आदि प्रमुख नेताओं व मंत्रियों ने व्यस्ततम दिनचर्या के बावजूद चित्रकूट आकर नानाजी के प्रकल्पों को समझा। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने भी मेले में शिरकत करते हुए इशारों-इशारों में बीजेपी को नानाजी के सिद्धांतों पर चलने की नसीहत देते हुए सबका साथ सबका विकास पर ध्यान देने को कहा। सूत्रों के मुताबिक बीजेपी हाईकमान व आरएसएस की खुद इच्छा थी कि केंद्र के मंत्री नानाजी के प्रकल्पों का अध्ययन करें और इसके लिए चित्रकूट से बेहतर कोई स्थान नहीं हो सकता क्योंकि चित्रकूट के 500 गांवों को नानाजी ने गोद लिया था जहां समग्र ग्राम योजना के तहत विकास की लकीर खींची गई।


अब जुटेंगे यूपी बीजेपी के दिग्गज

अब जबकि यूपी में बीजेपी की सरकार है और यूपी के कई ऐसे ग्रामीण इलाके हैं जहां विकास का रास्ता कोसों दूर है। ऐसे में यूपी बीजेपी के निर्वाचित विधायकों व मंत्रियों को गांवों में विकास की गंगा बहाने और इन इलाकों में संगठन के विस्तार को लेकर चित्रकूट स्थित दीनदयाल शोध संस्थान में एकत्रित किया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक हाईकमान के निर्देश पर चित्रकूट में ये बैठक हो रही है जिससे विधायक व मंत्री सरकार की कार्ययोजना के बूते ग्रामीण क्षेत्रों सहित अन्य इलाकों में संगठन विस्तार को मूर्त रूप दे सकें।


योगी के मंत्री भी करेंगे शिरकत

बैठक की तैयारियों का जायजा लेने आए यूपी बीजेपी के पदाधिकारी ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि बैठक तो कहीं भी हो सकती थी लेकिन चूंकि बुंदेलखण्ड बीजेपी के मुख्य एजेंडे में है और यहां के ग्रामीण इलाके काफी पिछड़े हैं तो हाईकमान के निर्देश पर चित्रकूट में ही दो दिवसीय बैठक का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें 31 मार्च को शाम 5 बजे से बुंदेलखण्ड व कानपुर क्षेत्र के समस्त पदाधिकारियों की तथा 1 अप्रैल को इन दोनों क्षेत्रों से निर्वाचित लगभग 52 विधायकों व यूपी सरकार में इस क्षेत्र से बने मंत्रियों की बैठक आयोजित की गई है। उधर इस कार्यक्रम को लेकर चित्रकूट बीजेपी इकाई ने बैठक करते हुए कार्ययोजना तैयार की। जनपद के पदाधिकारियों को जिम्मेदारियां प्रदान करते हुए इकाई के वरिष्ठ नेताओं ने किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए। बहरहाल इससे पहले भी चित्रकूट में 2013 में यूपी बीजेपी की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक और 2011 में दीनदयाल शोध संस्थान में बीजेपी के समस्त प्रांत संगठन मंत्रियों की बैठक आयोजित हुई थी।
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नितिन श्रीवास्तव
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