इन नजारों से तो नहीं रूकेगा कोरोना संक्रमण

लॉकडाउन पांच में अनलॉक के बाद जो नजारे सामने आ रहे है उससे कोरोना संक्रमण के रोकथाम के प्रयास कागजी लग रहे है। सोशल डिस्टेंस की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही है। ये धज्जियां भी कोई दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों में नहीं बल्कि जिला मुख्यालय पर मुख्य मार्गो पर पुलिस व जिम्मेदारों की नजरों के सामने उड़ाई जा रही है। सरकार ने ऑटोरिक्शा में चालक के अलावा एक सवारी बिठाने की छूट दी। हालात ये है कि थ्री सीटर ऑटो के नाम से रजिस्टर्ड वाहन में आठ-दस सवारियां बिठाई जा रही है।

By: Nilesh Kumar Kathed

Published: 17 Jun 2020, 11:45 PM IST

चित्तौडग़ढ़. लॉकडाउन पांच में अनलॉक के बाद जो नजारे सामने आ रहे है उससे कोरोना संक्रमण के रोकथाम के प्रयास कागजी लग रहे है। सोशल डिस्टेंस की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही है। ये धज्जियां भी कोई दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों में नहीं बल्कि जिला मुख्यालय पर मुख्य मार्गो पर पुलिस व जिम्मेदारों की नजरों के सामने उड़ाई जा रही है। सरकार ने ऑटोरिक्शा में चालक के अलावा एक सवारी बिठाने की छूट दी। ऑटोरिक्शा चालकों ने पहले दो-तीन सवारी बिठाना शुरू किया। कोई कार्रवाई नहीं होने से हौंसले बढ़ते गए और अब तो हालात ये है कि थ्री सीटर ऑटो के नाम से रजिस्टर्ड वाहन में आठ-दस सवारियां बिठाई जा रही है। चालक सीट पर भी सवारी है। इतनी नजदीकी में संक्रमण फैलने का भारी खतरा होने के बावजूद कई सवारियों के मुंह पर मास्क भी नहीं होता। कुछ ऐसे ही हालात दुपहिया वाहनों पर भी हो रहे है। नियमों के तहत केवल चालक ही दुपहिया वाहन पर हो सकता, लेकिन हालात ये है कि दो सवारी तो आम बात लेकिन लोग पूरे परिवार के पांच-छह सदस्य भी एक दुपहिया वाहन पर बिठाने से नहीं कतरा रहे। बच्चों को बिना मास्क लगाए दुपहिया वाहन पर बिठा घूमाने से उनकी सेहत को भी खतरे में डाला जा रहा है। मास्क नहीं लगाने वाले ऐसे लोग पुलिस के सामने से भी गुजरते है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होने से उनके हौंसले निरन्तर बुलंद हो रहे है।

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