बरसात नहीं हुई तो बढ़ गई साढ़े तीन करोड़ यूनिट की खपत

चित्तौडग़ढ़. इस बार जिले में मानसून पूरी तरह से सक्रिय नहीं है। ऐसे में मानसून की देरी ने विद्युत विभाग की चिन्ताओं को बढ़ा दिया है। बरसात में हुई देरी ने केवल 22 दिनों में ही करीब डेढ़ करोड़ यूनिट बिजली की खपत बढ़ा दी है। ऐसे में निगम को इस बात की भी चिन्ता सता रही है कि जिले में बढ़ती बिजली के मांग के साथ ही चोरी का आंकड़ा भी बढ़ जाएगा।

By: Avinash Chaturvedi

Published: 27 Jul 2020, 10:44 PM IST

चित्तौडग़ढ़. इस बार जिले में मानसून पूरी तरह से सक्रिय नहीं है। ऐसे में मानसून की देरी ने विद्युत विभाग की चिन्ताओं को बढ़ा दिया है। बरसात में हुई देरी ने केवल 22 दिनों में ही करीब डेढ़ करोड़ यूनिट बिजली की खपत बढ़ा दी है। ऐसे में निगम को इस बात की भी चिन्ता सता रही है कि जिले में बढ़ती बिजली के मांग के साथ ही चोरी का आंकड़ा भी बढ़ जाएगा।
जिले में गत वर्ष जुलाई माह में मानूसन सक्रिय हो गया था। ऐसे में किसानों को अपनी फसलों की सिंचाई के लिए ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ी। इस बार श्रावण मास समाप्त होने में करीब एक सप्ताह बाकी है लेकिन मानसून की सक्रियता पूरी तरह नहीं है। मानसून की आस में किसानों ने पर्व में ही खेतों में बुवाई कर दी थी। अब बरसात नहीं होने से किसानों को अपनी फसलों को बचाने के लिए कुएं पर लगी मोटरों को चलाकर सिंचाई करनी पड़ रही है। ऐसे में जिले में जुलाई माह में बिजली की मांग एकाएक बढ़ गई है। जुलाई में गत वर्ष के मुकाबले इस वर्ष 21 दिनों में ही डेढ़ करोड़ यूनिट बिजली की खपत बढ़ गई है। जहां पर गत वर्ष जुलाई माह में वर्ष 2019-20 में जहां पर जुलाई माह में बिजली की खपत 918.68 लाख यूनिट थी वहीं इस बार जुलाई माह में बढ़कर 1274.92 लाख यूनिट की खपत बढ़ गई है। इस हिसाब से 359.24 लाख यानि साढ़े तीन करोड़ से अधिक यूनिट की खपत बढ़ गई। इसमें उद्योगों को बिजली भार करीब डेढ़ करोड़ यूनिट बढ़ा है। जहां पर गत वर्ष उद्योगों ने जुलाई माह में 216.14 लाख की बिजली का उपभोग किया था वहीं इस वर्ष जुलाई में 359.24 लाख यूनिट बिजली की खपत पिछले 25 दिनों में हो गई है। इस हिसाब से जुलाई माह में उद्योगों में 144 लाख यूनिट अधिक बिजली की खपत हुई है।
निगम की यहां पर चिन्ता में
उद्योगों में बढ़ी बिजली की खपत को लेकर निगम को कोई परेशानी नहीं है लेकिन बरसात नहीं होने से बढ़ी बिजली की खपत को लेकर अजमेर विद्युत वितरण निगम की चिन्ता बढ़ गई है। जिले में गैर औद्योगिक बिजली की खपत को लेकर चिन्ता में है। गत वर्ष गैर औद्योगिक बिजली की खपत जुलाई माह में 703.54 लाख यूनिट थी जो इस बार बढ़कर 918.74 लाख यूनिट हो गई। अर्थात 215.24 लाख यूनिट बिजली की खपत बढ़ गई है।
बिजली चोरी भी बढ़ेगी
बिजली की खपत बढऩे के साथ ही जहां पर उद्योगों में बढ़ी खपत पर निगम के चेहरे खिले है वहीं गैर औद्योगिक खपत पर के बाद बिजली चोरी बढऩे की भी आशंका बढ़ गई है। निगम इस बात को लेकर आशंकित है कि ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में सिंचाई के लिए बिजली चोरी होगी और उसका नुकसान निगम को उठाना पड़ेगा।

इनका कहना है...
गत वर्ष जुलाई माह के मुकाबले इस वर्ष करीब साढ़े तीन करोड़ यूनिट से अधिक बिजली की खपत जुलाई के २१ दिनों में ही बढ़ गई है। इसमें औद्योगिक खपत करीब डेढ़ करोड़ यूनिट बड़ी है। इससे विद्युत चोरी का आंकड़ा भी बढ़ेगा। इसका प्रमुख कारण मानसून को सक्रिय नहीं होना है। वहीं ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र में भी लगातार विद्युत आपूर्ति करना है।
के.आर.मीणा, अधीक्षण अभियंता, एवीवीएनएल चित्तौडग़ढ़

Avinash Chaturvedi
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