कौन नहीं चलने दे रहा शहर की सुरक्षा के लिए लगाए गए सीसीटीवी

शहर में सुरक्षा घेरा मजबूत करने के लिए तीसरी आंख की जद में लाने की कवायद पर सरकारी व्यवस्था की लालफीताशाही भारी पड़ रही है। नगर परिषद और राज्य सरकार के बीच रोड़ कटिंग पर होने वाले खर्चे को लेकर सहमति नहीं बन पाई है।अभय कमाण्ड योजना के तहत शहर में करीब दो सौ सीसीटीवी कैमरे लगने हैए इनमें से कई जगह कैमरे लगे हुए करीब साल भर पूरा होने को है।

By: Nilesh Kumar Kathed

Published: 03 Mar 2019, 10:21 PM IST

चित्तौडग़ढ़ण् शहर में सुरक्षा घेरा मजबूत करने के लिए तीसरी आंख की जद में लाने की कवायद पर सरकारी व्यवस्था की लालफीताशाही भारी पड़ रही है। नगर परिषद और राज्य सरकार के बीच रोड़ कटिंग पर होने वाले खर्चे को लेकर सहमति नहीं बन पाई है।अभय कमाण्ड योजना के तहत शहर में करीब दो सौ सीसीटीवी कैमरे लगने हैए इनमें से कई जगह कैमरे लगे हुए करीब साल भर पूरा होने को है।
सीसीटीवी कैमरे लगाकर कनेक्शन देने के लिए भूमिगत केबल डाली जानी हैए ताकि अपराधी इसको नुकसान नहीं पहुंचा सके। भूमिगत केबल डालने के लिए रोड़ कटिंग की आवश्यकता है। इस संबंध में नगर परिषद की ओर से एस्टीमेट बनाकर सरकार को भिजवा दिया गयाए लेकिन राशि अब तक मंजूर नहीं होने के कारण परिषद ने रोड़ कटिंग के लिए सहमति नहीं दी है। इसके अभाव में शहर में सीसीटीवी कैमरे लगाने का काम अटका हुआ है।
जयपुर से भी देख सकेंगे लाइव फुटेज
शहर में अलग.अलग जगह सीसीटीवी कैमरे लगने के बाद अभय कमांड कंट्रोल रूम से शहर की यातायात व्यवस्था व अपराध पर नजर रखने के साथ ही जयपुर में भी अधिकारी लाइव फुटेज देख
सकते हैं। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि सीसीटीवी लगने से अपराधों पर नियंत्रण होने के साथ ही अपराधियों की धर.पकड़ और उनकी पहचान में भी पुलिस को सहायता सकेगी।
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लगाने के सालभर बाद भी नहीं मिला लाभ
शहर में वाहन चोरीए चेन स्नेचिंग जैसी घटनाओं में पिछले कुछ समय से इजाफा हुआ है। इन घटनाओं को रोकने के लिए अभय कमाण्ड योजना के तहत करीब साल भर पहले कलक्ट्री चौराहे सहित शहर के प्रमुख इलाकों में अच्छी किस्म के सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। इनकी मॉनीटरिंग के लिए पुलिस नियंत्रण कक्ष में भी व्यवस्था की गईए ताकि दिन.रात कैमरों के जरिए स्क्रीन पर आने वाले संदिग्धों पर नजर रखी जा सके। शहर में विभिन्न पॉइंट बनाकर कई जगह कैमरे भी लगा दिए गएए लेकिन साल भर बाद भी इन कैमरों की सेवाएं शुरू नहीं हो पाई है। यही वजह है कि शहर में हुई कई वारदातों के बारे में पुलिस के सुराग हाथ नहीं लग पाते हैं।
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अभय कमांड योजना में लग रहे कैमरे
शहर में बढ़ रही चोरी व अपराध की घटनाओं को रोकने के लिए अभय कमांड योजना के तहत प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे तो लग गएए लेकिन साल भर बाद भी भूमिगत केबल नहीं बिछ पाने से इन्हें चालू नहीं कर पाने से ये अनुपयोगी साबित
हो रहे हैं।
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रोड कटिंग के सम्बन्ध में भेजा हुआ है एस्टीमेट
सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए रोड़ कटिंग के संबंध में नगर परिषद की ओर से एस्टीमेट बनाकर भेजा हुआ है। सरकार की ओर से अब तक इस संबंध में कोई मंजूरी नहीं मिलने से सहमति नहीं बन पाई है।
सुशील शर्माए सभापति नगर परिषद चित्तौडग़ढ़

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