आए थे तनाव में, खुश होकर लौटे

विधिक सेवा प्राधिकण की ओर से आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में शनिवार को आपसी समझौंतों से मामलों का निस्तारण हुआ तो कई पक्षकारों के चेहरे खिल उठे। लोक अदालत में कुल 1412 प्रकरणों का निस्तारण किया गया।

By: jitender saran

Published: 11 Sep 2021, 09:54 PM IST

चित्तौडग़ढ़
विधिक सेवा प्राधिकण की ओर से आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में शनिवार को आपसी समझौंतों से मामलों का निस्तारण हुआ तो कई पक्षकारों के चेहरे खिल उठे। लोक अदालत में कुल 1412 प्रकरणों का निस्तारण किया गया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष केशव कौशिक के आदेशानुसार शनिवार को जिला मुख्यालय एवं समस्त ताल्लुका मुख्यालयों पर स्थित न्यायालयों में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिसमें न्यायालयों में लंबित प्रकरणों में आपसी सहमति के आधार पर १४१२ प्रकरणों का निस्तारण कर ८ करोड़ १४ लाख ४१ हजार २४१ रूपए का अवार्ड पारित किया गया। इसके अलावा बैंक ऋण, चेक अनादरण संबंधी ५०६ प्री लिटिगेशन आवेदनों का निस्तारण कर १ करोड़ ३२ लाख ७७ हजार ३६६ रूपए का अवार्ड पारित किया गया। इस तरह कुल १९१८ प्रकरणों का निस्तारण करते हुए कुल ९ करोड़ ४७ लाख १८ हजार ६०७ रूपए का अवार्ड पारित किया गया। इन प्रकरणों का निस्तारण करने में कुल २४ बेंचों ने काम किया।

प्राधिकरण अध्यक्ष ने किया अवलोकन
प्राधिकरण अध्यक्ष केशव कौशिक ने जिला मुख्यालय पर गठित बैंचेज की कार्रवाई देखी और पक्षकारों से बात की। प्राधिकरण अध्यक्ष ने राष्ट्रीय लोक अदालत को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सफल बनाने मे सहयोग करने वाले न्यायिक अधिकारियों, बैंच के सदस्यों, अधिवक्ताओं, पक्षकारों, न्यायिक कर्मचारियों व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कर्मचारियों का आभार जताया। पारिवारिक न्यायालय में प्रकाश व रतनी के बीच आपसी मतभेद को लेकर विवाद लंबित था। न्यायपीठ ने दोनों पक्षों से समझाइश की तो दोनों पक्षों ने राजी खुशी साथ रहना स्वीकार किया। दोनों पक्षों ने इस संबंध में न्यायालय में चल रहे प्रकरण भी आपसी समझाइश से समाप्त कर दिए।

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