तीसरे आंख में कैद अपराधी, पुलिस के हाथ खाली

जिले में चोर-लुटेरे आपराधिक वारदातों को अंजाम देकर पुलिस को चुनौती दे रहे है। पुलिस भी कुछ वारदातों का खुलासा करने में सफल रही लेकिन कई ऐसी वारदाते है जिनमें अपराध करने वाले सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गए। इसके बावजूद पुलिस अब भी उनको अपनी गिरफ्त में नहीं ले पा रही है।

By: Nilesh Kumar Kathed

Published: 10 Apr 2019, 10:11 PM IST

चित्तौडग़ढ़. जिले में चोर-लुटेरे आपराधिक वारदातों को अंजाम देकर पुलिस को चुनौती दे रहे है। पुलिस भी कुछ वारदातों का खुलासा करने में सफल रही लेकिन कई ऐसी वारदाते है जिनमें अपराध करने वाले सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गए। इसके बावजूद पुलिस अब भी उनको अपनी गिरफ्त में नहीं ले पा रही है। चित्तौड़ शहर सहित जिले में चोरी और लूट की कई वारदात ऐसी हुई जिनमें तीसरे आंख ने अपना काम करते हुए चोरों को कैद कर लिया लेकिन पुलिस उन्हें अभी तक नहीं पकड़ पाई है। हॉलाकि ऐसे कई मामलों में पुलिस अधिकारी ये कहकर पल्ला झाड़ देते है कि सीसीटीवी में चोरों के चेहरें साफ नहीं दिखाई दे रहे है। कई मामलों में सीसीटीवी में चोर-लुटेरों के चेहरें साफ दिखाई देने के बावजूद पुलिस उन तक नहीं पहुंच पाई है। चित्तौडग़ढ़ शहरमें पिछले कुछ महीनों स ेबाइक चोरी, लूट, हत्या जैसी घटनाएं बढ़ती जा रही है। इनमें से कई वारदातों का पर्दाफाश होना अब भी बाकी है।
अभय कमांड का काम अधूरा
शहर में बढ़ रही चोरी व अपराध की घटनाओं को रोकने के लिए अभय कमांड योजना के तहत प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए तो कुछ स्थानों पर अब भी लगना बाकी है। इस योजना के तहत करीब दो सौ सीसीटीवी कैमरे लगने है। कई घटनाओं में अभी आरोपी सीसीटीवी कैमरों में कैद होने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली है। ऐसे में ये सीसीटीवी कैमरे लगे होने पर पुलिस को कितनी सफलता मिलेगी इसे लेकर भी लोगों के मन में संदेह है। अभय कमांड का काम अब भी अधूरा है।
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केस-१ आरोपियों की पहचान की, गिरफ्तारी अभी बाकी
गत २० फरवरी को सुबह करीब साढ़े चार बजे पुलिस अधीक्षक कार्यालय से महज २००-२५० मीटर दूरी पर शोरूम में बीस लाख की मोबाइल चोरी हुई थी। यह पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हुई। सीसीटीवी में कुल १० आरोपियों ने वारदात को अंजाम दिया। इस मामले में पुलिसआरोपियों की पहचान कर लेने का दावा कर रही हे। पुलिस टीमें उन्हें गिरफ्तार करने भी गई खाली हाथ लौटी।
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केस-२ कैमरे में दिखा संदिग्ध युवक
गत २७ मार्च को शहर में भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा से खाते से राशि निकलवाने के बाद बैंक के उद्यान में बैठकर धूम्रपान कर रहे सावा निवासी सेवानिवृत वनकर्मी सत्यनारायण सुखवाल की थैली के कट लगाकर चोर पचास हजार रूपए ले गए थे। इस मामले में बैंक सीसीटीवी में एक संदिग्ध युवक भी दिखा था लेकिन पुलिस के अभी भी खाली हाथ है।
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केस-३ बाइक पर आए नकाबपोश छीन ले गए पर्स
हाल ही एक अप्रेल को शहर के रेलवे कॉलोनी क्षेत्र में बाइक पर आए तीन नकाबपोश एक महिला को धक्का देकर उसके हाथ से पर्स छीन ले गए थे। पर्स में रखे रुपए व मोबाइल रखा हुआ था। इस घटना के बाद भी पुलिस को सीसीटीवी में संदिग्ध युवक दिखे थे लेकिन वे हाथ नहीं लगे।

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सीसीटीवी में कई वारदाते कैद होने पर अपराधी को शिंकजे में लेकर खुलासे भी किए गए। कुछ मामलों में सीसीटीवी फुटेज साफ नहीं होने से पहचान मुश्किल होती है। कई अपराधियों का पुराना पुलिस रिकॉर्ड नहीं होने से भी पकडऩा मुश्किल होता है। आपराधिक घटनाओं के जो मामले पेंडिंग चल रहे है, उनका भी शीघ्र खुलासा किया जाएगा। इसके लिए पुलिस पूरे प्रयास कर रही है।
अनिल कयाल, जिला पुलिस अधीक्षक चित्तौडग़ढ़

 

Nilesh Kumar Kathed
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