गंभीरी बांध का जलस्तर 20.10 फीट पहुंचा

जिले के सबसे बड़े 23 फ़ीट भराव क्षमता वाला गम्भीरी बांध का रविवार सायं 5 बजे तक गेज 20.10 फीट हो गया है।
सिंचाई विभाग के जेईएन राधेश्याम जाट ने बताया कि क्षेत्र में व पड़ोसी राज्य में हो रही लगातार बारिश से बांध में पानी की आवक निरन्तर जारी है। उन्होंने बताया कि शनिवार सायं 5 बजे से रविवार 5 बजे तक बांध में कुल 264 मिलियन घन फीट पानी की आवक हुई है। इस आवक से बांध को भरने में करीब 2 दिन लगेंगे।

By: jitender saran

Published: 13 Sep 2021, 01:15 PM IST

चित्तौडग़ढ़.
जिले के सबसे बड़े 23 फ़ीट भराव क्षमता वाला गम्भीरी बांध का रविवार सायं 5 बजे तक गेज 20.10 फीट हो गया है।
सिंचाई विभाग के जेईएन राधेश्याम जाट ने बताया कि क्षेत्र में व पड़ोसी राज्य में हो रही लगातार बारिश से बांध में पानी की आवक निरन्तर जारी है। उन्होंने बताया कि शनिवार सायं 5 बजे से रविवार 5 बजे तक बांध में कुल 264 मिलियन घन फीट पानी की आवक हुई है। इस आवक से बांध को भरने में करीब 2 दिन लगेंगे।
नदी का पानी बांध में पहुंचा
वागन नदी का पानी 36 घंटे बाद घोसुंडा बांध में पहुंचा तो नदी क्षेत्र तथा बांध क्षेत्र के आसपास के गांवों के किसानों का खुशी का ठिकाना नहीं रहा। वहीं दो वर्ष बाद इस नदी में पानी की आवक हुई है।
जानकारी के अनुसार वागन नदी के भराव क्षेत्र खोड़ीप, नन्नाणा, मिन्नाणा, बिनोता व बंबोरी आदि गांवों में बरसात हुई थी। हालाकि मूल वागन नदी में पानी की आवक नहीं हुई थी। इसकी सहायक नदी गांगली में पानी की आवक हुई। गांगली नदी गरदाना गांव के चुना खेड़ा के पास वागन नदी में मिलती है। इस नदी में पानी की आवक होने से दो बड़े तथा पांच छोटे एनिकट भरने में काफी समय लग गया। शनिवार को बरसात कम होने के कारण नदी में पानी की आवक कम हो गई थी। ब्यावर एनिकट शनिवार रात छलक उठा। यहां से सीधा पानी हाइवे की पुलिया पार करते हुए घोसुंडा बांध में जाकर मिलता है। रविवार तड़के वागन नदी का यह बरसाती पानी घोसुंडा डेम में जा पहुंचा। रविवार को जब सभी एनिकट भर गए तो घोसुंडा बांध में पानी पहुंचा। देलवास निवासी किसान तेजपाल रेगर व होड़ा चौराहा निवासी शंभू लाल साहू का कहना है कि बांध में आवक जारी रहती है तो इस साल पेयजल संकट से ग्रामीण उबर जाएंगे वहीं आगामी फसल भी अच्छी होगी।
नीलिया महादेव का झरना पूरे वेग से बहने लगा
बस्सी क्षेत्र में पिछले दो-तीन दिन से अच्छी बारिश होने से नीलिया महादेव का झरना पूरे वेग के साथ बहने लगा है। अच्छी बारिश के बाद नीलिया महादेव का झरना पूरे वेग से बहने के साथ बहुत ही मनमोहक लग रहा है। झरने का पानी बल्दरखा, आंवलहेड़ा गांव होते हुए बेड़च नदी में गिरता है। झरना देखने कई लोग पहुंच रहे हैं।

ओराई डेम की रपट का पानी भी आना होगा शुरू
बस्सी क्षेत्र में लगातार अच्छी बारिश और पानी की आवक के कारण बस्सी बांध अब सिर्फ डेढ़ फीट खाली रह गया है। क्षेत्र में पिछले 2 दिन से हो रही अच्छी बारिश के कारण नदी, नालों से लगातार बस्सी बांध में पानी की आवक हो रही है। इससे बांध सिर्फ डेढ फीट खाली रह गया है। सोमवार तक बस्सी बांध पर चादर चलने की संभावना है। इसके अलावा बस्सी के समीप स्थित ओराई बांध भी रविवार शाम तक सिर्फ एक फीट खाली था जो रविवार रात को भरकर चादर चलने की संभावना है। इसकी रपट का पानी बस्सी बांध में आता है। बस्सी बांध जो शनिवार शाम तक 32 फीट भर चुका था। पानी की अच्छी आवक के कारण 1 दिन में बस्सी बांध दो फीट भर गया है। इसके अलावा मोडिया महादेव बांध की रपट का पानी पिछले 10 दिन से बस्सी बांध में आ रहा है। बस्सी बांध की कुल भराव क्षमता 36 फीट है।

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