रखा बंद, किया प्रदर्शन, जताया सरकार के प्रति गुस्सा

रखा बंद, किया प्रदर्शन, जताया सरकार के प्रति गुस्सा

Nilesh Kumar Kathed | Publish: Sep, 06 2018 10:00:41 PM (IST) Chittorgarh, Rajasthan, India

सर्वोच्च न्यायालय के आदेश को निष्प्रभाावी करने के लिए केन्द्र सरकार द्वारा एससी-एसटी एक्ट में किए गए बदलावों को लेकर गुरूवार को स्वर्ण व अन्य पिछड़ा वर्ग के लोगों का गुस्सा फूट पड़ा।



चित्तौडग़ढ़. सर्वोच्च न्यायालय के आदेश को निष्प्रभाावी करने के लिए केन्द्र सरकार द्वारा एससी-एसटी एक्ट में किए गए बदलावों को लेकर गुरूवार को स्वर्ण व अन्य पिछड़ा वर्ग के लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। समता आंदोलन समिति की ओर से इस मुद्दें पर बुलाए गए बंद को करणी सेना सहित इन समाजों के विभिन्न संगठनों का साथ मिला। सुबह ९ बजे बाजार खुलने से पहले ही युवाओं की टोलियां दुपहिया वाहनों पर निकल पड़ी और शहर के गली-मोहल्लों तक में खुली दुकानों को बंद करा दिया। बंद के दौरान कई बार युवाओं ने एक्ट में किए गए बदलाव के खिलाफ नारेबाजी करते हुए चेताया कि अब अनदेखी बर्दाश्त नहीं होगी। बंद के दौरान शहर में सुभाष चौक, कलक्ट्र्रेट आदि स्थानों पर टायर जलाकर भी प्रदर्शन किया गया। सुबह बंद समर्थकों ने सदर बाजार, गांधी चौक क्षेत्र से बंद कराना शुरू किया। उनके साथ पुलिस के वाहन भी चल रहे थे। बंद समर्थक चंदनपुरा, ढूंचा बाजार, गोलप्याऊ, नेहरू बाजार, राणा सांगा बाजार, किलारोड, महाराणा प्रताप सेतु मार्ग होते हुए रेलवे स्टेशन रोड पर पहुंच गए। समय बीतने के साथ बंद समर्थकों की संख्या भी सड़क पर बढ़ती गई। युवाओं की टोली ने मधुवन, सेंती, प्रतापनगर, कुंभानगर, मीरा मॉर्केट आदि क्षेत्रों में खुली दुकाने बंद कराने के लिए घूमते रहे। युवाओं का दल कहीं भी खुला मिलने पर पहले गुलाब का फूल देकर उससे सहयोग की अपील करता रहा। कुछ जगह सकारात्मक जवाब नहीं मिलने पर युवाओं ने गुस्सा भी दिखाया।
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पान की केबिनों व चाय थडिय़ों को भी नहीं छोड़ाश्
बंद के दौरान जो व्यापारिक प्रतिष्ठान कुछ खुले दिखे उनको तो बंद कराया ही गया साथ ही पान की केबिनों व चाय की थडिय़ों को भी नहीं छोड़ा। स्टेशन, रोडवेज बस स्टेण्ड, जिला चिकित्सालय आदि के बाहर लगी चाय-नाश्ते की गुमटियों व थडिय़ों को भी बंद करा दिया गयाा। सुबह शहर में फल व सब्जी विक्रेता भी मण्डी में कम पहुंचे।
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फेंक दी कुर्सियां व तिरपाल
युवाओं की स्टेशन चौराहे पर एक रेस्टोरेन्ट विक्रेता से बंद करने को लेकर तकरार हो गई। गुस्साएं युवाओं ने वहां रखी प्लास्टिक चेयर फेेंकन के साथ एक-दो मेज को भी नुकसान पहुंचाया। माहौल बिगडऩे से पहले ही पुलिस ने समझाईश कर उग्र युवाओं को वहां से रवाना किया। युवाओं के इस समूह ने इंदिरा मॉर्केट में एक कचोरी विक्रेता के यहां वहां ढांका हुआ तिरपाल फेंकने के साथ कई कचोरी-समोसे भी गिरा दिए। यहां भी समझाईश कर युवाओं को आगे भेजा गया।
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परिवहन सेवाओं व अस्पतालों को रखा अलग
बंद के दौरान रोडवेज बस, ऑटोरिक्शा आदि सामान्य रूप से संचालित हुए हॉलाकि इनमें सवारियां आम दिनों से कम रही। रेलवे सेवाओं पर भी बंद का कोई असर नहीं दिखा। चिकित्सा सेवाओं को भी बंद से अलग रखने के कारण निजी चिकित्सालयों व क्लिनिक को भी बंद नहीं कराया गया।
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मेडिकल स्टोर भी हो गए बंद
सामान्यतया आवश्यक सेवा मान मेडिकल स्टोर को बंद में शामिल नहीं किया जाता है,लेकिन गुरूवार को शहर के कई मेडिकल स्टोर बंद रहे। कलक्ट्रेट चौराहा व जिला चिकित्सालय के पास स्थित कुछ मेडिकल स्टोर स्वेच्छा से बंद रहे तो कुछ को युवाओं ने बंद करा दिया। हॉलाकि मेडिकल स्टोर बंद कराने को लेकर एकराय नहीं दिखी।
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पेट्र्रोल पम्पों पर मच गई अफरातफरी
सुबह १० बजे तक शहर में पेट्रोल पम्पों पर सामान्य बिक्री होती रही। युवाओं की टोली के महाराणा प्रताप सेतु मार्ग व रेलवे फाटक के नजदीक स्थित पेट्रोल पम्प पर पहुंचते ही वहां अफरातफरी मच गई। युवाओं ने पम्प पर बिक्री रूकवा दी एवं जबरन बंद करा दिया। इस दौरान वाहनों में पेट्रोल-डीजल भराने आए कई लोग निराश लौटे।
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बंद समर्थकों के साथ चिपकी रही पुलिस
किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए बंद कराने निकाले युवाओं के साथ पुलिस हर समय चिपकी रही। युवाओं की रैली के आगे-पीछे पुलिस के वाहनों के साथ बीच में दुपहिया वाहनों पर भी पुलिसकर्मी सवार किए गए ताकि अचानक कोई घटना हो तो त्वरित नियंत्रण किया जा सके। शहर में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए करीब १०० पुलिसकर्मी तैनात किए गए।
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चंदेेरिया में भी व्यापक रहा बंद का असर
उपनगर चंदेरिया में भी बंद का खासा असर दिखा। चंंदेंरिया व्यापार संघ अध्यक्ष नेेमीचंद अग्रवाल, महामंत्री शांतिलाल मंडोवरा, राजेश राठी, सत्यनारायण कुम्हार, लोकेश अग्रवाल के नेतृत्व में बंद कराया गया। आवश्यक सेवाओं को बंद से अलग रखा गया।
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आशंकित रहे इंटरनेट बंद होने को लेकर
बंद के दौरान सोशल मीडिया पर दिनभर विभिन्न तरह के संदेश चलते रहे,हॉलाकि लोगों को आशंका भी रही कि प्रशासन किसी भी वक्त इंटरनेट सेवाओं को बंद कर सकता है। हाल ही कुछ प्रतियोगी परीक्षाओं के दौरान भी इंटरनेट बंद करा देने से इस तरह की आशंका बढ़ गई। लोग दिन भर अन्य स्थानों पर भी बंद के हाल जानने को उत्सुक रहे।
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ज्ञापन देकर दिलाया मांगों पर ध्यान
बंद समर्र्थक संगठनों के प्रतिनिधियों ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन जिला कलक्टर को देकर मांगों के प्रति ध्यान आकर्षित किया। समता आंदोलन समिति के जिलाध्यक्ष राघेश्याम जोशी ने ज्ञापन में एससी-एसटी उत्पीडऩ एक्ट में हाल ही हुए संशोधन रद्द करने, आपराधिक पृष्ठभूमि वाले सांसदों व विधायकों को हमेशा के लिए बर्खास्त करने लोकसभा व विधानसभा में सीट आरक्षण रद्द कर राजनीतिक दलों के टिकट में आरक्षण लागू करने आदि माांग की। ज्ञापन देने वालों में मेवाड़ क्षत्रिय महासभा के जिला अध्यक्ष सहदेव सिंह नारेला, महामंत्री तेजपालसिंह शक्तावत, करणी सेना के ब्रजेन्द्रसिंह भाटी, भूपेन्द्रसिंह भाटी, जौहर स्मृति संस्थान के कानसिंह सुवावा, ब्राह्मण समाज के राघेश्याम चाष्टा, योगेश व्यास, आोम शर्मा, वैश्य फैडरेशन के प्रदेश महामंत्री प्रदीप काबरा, गोपाल भूतड़ा, माहेश्वरी नगर सभा अध्यक्ष सत्यनारायण आगाल, जैन समाज के निर्मल जैन, अरविन्द अजमेरा, वैष्णव समाज के कन्हैयादास वैष्णव, कीर समाज के शंकरलाल कीर, माली समाज के कन्हैया माली, नाथ समाज के बाबूनाथ योगी, विहिप नगर प्रमुख अमित शर्मा सहित विभिन्न समाजों व संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद थे।
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राजनीतिक दलों के प्रति रहा रोष
बंद समर्थकों में एससी-एसटी एक्ट में संशोधन को लेकर भाजपा व कांग्रेस जैसे प्रमुख राजनीतिक दलों की भूमिका को लेकर भी रोष दिखा। दोनों दलों के प्रमुख पदाधिकारी व जनप्रतिनिधि आंदोलन से दूर दिखे, हॉलाकि कुछ कार्यकर्ता आंदोलन में सक्रिय रहे।
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जिले में बंद पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा। कहीं भी कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। पुलिस को कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी का सहयोग मिला।
विपीन शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक,चित्तौडग़ढ़

 

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