अधिक भीड़ पहुंची तो आमजन के लिए दर्शन उसी समय बंद

चित्तौडग़ढ़. नवरात्र में इस बार शक्तिपीठों पर भक्तों को मां के दर्शन के लिए पूरे कोरोना प्रोटोकॉल की पालना की जाएगी। अगर मंदिर में दर्शन के लिए एक साथ अधिक भीड़ पहुंची तो फिर आमजन के लिए दर्शन उसी समय बंद कर दिए जांगे। वहीं रविवार एवं अष्टमी को श्रद्धालुओं के लिए दर्शन नहीं होंगे।

By: Avinash Chaturvedi

Published: 17 Oct 2020, 10:07 AM IST

चित्तौडग़ढ़. नवरात्र में इस बार शक्तिपीठों पर भक्तों को मां के दर्शन के लिए पूरे कोरोना प्रोटोकॉल की पालना की जाएगी। अगर मंदिर में दर्शन के लिए एक साथ अधिक भीड़ पहुंची तो फिर आमजन के लिए दर्शन उसी समय बंद कर दिए जांगे। वहीं रविवार एवं अष्टमी को श्रद्धालुओं के लिए दर्शन नहीं होंगे।
चित्तौडग़ढ़ दुर्ग पर कालिका माता मंदिर पर मंगला आरती में आमजन भाग नहीं ले सकेंगे और उन्हें मंदिर के बाहर लगी टीवी पर लाइव दर्शन हो सकेंगे। वहीं नवरात्र को लेकर शुक्रवार को झांतला माता मंदिर में घट स्थापना कर दी गई है। शहर के दुर्ग स्थित कालिका माता मंदिर मेें रविवार को छोड़कर सभी दिन मंदिर खुलेंगे लेकिन अगर अधिक भीड़ पहुंची तो तत्काल ही मंदिर में आमजन के प्रवेश को बंद कर दिया जाएगा। इसके लिए मंदिर में सीसी कैमरे लगा दिए गए है। कैमरों में स्थिति देखने के बाद ही मंदिर में प्रवेश का निर्णय लिया जाएगा। वहीं मंगला आरती में किसी को भी प्रवेश नहीं दिया जाएगा। श्रद्धालु मंदिर के बाहर लगी टीवी पर ही मंगला आरती के दर्शन कर सकेंगे।

झांतला माता में दो दिन रहेंगे दर्शन बंद
वहीं पाण्डोली स्थित झांतला माता में शनिवार एवं रविवार को आमजन का प्रवेश नहीं हो सकेगा। बाकी दिनों में कोरोना गाइड लाइन के अनुसार श्रद्धालुओं को दर्शन कराया जाएगा। मंदिर के लाल जी गुर्जर ने बताया कि शुक्रवार को ही झांतला माता में घट स्थापना कर दी गई है। वहीं मंदिर में माता के किसी तरह का प्रसाद नहीं चढ़ाया जाएगा सिर्फ आरती के समय मंदिर के पुजारी की ओर से ही माता को भोग लगाया जाएगा। वहीं अष्टमी के दिन भी आमजन के लिए दर्शन बंद रहेंगे।

बगैर मेले के मनाई जाएगी नवरात्र
बेगूं. जोगणिया माताजी शक्तिपीठ पर इस बार बिना मेले एवं सांस्कृतिक आयोजन के नवरात्र मनाई जाएगी। शक्तिपीठ के अध्यक्ष सत्यनारायण जोशी के अनुसार नवरात्र के दौरान प्रतिदिन दोपहर 1 से 2 बजे तक आसींद के महंत केशवदास रामायण आधारित प्रवचन देंगे। सुबह 10 से 12 व सायं 4 से 6 बजे तक भानपुरा शंकराचार्यपीठ के जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी भागवत कथा का वाचन करेंगे। जो भक्तजन दर्शन, आरती, भागवत कथा आदि का धर्मलाभ लेना चाहते हैं वो घर बैठे ही लाइव दर्शन पूजन कर सकते हैं। जोशी ने बताया कि नवरात्र में मेला नहीं भरेगा। यहां रामलीला, भजन संध्या नहीं होंगे। बाहर से आने वाले दुकानदारों को जगह उपलब्ध नहीं होगी। जोगणियामाता क्षेत्र में रात्रि विश्राम की अनुमति नहीं होगी। स्थाई दुकानदारों को भी कोविड 19 के प्रोटोकॉल की पालना करना अनिवार्य होगा।

दर्शन पर रोक के बावजूद पहुंचे कई श्रद्धालु
भदेसर. प्रख्यात कृष्ण धाम सांवलिया जी मंदिर में जिला प्रशासन की रोक के बावजूद भी अमावस्या पर कई भक्त यहां पहुंचे। इसके अलावा अनगढ़ बावजी, होड़ा मंगरा हनुमान जी मंदिर में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे।
जिला कलक्टर के आदेश पर सांवलिया जी मंदिर में रविवार तथा चतुर्दशी व अमावस्या पर दर्शनार्थियों के दर्शन की व्यवस्था कोरोना संक्रमण के चलते बंद कर रखी है। लेकिन कई श्रद्धालु वर्षों से अमावस्या के अवसर पर पदयात्रा तथा वाहनों से दर्शन करने आते हैं। उन श्रद्धालुओं के क़दम विशेष परिस्थिति में भी नहीं रुक पा रहे है। शुक्रवार को तड़के से ही पदयात्री तथा वाहनों से आने वाले श्रद्धालुओं का यहां पहुंचना शुरू हो गया। श्रद्धालु मंदिर के सिंहद्वार पर ही नतमस्तक होकर वापस अपने गंतव्य पर लौट गए। अब सांवलिया जी मंदिर के दर्शन शनिवार को हो सकेंगे पुन: रविवार को बंद रहेंगे। इधर क्षेत्र के अनगढ़ बावजी तीर्थ स्थल पर भी अमावस्या पर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। होड़ा मंगरा हनुमान जी मंदिर तथा भदेसर भैरुजी व अन्य तीर्थ स्थलों पर लोगों की आवक जावक रही।

नवरात्र में दर्शन की व्यवस्था रहेगी बंद
भदेसर. मेवाड़ की आराध्य देवी मां आसावरा माता में कोविड 19 की पालना में श्रद्धालुओं के लिए नवरात्र मेें दर्शन की व्यवस्था बंद रहेगी, जबंकि नवरात्र के धार्मिक आयोजन विधि विधान के साथ परंपरागत व सुचारू रहेंगे।
प्रमुख शक्तिपीठ आसावरा माता में आसोजी नवरात्र पर न केवल चित्तौडग़ढ़ जिले के बल्कि विशेष रूप से राजसमंद व उदयपुर जिले के सैकड़ों श्रद्धालु नवरात्र पर दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इस वर्ष कोरोना संक्रमण के चलते एकलिंगजी ट्रस्ट के अधीन आने वाले आसावरा माता मंदिर में दर्शन की व्यवस्था श्रद्धालुओं के लिए नवरात्र स्थापना दिवस शनिवार से ही बंद हो जाएगी जो 23 अक्टूबर को दुर्गा अष्टमी के दिन हवन के दूसरे दिन खोली जाएगी। यह निर्णय ट्रस्ट द्वारा लिया गया है। मंदिर के स्थानीय प्रबंधक राम सिंह चौहान ने बताया कि इस बारे में प्रशासन को भी अवगत कराया जा चुका हैं। इधर आसावरा माता मंदिर में नवरात्र स्थापना की खडग़ पूजन शनिवार प्रात: 8.15 होगी तथा पूर्णाहुति 23 अक्टूबर को होगी। नवरात्र का मेला आयोजन नहीं होने से यहां के दौ सौ से ज्यादा मनिहारी, प्रसाद व किराना व्यवसाई को आघात लगा है। पिछले चार पांच महीने से लॉक डाउन का दंश झेल चुके व्यवसायियों को इस नवरात्र से बहुत बड़ी आशा थी, लेकिन मेला आयोजन नहीं होने के कारण सभी व्यवसायी हताश है। श्रीसांवलियाजी मंदिर परिसर में प्राचीन चामुंडा माता मंदिर में भी नवरात्र के आयोजन पर रोक लगा दी है। सांवलिया जी मंदिर मंडल के सीईओ मुकेश कलाल ने नवरात्र के दौरान मंदिर परिसर में नवरात्र के अवसर पर किसी तरह के धार्मिक अनुष्ठान करने पर रोक लगा दी है।

Avinash Chaturvedi
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