करगिल की कठिन परिस्थितियों में भी देखते देश रक्षा का सपना

करगिल की कठिन परिस्थितियों में भी देखते देश रक्षा का सपना

Nilesh Kumar Kathed | Updated: 26 Jul 2019, 03:52:15 PM (IST) Chittorgarh, Chittorgarh, Rajasthan, India

सैनिक स्कूल में सात वर्ष पढ़े कर्नल जगदीश राव दो वर्ष रहे करगिल क्षेत्र में तैनात
मुसीबत में भी कम नहीं होता देश सेवा का जज्बा



चित्तौडग़ढ़. सैनिक स्कूल में वर्ष 1983 से 1990 तक पढ़ाई करने के बाद भारतीय सेना में जाने वाले कर्नल जगदीश राव वर्तमान में कश्मीर घाटी में तैनात है। करगिल युद्ध के कुछ माह बाद ही उस क्षेत्र में करीब दो वर्ष तक तैनात रहे कर्नल राव के अनुसार करगिल की भौगोलिक परिस्थितियां बहुत मुश्किल वाली है लेकिन देश सेवा का सपना देखने वाले जांबाजों का उत्साह इससे कम नहीं होता है। उन्होंने पत्रिका को फोन पर हुई बातचीत में बताया कि करगिल की 14 से 18 हजार फीट ऊंची चौटियों पर आक्सीजन भी पूरी नहीं मिल पाती उसके बावजूद उनके व जवानों के मन में हमेशा एक ही भाव रहा कि किसी भी कीमत पर देश के गौरव को आंच नहीं आए। राजस्थान के गंगानगर क्षेत्र निवासी राव के अनुसार करगिल में उनकी तैनातगी के दौरान कई बार पाकिस्तान की तरफ से गोलाबारी होती रही लेकिन भारतीय जांबाजों ने मुंहतोड़ जवाब देकर उनकी बंदूकों का मुंह बंद करा दिया। उन्होंने कहा कि करगिल वार से भारतीय सेना को ये भी अनुभव हुआ कि सेना की कोई टुकड़ी अचानक मैदानी क्षेत्रों से ऊंचाईयों पर बर्फीली चोटियों पर पहुंचती है तो किन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना अपने राष्ट्र की रक्षा करने एवं दुश्मन की हर नापाक हरकत का मुंह तोड़ जवाब देने मे कभी पीछे नहीं रहने वाली। सेना की राष्ट्ररक्षा की गौरवशाली परम्परा युवाओं को इससे जुडऩे के लिए प्रेरित करती है।

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned