खाकी के दुर्व्यवहार के खिलाफ कलम के सिपाहियों की हुंकार, कार्रवाई तक चैन से नहीं बैठेंगे

खाकी के दुर्व्यवहार के खिलाफ कलम के सिपाहियों की हुंकार, कार्रवाई तक चैन से नहीं बैठेंगे

By: Ruchi Sharma

Published: 11 Dec 2017, 01:34 PM IST

चित्रकूट. लोकतंत्र में मीडिया को चौथा स्तम्भ कहा जाता है और समाज की हर अच्छाई बुराई को समाज के सामने रखना मीडिया का कर्तव्य भी है और लोकतंत्र में आवश्यक भी। परंतु नौकरशाही में कई ऐसे बेलगाम घोड़े होते हैं जिन्हें यह बर्दाश्त नहीं होता कि लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ उनकी कार्यशैली को समाज के सामने लाए। जिम्मेदारों से यह सवाल करे कि क्या जनता की नजरों में जिस छवि को लेकर नौकरशाही खुद के पाक साफ होने का दंभ भरती है दरअसल उसकी वास्तविकता क्या है? मीडिया पर हमला कुछ ऐसे ही सवालों को खड़ा करने को लेकर होता आया है और हो रहा है और शायद आगे भी होता रहेगा।

कुछ ऐसा ही हो रहा है चित्रकूट में जहां खाकी के कारिंदे बेलगाम होते हुए अपने चिर परिचित पुलिसिया व्यवहार दुर्व्यवहार से वर्दी की छवि और प्रदेश सरकार की साख पर बट्टा लगा रहे हैं। ताजा मामला कर्वी कोतवाली का है जहां एक दुष्कर्म पीड़िता से मामले की जानकारी लेने गए मीडियाकर्मियों से कोतवाल कर्वी ने जमकर बदसलूकी की और एक न्यूज चैनल के संवाददाता का मोबाईल व कैमरा छीनते हुए उसके साथ मारपीट तक कर डाली।

मामले से पूरे मण्डल की मीडिया में आक्रोश पनप गया है और जब तक आरोपी कोतवाल के खिलाफ ठोस कार्यवाही नहीं की जाती तब तक कलम के सिपाहियों ने चैन से न बैठने का निर्णय लिया है। आरोपी कोतवाल के खिलाफ कार्यवाही को लेकर मीडियाकर्मियों ने काली पट्टी बांध विरोध जताया और बाइक जुलूस निकालते हुए यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा।

इस पूरे आंदोलन से मीडिया को अभी भले ही न्याय न मिल पाया हो परंतु उस दुष्कर्म पीड़िता महिला के साथ जरूर न्याय हो गया कि उसकी एफआईआर दर्ज कर ली गई।

लखनऊ में बैठकर महकमे को विनम्रता व शिष्टाचार व व्यवहारकुशलता का पाठ पढ़ाने वाले ख़ाकी के लम्बरदारों के मंसूबों पर उनके मातहत किस कदर पानी फेर रहे हैं और सरकार की साख पर बट्टा लगा रहे हैं। इसका ताजा उदाहरण है चित्रकूट में मीडिया और खाकी के बीच टकराहट की घटना। यदि किसी पीड़ित इंसान के जख्मों पर मरहम लगाना गुनाह है तो यही गुनाह किया जनपद के कुछ मीडियाकर्मियों ने और इस गुनाह की सजा निरंकुश ख़ाकी के कारिंदे ने अपने दुर्व्यवहार से देकर पुलिस की छवि को चार चांद लगा दिया।

मीडियाकर्मियों से कोतवाल की बदसलूकी

कर्वी कोतवाली में दो दिन पहले कुछ मीडियाकर्मियों से तत्कालीन कोतवाली प्रभारी मनोज शुक्ला ने उस समय जमकर अभद्रता की जब मीडियाकर्मी एक महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म के मामले की जानकारी होने पर कोतवाली पहुंचकर उक्त पीड़ित महिला से पूरे मामले की जानकारी लेने गए थे। महिला ने मीडिया को बताया कि पुलिस काफी देर से उसे बैठा रखी है और सुनवाई नहीं हो रही। इसी दौरान कर्वी कोतवाली प्रभारी मनोज शुक्ला पहुंच गए और उन्होंने मीडियाकर्मियों से अभद्रता करनी शुरू कर दीय़ एक न्यूज़ चैनल के संवाददाता अखिलेश सोनकर ने आरोप लगाया कि कोतवाल मनोज शुक्ला ने उसका कैमरा मोबाईल सब छीनते हुए मारपीट की और कोतवाली में बैठा लिया। मामले की जानकारी होने पर जब अन्य मीडियाकर्मी पहुंचे और हंगामा शुरू हुआ तो अपर एसपी बलवन्त चौधरी ने कोतवाली पहुंच मामले की जानकारी ली और तत्काल प्रभाव से कोतवाल कर्वी रहे मनोज शुक्ला को लाइन हाजिर कर दिया।

विरोध प्रदर्शन का दौर जारी

कोतवाल कर्वी रहे मनोज शुक्ला द्वारा मीडियाकर्मियों से अभद्रता के मामले को लेकर जनपद से लखनऊ तक जांच व् कार्यवाही का आश्वासन दिया गया। जिले के समस्त मीडियाकर्मियों ने घटना के विरोध में काली पट्टी बांध बाइक जुलुस निकाला और मुख्यमन्त्री को संबोधित ज्ञापन डीएम शिवाकांत द्विवेदी को सौंपा। डीएम ने अपने स्तर से भी न्याय का भरोसा दिलाया है मीडिया को। उधर एडीजी एलओ आनंद कुमार ने भी डीआईजी चित्रकूटधाम रेंज ज्ञानेश्वर तिवारी से पूरे मामले की रिपोर्ट तलब की है। समस्त मीडिया संगठनों ने भी एक स्वर में इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए आरोपी कोतवाल के खिलाफ ठोस कार्यवाही की मांग की है।

 

Ruchi Sharma
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