चित्तौड़ में निपाह वायरस अलर्ट

केरल में निपाह वायरस का संक्रमण फैलने के बाद जिले में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट हो गया है।

By: Nilesh Kumar Kathed

Published: 24 May 2018, 06:12 PM IST


चित्तौडग़ढ़. केरल में निपाह वायरस का संक्रमण फैलने के बाद जिले में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट हो गया है। इस संबंध में सावधानी बरतने के तौर पर जिले के सभी चिकित्सालयों में गाइड लाइन भिजवा दी गई है।केरल में निपाह वायरस के संक्रमण के बाद फिलहाल प्रदेश और जिला सुरक्षित है और इस वायरस का यहां कोई असर नहीं है। यदि इस वायरस से संक्रमित कोई मरीज आता है तो उसे कैसे समय पर उपचार दिया जाए, इस संबंध में भी गाइड लाइन के जरिए जानकारी दे दी गई है। विशेष प्रकार के चमगादड़ों से फैलने वाला यह वायरस बेहद खतरनाक है। शहर में दुर्ग पर विजय स्तंभ सहित कई स्मारकों में बड़ी संख्या में चमगादड़ों का डेरा है, लेकिन ये चमगादड़ किस प्रजाति के हैं, इस बारे में अब तक स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है।
संकेत और लक्षण
चिकित्सा सूत्रों के अनुसार निपाह वायरस वायु संचरण संक्रमण है और संक्रमितों के साथ सीधे संपर्क मेंं आने वाले लोगों को प्रभावित कर सकता है। यह वायरस आमतौर पर मस्तिष्क की सूजन से जुड़ा होता है। इसमें बुखार, भ्रम की स्थिति, विचलन और लगातार आलस्य की स्थिति पैदा होती है।
यदि इन लक्षणों की परवाह नहीं की जाए तो 24 से 48 घंटे में कोमा की स्थिति बन सकती है। इस वायरस के कुछ सामान्य संकेत और लक्षण सिर दर्द, बुखार, मतली, चक्कर आना, भ्रम की स्थिति जैसे लक्षण हैं। जो सप्ताह से दस दिन तक चल सकते हैं।
अब तक निपाह वायरस के इलाज के लिए कोई विशेष टीका उपलब्ध नहीं है। इस वायरस का इलाज करने का एकमात्र तरीका गहन चिकित्सकीय देखभाल है। संक्रमित मरीज की देखभाल कर रहे पेशेवरों को मास्क और
दस्ताने पहनने जैसी सावधानी रखनी चाहिए।

क्या है निपाह वायरस
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार निपाह वायरस एक नया उभरता हुआ जूनोसिस है जो पशुओं और मनुष्य में गंभीर बीमारी का कारण बनता है। यह वायरस पहली बार वर्ष 1998 में मलेशिया और सिंगापुर में सामने आया। तब यह मुख्य रूप से सूअरों में होता था और उनके माध्यम से मनुष्यों में पहुंचा। तब निपाह वायरस ने 26 5 लोगों को संक्रमित किया था, जिनमें से चालीस प्रतिशत गंभीर रूप से संक्र्रमितों को गहन देखभाल में रखा गया था। वायरस का प्राकृतिक मेजबान पटरोपोडिडे परिवार पतरोपस जीनस के फल खाने वाले चमगादड़ हैं।



Nilesh Kumar Kathed
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned