सेब और अनार से भी महंगी हुई यह चीज अब नहीं मिलती गरीब के घर

कभी कहा जाता था कि गरीब को कुछ नहीें मिले तो रोटी के साथ कांदा (प्याज) खाकर भी पेट भर सकता है,लेकिन अब ऐसा रह गया है। भोजन का स्वाद बढ़ाने वाला प्याज ही नहीं अब उसकी कीमते भी आंखों से आंसू निकालने लगी है। प्याज की बेकाबू कीमतों ने उसे गरीब के साथ मध्यमवर्ग की रसोई से भी गायब सा कर दिया है।

चित्तौडग़ढ़. चित्तौडग़ढ़ में गुरूवार को खुदरा बाजार में प्याज की कीमते 100 रुपए प्रति किलो से अधिक पहुंच गई जो एक रिकॉर्ड माना जा रहा है। गुणवत्ता के आधार पर प्याज की खुदरा कीमत 80 से 120 रुपए प्रति किलो तक रही। भारत में सामान्य परिवार के भोजन का अहम हिस्सा माने जाने वाले प्याज की बेकाबू कीमतों ने लोगों को हैरान कर दिया है। सरकार के आयात बढ़ाने एवं प्याज की स्टॉक सीमा कम करने जैसे प्रयास भी खुदरा कीमतों में कमी नहीं ला सके है। पिछले एक सप्ताह में ही प्याज की प्रति किलो कीमत तीस से चालीस रुपए प्रति किलो तक बढ़ गई है। प्याज की बढ़ती कीमतों ने आम आदमी के सब्जियों का बजट गड़बड़ा दिया है।
बढ़ी कीमतों के कारण घट गई मांग
प्याज की बढ़ती कीमतों का असर उसकी बिक्री पर भी पड़ रहा है। विक्रेताओं के अनुसार आम आदमी प्याज खरीदने से कतरा रहा है। जो लोग पहले एक-दो किलो प्याज ले जाते थे वे अब पाव-आधा किलो की बात कर रहे है तो कई लोग फिलहाल प्याज को रसोई तक ले जाने से भी बच रहे है।
प्याज महंगा होने का ये हो रहा असर
प्याज महंगा होने का असर खानपान पर भी दिख रहा है। पहले आम रसोई में सब्जी में छोंक लगाने में प्याज भी अहम था लेकिन अब कई रसोई में इसके बिना छोंक लग रहा है। पोहे में भी प्याज की मात्रा नगण्य हो गई है तो कई कचोरी-समोसा बनाने वालों ने भी उसका उपयोग नाममात्र का कर दिया है। ढाबो पर सलाद में से प्याज गायब हो रहा है तो प्याज की पकौड़ी भी अब महंगी मिल रही है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे प्याज की कीमतों पर संदेश
प्याज की बढ़ती कीमतों ने सोशल मीडिया पर सक्रिय लोगों को भावनाएं जाहिर करने के लिए ज्वलंत मुद्दा थमा दिया है। प्याज की कीमतों से जुड़े कई तरह के संदेश सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे है। इनमें बढ़ी कीमतों पर आरोप-प्रत्यारोप के साथ व्यंग्य भी किए जा रहे है। लोगों को अमीर की श्रेणी में आने से बचने के लिए प्याज से बचने की नसीहत भी दी जा रही है।
सेब और अनार से महंगा हो गया प्याज
कभी प्याज खरीदने वालों के लिए सेब और अनार खरीदना सपना होता था लेकिन अब हालात बदले हुए है। चित्तौडग़ढ़ में सेब और अनार जैसे फलों से महंगा प्याज रहा। सेब 50 से 80 और अनार 70 से 100 रुपए प्रति किलो में बिकते रहे। वर्तमान में अधिकतर फलों की कीमत प्याज से कम है। ऐसे में लोग प्याज खाने की बजाय फल सेवन बेहतर मानने लगे है।

jitender saran
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