भगवान हनुमान की विशाल प्रतिमा के दर्शन-पूजा के लिए उमड़े भक्त


एक झलक पाने को बेताब रहे भक्तगण
हनुमान प्रतिमा की भीलवाड़ा से प्रयागराज यात्रा



चित्तौडग़ढ़. संकटमोचन हनुमान मंदिर भीलवाड़ा से प्रयागराज के लिए शुरू हुई ६४ टन वजनी व २८ फीट लंबे हनुमानजी की संगम स्नान यात्रा के चित्तौडग़ढ़ पहुंचने के बाद शुक्रवार को दिनभर दर्शनों के लिए भक्तों की भीड़ रही। रात में ही यहां पहुंच गर्ई यात्रा के बाद सुबह ९ बजे से महाराणा प्रताप सेतु मार्ग स्थित खरड़ेश्वर महादेव मंदिर के नजदीक प्रतिमा के दर्शन व पूजा शुरू हो गई। यात्रा का नेतृत्व कर रहे मंदिर के महन्त बाबूगिरी महाराज एवं हजारेश्वर महादेव मंदिर के महन्त चन्द्रभारती महाराज ने आरती की। यात्रा में एक ट्रोले पर हनुमानजी की ये विशालकाय प्रतिमा रखी गई है। भक्तगण लेटे हुए हनुमानजी की इस विशालकाय प्रतिमा का दर्शन करने को लालायित दिखे। रात १० बजे तक दर्शनों के लिए भक्तों की भीड़ लगी रही। मार्ग से गुजर रहे लोग भी वाहन रोक एक बार प्रतिमा की झलक पाने व पूजा करने को बेताब रहे। महिलाओं के साथ बच्चें व बुर्जुग भी हनुमान भक्ति व दर्शनों में पीछे नहीं रहे। मार्ग से गुजरने वाले अधिकारी व जनप्रतिनिधि भी दर्शनों के लिए पहुंचे। दर्शनों की व्यवस्था बनाने में खरडिय़ा महादेव मंदिर समिति के अध्यक्ष चन्द्रेश वैष्णव, बजरंग दल अध्यक्ष मुकेश नाहटा, पंडित अरविन्द भट्ट आदि सहयोग करते रहे। रात में दर्शनों के लिए रोशनी का प्रबन्ध भी किया गया। हनुमान प्रतिमा की भीलवाड़ा से प्रयागराज यात्रा सुबह ९.३० बजे पूजा आरती के बाद चित्तौडग़ढ़ से बेगूं के लिए रवाना हो जाएगी।

संतों ने की पूजा अर्चना
हनुमान प्रतिमा की पूजा करने के लिए संत भी वहां पहुंचे। चन्द्रभारती महाराज के साथ दुर्ग के कालिका माता मंदिर के महन्त रामनारायण पुरी, नीलकंठ महादेव मंदिर के महन्त जगन्नाथ भारती आदि संतो नें भी हनुमानजी की प्रतिमा की पूजा की।

सोशल मीडिया पर छा गई यात्रा
चित्तौडग़ढ़ में पहली बार इतनी विशाल हनुमान प्रतिमा आने से भक्तों में खुशी का माहौल रहा। सोशल मीडिया पर भी यात्रा छा गई। दर्शन के लिए आने वाले भक्तगण प्रतिमा के साथ सेल्फी लेने के साथ दर्शन के वीडियो बना उसे वायरल करते रहे। सोशल मीडिया पर छाए वीडियो को देख आसपास के गांवों से भी सैकड़ो भक्त हनुमान प्रतिमा के दर्शनों के लिए पहुंचे।

जहांं हनुमानजी की इच्छा होगी वहीं बनेगा मंदिर
यात्रा का नेतृत्व कर रहे महन्त बाबूगिरी महाराज ने पत्रिका को बताया कि करीब एक माह में २१०० किलोमीटर की यात्रा पूर्ण कर प्रतिमा प्रयागराज पहुचेंगी जहां हनुमान प्रतिमा को गंगा में स्नान कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि ये प्रतिमा कहां स्थापित होगी इस बारे में अभी कुछ भी तय नहीं हुआ है। जहां हनुमानजी की इच्छा होगी वहीं उनका मंदिर बनेगा। उन्होंने कहा कि चित्तौडग़ढ़ शहर में भक्तों का पूरा सहयोग मिला। यात्रा मार्ग में भी जहां-जहां भी ये प्रतिमा पहुंची लोग दर्शन करने के लिए उत्सुक दिखे।

Nilesh Kumar Kathed Bureau Incharge
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