लकीर की फकीर साबित हो रही पुलिस, सामने से गोली चलाते हुए भाग निकला दस्यु गैंग

यूपी की कानून व्यवस्था अभी भी योगी सरकार को मुंह चिढ़ा रही है।

By: आकांक्षा सिंह

Published: 24 May 2017, 02:48 PM IST

चित्रकूट। यूपी की कानून व्यवस्था अभी भी योगी सरकार को मुंह चिढ़ा रही है। यदि पूरे प्रदेश के हालातों पर गौर करें तो यह कहना शायद उचित होगा कि जिस चौपट कानून व्यवस्था को मुद्दा बनाकर बीजेपी सत्ता में आई उसी व्यवस्था को दुरुस्त करने में केसरिया सरकार के पसीने छूट रहे हैं और पुलिस हर मोर्चे पर लकीर की फकीर साबित हो रही है। ज्यादा दूर जाने की जरूरत नहीं बुंदेलखंड के हालातों पर ही यदि गौर करें तो इस क्षेत्र से भले ही यूपी पुलिस को नया मुखिया मिला हो लेकिन उसका कोई असर न तो ख़ाकी पर दिख रहा और न ही फिजाओं में दहशत की हवा घोलने वाले डकैतों अपराधियों पर। 

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बात अगर चित्रकूट की की जाए तो वर्तमान में इस जनपद के बीहड़ों में सात लाख के इनामी दुर्दांत डकैत बबुली कोल की दस्तक पुलिस की नाक के नीचे आए दिन होती है यूपी फिसड्डी साबित हो जाती है। दस दिनों के अंदर लूट मारपीट फायरिंग की ताबड़तोड़ वारदातों को अंजाम देकर डकैत बबुली कोल पुलिस को खुली चुनौती दे रहा है। परंतु ख़ाकी के लम्बरदार खुद अपनी सुरक्षा का बंदोबस्त नहीं कर पा रहे हैं और आका दम्भ भरते हैं कि गैंग को खदेड़ दिया गया है। गैंग द्वारा ख़ाकी को किस कदर खुलेआम चैलेंज किया जा रहा है इसका उदाहरण हैं वो चंद घटनाएं जो डकैतों द्वारा बेख़ौफ़ होकर अंजाम दी गईं और ख़ाकी के लम्बरदारों के हाथ कुछ लगा तो वो है डकैतों का गमछा व मोबाइल।


जनपद के पाठा क्षेत्र के बीहड़ों में सात लाख के इनामी डकैत बबुली कोल की दहशत सिर चढ़कर बोल रही है। लगातार लूट व मारपीट की कई बड़ी घटनाओं को बेख़ौफ़ होकर अंजाम देने वाले इस दस्यु गैंग से निपटने में हर बार पुलिस को मुंह की खानी पड़ रही है फिर भी आला अधिकारी झूठे दावे करने से बाज नहीं आ रहे। हफ्ते भर पहले डकैत बबुली कोल ने मानिकपुर थाना क्षेत्र स्थित लक्ष्मणपुर गांव में आई एक बरात पर धावा बोलते हुए जमकर लूटपाट व मारपीट तथा वाहनों में तोड़ फोड़ की लेकिन पुलिस को कानों कान खबर तक नहीं हुई। लगभग तीन घण्टे तक गैंग ने गांव में उत्पात मचाया परंतु ख़ाकी सोती रही, और सुबह अंगड़ाई लेते हुए जब घटनास्थल पर पहुंची तो लोगों के क्रोध का शिकार होते हुए आश्वासन देकर लौट आई।

ताजा वारदात हुई जनपद के मारकुंडी थाना क्षेत्र स्थित मुंबई हावड़ा रेलमार्ग पर पड़ने वाले टिकरिया स्टेशन के पास. सुबह लगभग 5 बजे डकैत बबुली कोल ने जमकर हवाई फायरिंग की व आने जाने वाले लोगों को मारा पीटा तथा लूटपाट की। टिकरिया रेलवे स्टेशन से मात्र कुछ कदमों की दूरी पर मौजूद दस्यु गैंग ने हवाई फायरिंग करते हुए मध्य प्रदेश के अनूपपुर से आ रहे सफारी सवार एक परिवार के साथ मारपीट करते हुए उनके सभी कीमती सामान लूट लिया। किसी तरह जान बचाकर निकले उक्त परिवार ने इसकी सूचना मानिकपुर में अपने रिश्तेदारों व पुलिस को दी। इससे पहले गैंग ने रास्ते से गुजर रहे अन्य लोगों को भी निशाना बनाया और दहशत की इबारत लिखी।

घटना की सूचना पर कई थानों की फ़ोर्स ने टिकरिया स्टेशन के आस पास घेरेबंदी करते हुए गैंग से मोर्चा लेने की कोशिश कि लेकिन पुलिस से दो कदम आगे डकैत बबुली कोल गैंग ने महुआ पेंड का सहारा लेते हुए पुलिस पर फायर झोंक दिया। एकाएक गोली चलने की आवाज से आस पास के इलाकों में सन्नाटा पसर गया व स्टेशन पर मौजूद रेल कर्मचारी व यात्री दुबक गए। गैंग की ओर से लगातार हो रही फायरिंग के कारण पुलिस को पोजीशन लेने का भी मौक़ा नहीं मिला और पुलिस भी अंधेरे में तीर चलाते हुए अपनी गोलियां खर्च कर डाली। लगभग 6 घण्टे तक गैंग पुलिस की नाक के नीचे फायरिंग करता रहा और चुनौती देते हुए बीहड़ में विलीन हो गया।

प्रत्यक्षदर्शियों व सूत्रों के मुताबिक गैंग के लोग नशे में थे और पुलिस को जमकर अपशब्द बोल रहे थे व मुकाबले के लिए चैलेंज कर रहे थे। सूत्रों के मुताबिक दस्यु गैंग ने पहले टिकरिया स्टेशन से कुछ दूरी पर स्थित देशी शराब की दुकान को बन्दूक के बल पर लगभग रात 3 बजे खुलवाया और शराब पी। लगभग 5 बजे पूरा गैंग टिकरिया स्टेशन के पास आ धमका और आने जाने वाले लोगों से लूट पाट तथा वहनोंमें तोड़ फोड़ की। लगभग 7 बजे मध्य प्रदेश के अनूपपुर निवासी सुशील द्विवेदी मानिकपुर स्थित अपनी ससुराल जा रहे थे कि टिकरिया के पास जब उनकी सफारी गाडी पहुंची तो कई नकाबपोश लोगों ने उन्हें रोका और गाड़ी का शीशा तोड़ते हुए उनसे तथा उनके परिवार से लूटपाट की। किसी तरह चिरौरी मिन्नत करते हुए डकैतों के चंगुल से जान बचाकर निकले उक्त परिवार ने पुलिस व रिश्तेदारों को घटना की सूचना दी।

कहने को तो पुलिस आमने सामने मुठभेड़ होना बता रही है लेकिन सूत्रों व प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक गैंग पुलिस को खुली चुनौती देते हुए भाग निकला. अलबत्ता जब गैंग के विलीन होने पर पुलिस ने जंगल की ख़ाक छानी तो कुछ दूरी पर कुछ गमछे व् एक दो मोबाइल बरामद हुए हैं जिसको लेकर पुलिस अपनी पीठ थपथपा रही है कि मुकाबले के डर से गैंग भाग निकला. यानी भागते भूत की लंगोटी भली. उधर एक जानकारी यह भी हुई कि पूरा गैंग टिकरिया स्टेशन से कुछ दूरी पर स्थित डोडा कोलान सोसाइटी जो डकैत बबुली कोल का गांव भी है में रुका था और पुलिस को भनक तक नहीं थी।

उधर इस पूरे मामले के बाद पुलिस के हुक्मरानों की वही घिसीपिटी स्क्रिप्ट कि गैंग की तलाश में कॉम्बिंग हो रही है और रणनीति बनाई जा रही है. जबकि बीहड़ के बाशिंदे डकैत बबुली कोल के नाम से भी कांपने लगे हैं. इन सबके बीच यह सवाल जरूर उठ रहा है कि ये क्या हो रहा है सुलखान साहब. ये वारदातें तो आपके गृह परिक्षेत्र में हो रही हैं डकैत मुंह चिढ़ा रहे हैं आपकी पुलिस को, ऐसे में पूरे प्रदेश में हालात कैसे सुधरेंगे।
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आकांक्षा सिंह
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