चित्तौड़गढ़

डंपर ने कहां पर छीन ली बेटे सहित दो की सांसें, पिता घायल

चित्तौडग़ढ़-भीलवाड़ा मार्ग स्थित कपासन चौराहे पर बुधवार दोपहर डंपर की टक्कर से मोटरसाइकिल पर सवार बेटे सहित दो जनो की मौत हो गई और पिता घायल हो गया।

चित्तौड़गढ़Mar 13, 2019 / 11:47 pm

Nilesh Kumar Kathed

डंपर ने कहां पर छीन ली बेटे सहित दो की सांसें, पिता घायल


चित्तौडग़ढ़. चित्तौडग़ढ़-भीलवाड़ा मार्ग स्थित कपासन चौराहे पर बुधवार दोपहर डंपर की टक्कर से मोटरसाइकिल पर सवार बेटे सहित दो जनो की मौत हो गई और पिता घायल हो गया। मौके से भागे डंपर को कोतवाली पुलिस ने जब्त कर लिया। जानकारी के अनुसार पारसोली थानान्तर्गत जोधपुरिया गांव में रहने वाला रतनलाल (४०) पुत्र देवीलाल सुथार, उसका पन्द्रह वर्षीय पुत्र कन्हैयालाल सुथार व गांव का ही रामलाल (६०) पुत्र जयचंद जाट बुधवार दोपहर सांवलियाजी अस्पताल से मोटरसाइकिल पर अपने गांव जोधपुरिया के लिए रवाना हुए थे। कपासन चौराहे पर चालक की लापरवाही से एक डंपर ने मोटरसाइकिल को पीछे से टक्कर मार दी, इससे कन्हैयालाल व रामलाल की दुर्घटना स्थल पर ही मौत हो गई व मोटरसाइकिल चला रहा रतनलाल घायल हो गया। दुर्घटना के बाद डंपर लेकर चालक भाग छूटा, जिसे कोतवाली पुलिस ने जब्त कर लिया। दुर्घटना स्थल पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गई। संयोगवश रोगी को छोड़कर कपासन लौट रही १०८ एंबुलेंस के पायलट राकेश भट्ट व नर्सिंगकर्मी कृष्ण कुमार को दुर्घटना की जानकारी मिली तो वे मृतकों व घायलों को लेकर सांवलियाजी अस्पताल पहुंचे। रतनलाल को मंगलवार रात ही सीने में दर्द की शिकायत पर यहां सांवलिया जी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
उसको आखिर मौत खींच लाई
जोधपुरिया गांव में रहने वाला रामलाल जाट मंगलवार रात को रतन को सीने में दर्द की शिकायत होने पर उसके साथ सांवलियाजी अस्पताल पहुंचा था। अस्पताल में भर्ती हुए रतनलाल की वह रात भर सार-संभाल करता रहा और बुधवार को सुबह उसकी दुर्घटना में मौत हो गई।
काश! बेटे की बात नहीं मानी होती
रतनलाल अस्पताल में भर्ती था। सीने में दर्द की शिकायत के कारण उसका उपचार चल रहा था और बुधवार को अस्पताल से उसे छुट्टी नहीं मिली थी। बेटे कन्हैयालाल ने पिता रतन से कहा कि एक बार जोधपुरिया चलते हैं। घर पर खाना खाकर वापस अस्पताल आ जाएंगे और रामलाल को भी गांव छोड़ देंगे। बेटे की बात मानकर रतन रामलाल व कन्हैयालाल को साथ लेकर मोटरसाइकिल पर जोधपुरिया के लिए रवाना हो गया, लेकिन कपासन चौराहे पर ही डंपर ने रतन की आंखों के सामने उसके बेटे कन्हैयालाल और साथ आए रामलाल की सांसें छीन ली।
आंखों के सामने चला गया मेरा लाल
अस्पताल में लोग रतनलाल को ढाढस बंधाते रहे कि उसके बेटे का इलाज चल रहा है। वह ठीक हो जाएगा, लेकिन रतनलाल की रूलाई और फूट पड़ी। वह कहने लगा कि मेरी आंखों के सामने मेरा लाल चला गया। गमगीन माहौल में उसके आसपास खड़े लोगों की भी आंखें भर आई।
 

 
Copyright © 2024 Patrika Group. All Rights Reserved.