Students' union election: 2019 बदल जाते छात्रसंघ अध्यक्ष, हो जाते नए वादे, नहीं बदलते तो हालात

Students' union election: 2019  बदल जाते छात्रसंघ अध्यक्ष, हो जाते नए वादे, नहीं बदलते तो हालात

kalulal lohar | Updated: 14 Aug 2019, 11:21:21 PM (IST) Chittorgarh, Chittorgarh, Rajasthan, India

कॉलेजों में छात्रसंघ चुनाव का बिगुल बजने के साथ छात्र संगठन फिर नए वादों के साथ छात्रों को लुभाने में लग गए है। छात्र संगठनों के एजेंड में कॉलेज की बड़ी समस्याओं को जगह नहीं मिलती या वादे कर भूला देने से समस्याएं यथावत रहेती है।

चित्तौडग़ढ़.कॉलेजों में छात्रसंघ चुनाव (Students' union election: 2019) का बिगुल बजने के साथ छात्र संगठन फिर नए वादों के साथ छात्रों को लुभाने में लग गए है। छात्र संगठनों के एजेंड में कॉलेज की बड़ी समस्याओं को जगह नहीं मिलती या वादे कर भूला देने से समस्याएं यथावत रहेती है। चित्तौडग़ढ़ के सबसे बड़े सरकारी कॉलेज में न तो पढ़ाने वाले पूरे है न ही खेल प्रशिक्षण देने के लिए पीटीआई है। रोजगार परक नए विषय भी नहीं खुल रहे है। इस कॉलेज में लगभग साढ़े छह हजार बच्चे अध्यनरत है, लेकिन यहां पर बच्चों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कॉलेज में जहां नियमित कक्षाएं नहीं लगने, बाहरी लोगों को आवागमन के साथ यहां पर यहां पर कहीं जगह से भवन भी जर्जर हो चुका है।
छात्रसंघ चुनाव (Students' union election: 2019) की तिथियां शुरु होने के साथ ही कॉलेज में छात्रनेताओं की हलचल भी बढ़ गई है। पत्रिका टीम ने विद्यार्थियों से कॉलेज में चुनावी मुद्दों को जानने का प्रयास किया तो यहा पर कॉलेज में नियमित कक्षाओं का संचालन नहीं होना तथा बाहरी लोगों के आने के साथ-साथ रिक्त पदों जैसे प्रमुख मुद्दे सामने आए। कॉलेज में मुख्य द्वार से प्रवेश करते ही यहां पर सड़क टूटी हुई जिसपर जगह-जगह खड्डे हो गए है। यहां पर कैंटिन नहीं होने से विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
प्राचार्य का ही पद चल रहा खाली
महाविद्यालय में लंबे समय से प्राचार्य का पद ही खाली पड़ा हुआ है। ऐसे में वरिष्ठ व्याख्याता राकेश भट्टड कार्यकारी प्राचार्य के रूप में सेवाएं दे रहे है लेकिन नियमित प्राचार्य नहीं होने से प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो रहा है।
पुस्तकालय अध्यक्ष व पीटीआई ही नहीं
महाविद्यालय में शिक्षा देने वाले व्याख्याताओं के साथ खेलों का अभ्यास कराने वाले शारीरिक शिक्षा अनुदेशक (पीटीआई) व पुस्तकालय अध्यक्ष का पद भी खाली पड़ा है। ऐसे में विषय व्याख्याता ही कामचलाऊ रूप से खेलों से जुड़ी व्यवस्था भी देखते है।
कहीं जगह से जर्जर हो चुका भवन
कॉलेज में के अंदर आवार मवेशी भी घुमते हुएदिखे। वहीं एक छज्जे का प्लास्टर उखड़ा हुआ सरिये निकल रहे थे तथा कहीं जगह दरारेें आ रही थी। तथा एक कक्षाकक्ष में चार-पांच छात्राएं पढ़ाई कर रही थी। उसी कमरें में पीछे प्लास्टर गिर रहा था तथा कमरें की साफ-सफाई भी नहीं थी। छात्राओं ने बताया कि यहां पर दिनभर में सिर्फ एक कक्षा लगती है वो तीन बजे लगेगी है, इसके लिए सुबह से इंतजार करना पड़ता है। तथा सीढिय़ों पर दो कचरा पात्र रखे हुए थे जो पूरे भरने के बाद कचरा बिखरा हुआ था।

कॉलेज में लगभग आधे पद रिक्त है। साथ ही भवन जगह-जगह से जर्जर हो गया है। बरसात के दिनों में पानी भी टपकता है। कई बार कॉलेज भवन का रंगरोगन करने की मांग भी की लेकिन सुनवाई नहीं हुई। छात्राओं की सुरक्षा को लेकर भी मुख्य द्वार पर सीसीटीवी कैॅमरे लगवाएं है।
पहलवान सालवी, निवर्तमान छात्रसंघ अध्यक्ष

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