scriptCarono opened the fortunes of government schools, increased enrollment | कारोनो ने सरकारी स्कूलों की खोली किस्मत, बढ़ा नामांकन | Patrika News

कारोनो ने सरकारी स्कूलों की खोली किस्मत, बढ़ा नामांकन

चित्तौडग़ढ़. पिछले दो सालों से देश भर में कोरोना अपना कहर बरसा रहा था। कारोना के चलते कई लोगों के कई महिनों तक काम धंधे बंद होने से कई परिवारों पर आर्थिक तंगी के हालात हो गए। ऐसे में आर्थिक स्थिति से जूझ रहे परिवार द्वारा निजी स्कूलों की भारी भरकम फीस चुकाना भी मुश्किल हो रहा था, ऐसे में बच्चों को भविष्य को देखते हुए कईयों ने सरकारी स्कूलों का दामनथाम लिया। जहां शिक्षा विभाग द्वारा हर वर्ष सरकारी स्कूलों में नामंाकन वृद्धि के लिए प्रवेशोत्सव के साथ कई जागरूक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है, लेक

चित्तौड़गढ़

Published: October 29, 2021 06:46:49 pm

चित्तौडग़ढ़. पिछले दो सालों से देश भर में कोरोना अपना कहर बरसा रहा था। कारोना के चलते कई लोगों के कई महिनों तक काम धंधे बंद होने से कई परिवारों पर आर्थिक तंगी के हालात हो गए। ऐसे में आर्थिक स्थिति से जूझ रहे परिवार द्वारा निजी स्कूलों की भारी भरकम फीस चुकाना भी मुश्किल हो रहा था, ऐसे में बच्चों को भविष्य को देखते हुए कईयों ने सरकारी स्कूलों का दामनथाम लिया। जहां शिक्षा विभाग द्वारा हर वर्ष सरकारी स्कूलों में नामंाकन वृद्धि के लिए प्रवेशोत्सव के साथ कई जागरूक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है, लेकिन इस वर्ष बिना प्रवेशोत्सव के ही सरकारी स्कूलों की किस्मत खुल गई है। कोरोनो के दौरान सरकारी स्कूलों में पिछले कुछ सालों के मुकाबले में नामांकन में वृद्धि हुई। ऐसे में चित्तौडग़ढ़ जिले की बात की जाए तो गतवर्ष के मुकाबले इस वर्ष १७ हजार ८७० विद्यार्थी बढ़े है, जिसमें १० हजार ८६६ छात्र व सात हजार ४ छात्रा बढ़ी है।
कारोनो ने सरकारी स्कूलों की खोली किस्मत, बढ़ा नामांकन
कारोनो ने सरकारी स्कूलों की खोली किस्मत, बढ़ा नामांकन
सर्वाधिक नामांकन ११वीं-१२वीं कक्षा में बढ़ा
इस वर्ष सरकारी स्कूलों में सर्वाधिक नामांकन १ावीं व १२ वीं कक्षा का बढ़ा है। गत वर्ष कक्षा ११ व १२ में २२३८४ नामांकन था जो इस वर्ष ७१२४ विद्यार्थियों की वृद्धि के साथ २९५०८ पहुंच गया। इस कक्षाओं में ४१५६ छात्र व २९६८ छात्राओं का नामांकन बढ़ा। वहीं कक्षा एक से पांच के नामंाकन में ५५०२, कक्षा छह से आठ में ४८५९, कक्षा नौ से १० में ३८५ विद्यार्थी बढे।

ये नामांकन वृद्धि के कारण
कई परिवारों पर आर्थिक संकट गहराया तो निजी स्कूलों की फीस चुकाना मुश्किल।
कई परिवारों काम धंधे बंद होने से पैतृक गांव लौटने पर स्थानीय स्कूलों में प्रवेश।
निजी स्कूलों के मुकाबले सरकारी स्कूल में सामान्य फीस।
सरकारी स्कूलों के शिक्षा के स्तर में सुधार।
सरकारी अंग्रेजी माध्यम स्कूल के कारण भी बढ़ा नामाकंन

इस तरह बढ़ा नामाकंन
कक्षा १ से ५- ५५०२
कक्षा ६ से ७- ४८५९
कक्षा ९ से १०- ३८५
कक्षा ११ से १२- ७१२४
कुल छात्राएं बढ़ी - ७००४
कुल छात्र बढ़े- १०८६६


इनका कहना है
पिछले वर्ष से इस वर्ष सरकारी विद्यालयों में नामाकंन अधिक हुआ है। बालिका नामाकंन भी काफी बढ़ा है। हाल ही में प्राथमिक विद्यालयों में आंकड़े ऑनलाइन नहीं दर्ज करने से नामाकंन कम आ रहा था। इस सम्बन्ध में कुछ कर्मचारियों को नोटिस भी दिए इसके बाद आंकड़ों का ऑनलाइन किया गया।
शांतिलाल सुथार, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी चित्तौडग़ढ़

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