scriptFifty thousand laborers on the edge of death | मौत के मुहाने पचास हजार मजदूर | Patrika News

मौत के मुहाने पचास हजार मजदूर

locationचित्तौड़गढ़Published: Sep 28, 2022 10:38:56 pm

Submitted by:

jitender saran

परिवार के लिए महज दो वक्त की रोटी जुटाने के खातिर क्रेशर, क्वार्टज पत्थर तोडऩे, ग्राइंडिंग, ईंट भट्टों पर मजदूरी कर दो पैसे कमाने के फेर में प्रदेश के हजारों मजदूर खुद को लाइलाज बीमारी सिलिकोसिस का दर्द दे रहे हैं। वह भी यह जानते हुए कि एक न एक दिन यह बीमारी सांसें छीन सकती है।

मौत के मुहाने पचास हजार मजदूर
मौत के मुहाने पचास हजार मजदूर
जितेन्द्र सारण चित्तौडग़ढ़. परिवार के लिए महज दो वक्त की रोटी जुटाने के खातिर क्रेशर, क्वार्टज पत्थर तोडऩे, ग्राइंडिंग, ईंट भट्टों पर मजदूरी कर दो पैसे कमाने के फेर में प्रदेश के हजारों मजदूर खुद को लाइलाज बीमारी सिलिकोसिस का दर्द दे रहे हैं। वह भी यह जानते हुए कि एक न एक दिन यह बीमारी सांसें छीन सकती है।
इसे गरीबी का दंश कहें या परिवार का पेट पालने को लेकर रोजगार कमाने के लिए मारामारी पर सच तो यह है कि प्रदेश में देखते ही देखते सिलिकोसिस के मरीजों की संख्या ने पचास हजार का आंकड़ा पार कर लिया। आठ-दस साल पहले चित्तौडग़ढ़ जिले में सिलिकोसिस के सिर्फ १४ रोगी थे। अब इनकी संख्या २११ से पार हो गई है। इन्हें सरकार की ओर से हर माह डेढ हजार रूपए पेंशन दी जा रही है। जिले में सिलिकोसिस के २६२ रोगियों की मौत हो चुकी है, जिनकी विधवाओं को पेंशन दी जा रही है। प्रदेश में सर्वाधिक ७ हजार ३५१ सिलिकोसिस रोगी जोधपुर जिले में पाए गए हैं। हालाकि इन्हें आर्थिक सहायता देने का भी दावा किया जा रहा है। किसी समय प्रदेश के आठ जिलों में ही सिलिकोसिस रोगी थे। अब प्रदेश के हर जिले में इस रोग की चपेट में आ चुके मजदूर मौजूद है।
जो श्रमिक क्रेशर, क्वार्टज पत्थर तोडऩे, ग्राइंडिंग, ईंट भट्टों पर काम कर रहे हैं। ऐसे श्रमिकों में सिलिकोसिस नाम का व्यावसायिक रोग होने की आशंकाएं बढ़ जाती हैं। चित्तौड़ जिले के कई श्रमिक जिले से बाहर पत्थर पिसाई का भी काम करते हैं। इस रोग के शुरुआत में खांसी के लक्षण के चलते चिकित्सक भी टीबी का इलाज दे देते हैं, लेकिन मर्ज जस का तस रहता है, चिकित्सकीय भाषा में उसे अक्यूट सिलिकोसिस कहते हैं, लेकिन मर्ज ऐसा लग जाता है कि पीछा छोडऩे का नाम ही नहीं लेेता।
सरकार ने कर रखी यह व्यवस्था
सिलिकोसिस नीति २०१९ के अनुसार इस रोग की पुष्टि होने के बाद पीडि़तों व उनके आश्रितों के लिए सहायता व पुनर्वास की व्यवस्था है। रोग का प्रमाणीकरण होते ही रोगी के खाते में सरकार तीन लाख रूपए जमा करवाती है। इसके अलावा रोगियों के बच्चों का पालनहार योजना में चयन कर लिया जाता है।
किस जिले में कितने रोगी
सरकारी आंकड़ों के अनुसार अजमेर में ११३५, अलवर २५८, बांसवाड़ा ९३, बारां २५, बाड़मेर ६९०, भरतपुर ३ हजार, भीलवाड़ा में १२५०, बीकानेर १३२, बूंदी में ४२४, चित्तौडग़ढ़ में २१५, चुरू में ३९, दौषा १८६०, धौलपुर १८५४, डूंगरपुर में २१, जयपुर में ६३३, जैसलमेर १०६, जालोर ७६, झालावाड़ १२१, झुंझुनू ५०, जोधुपर ७ हजार ३५१, करौली में ४ हजार २४५, कोटा में २४४, नागौर में १७९८, पाली में ११६७, प्रतापगढ़ में १६, राजसमंद १२७, सवाईमाधोपुर में १९८, सीकर २१३, सिरोही में ३ हजार १६३, टौंक ९४ तथा उदयपुर जिले में पंजीकृत सिलिकोसिस रोगियों की संख्या १२६१ हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार हनुमानगढ़ व गंगानगर में एक भी सिलिकोसिस रोगी नहीं है।
सिलिका से होता सिलिकोसिस
सिलिका का रासायनिक नाम सिलिका डायोक्साइड है। इसके तीन मुख्य रूप हैं। क्रिस्टोबेलाइट, क्वार्टज और ट्रायडायमाइट। उद्योगों में अधिकतर उपयोग सिलिका क्वार्टज का होता है। सिलिका से जुड़े उद्योगों में विभिन्न प्रक्रियाओं के दौरान पत्थर तोडऩे, घिसने या पीसने से जो धूल निकलती है, उसे सिलिका धूल कहते हैं। इससे फेंफड़ों को स्थायी नुकसान होता है। फेंफड़ों को हानि पहुंचाने वाला यह रोग सिलिकोसिस के नाम से जाना जाता है। अन्तरराष्ट्रीय कैंसर अनुसंधान अभिकरण के अनुसार सिलिका धूल से कैंसर भी हो सकता है।
कैसे होता है सिलिकोसिस
क्रेशर गिट्टी, पत्थर तोडऩे, घिसने या पीसने से जो सिलिका धूल निकलती है, उसके कण श्वास नलिकाओं से होते हुए फेंफड़ों तक पहुंच जाते हैं और निरंतर जमा होते रहते हैं। धीरे-धीरे फेंफड़ों में तंतुपेशी उत्पन्न हो जाती है, जो फाइब्रोसिस के नाम से जानी जाती है। इन वायु कोषों का तंतुपेशीकरण ही सिलिकोसिस कहलाता है।
क्षय रोग जैसे लक्षण
सिलिकोसिस के अधिकतर लक्षण क्षय रोग जैसे होते हैं। इसमें रोगी को सूखी खांसी, बलगम के साथ खांसी, श्रम करने से सांस फूलने, बलगम के साथ रक्त आने, भूख कम लगने, वजन कम होने और कभी-कभी बुखार आने की भी शिकायत होती हैं।
एड्स को भी मात
एड्स रोगियों के लिए तो प्रतिरोधक क्षमता बढाने के लिए चिकित्सालयों में दवा उपलब्ध है, लेकिन सिलिकोसिस एक ऐसी बीमारी है, जो एक बार लगने के बाद मरीज की जान लेने के बाद ही छूटती है। चिकित्सकों की मानें तो सिलिका युुक्त कणों को शरीर में जाने से रोकना ही इस बीमारी का बचाव है।
गुजरात में हुआ था सर्वेक्षण
वर्ष २००३ में गुजरात के १३४ पूर्व कामगारों में सिलिकोसिस और सिलिको क्षय रोग की मात्रा जानने के लिए एक सर्वेक्षण किया गया था। पूर्व कामगारों में सिलिकोसिस की मात्रा १७.९ प्रतिशत और क्षय रोग की मात्रा २४.७ प्रतिशत पाई गई। इन कामगारों ने सिर्फ औसत ३२ माह ही काम किया था। इनमें ६ प्रतिशत निर्बधात्मक, २०.९ प्रतिशत बाधात्मक और १०.४ प्रतिशत कामगारों में संयुक्त रूप से फुफ्फुस क्षति पाई गई थी। इन कामगारों की औसत आयु ३२ वर्ष ही हैं। इन्हें बाकी का जीवन इस बीमारी के साथ अपाहिज की भांति ही जीना होगा।

सम्बधित खबरे

सबसे लोकप्रिय

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

Weather Update: राजस्थान में बारिश को लेकर मौसम विभाग का आया लेटेस्ट अपडेट, पढ़ें खबरTata Blackbird मचाएगी बाजार में धूम! एडवांस फीचर्स के चलते Creta को मिलेगी बड़ी टक्करजयपुर के करीब गांव में सात दिन से सो भी नहीं पा रहे ग्रामीण, रात भर जागकर दे रहे पहरासातवीं के छात्रों ने चिट्ठी में लिखा अपना दुःख, प्रिंसिपल से कहा लड़कियां class में करती हैं ऐसी हरकतेंनए रंग में पेश हुई Maruti की ये 28Km माइलेज़ देने वाली SUV, अगले महीने भारत में होगी लॉन्चGanesh Chaturthi 2022: गणेश चतुर्थी पर गणपति जी की मूर्ति स्थापना का सबसे शुभ मुहूर्त यहां देखेंJaipur में सनकी आशिक ने कर दी बड़ी वारदात, लड़की थाने पहुंची और सुनाई हैरान करने वाली कहानीOptical Illusion: उल्लुओं के बीच में छुपी है एक बिल्ली, आपकी नजर है तेज तो 20 सेकंड में ढूंढकर दिखाये

बड़ी खबरें

महाराष्ट्र: बल्लारशाह रेलवे स्टेशन पर फुटओवर ब्रिज का हिस्सा गिरा, 20 यात्री घायल, 8 की हालत गंभीरGujarat Elections 2022: PM मोदी का कांग्रेस पर निशाना, कहा- देश में चरम पर था आतंकवादश्रद्धा मर्डर केस: सोमवार को आफताब के नार्को टेस्ट के लिए FSL में तैयारी, जानिए तिहाड़ में कैसे गुजरी पहली रातराजस्थान में बैकफुट पर कांग्रेस, पार्टी में फूट का डर, गहलोत खेमा शांत, पायलट समर्थक मुखरकेजरीवाल का बड़ा दावा! बोले- लिख कर देता हूं गुजरात में बन रही AAP की सरकारBJP का केजरीवाल पर हमला, संबित पात्रा बोले, सत्येंद्र जैन के लिए जेल में रखे गए हैं 10 लोगपूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद सहारनपुर दो दिवसीय दौरे पर, कई कार्यक्रमों में करेंगे शिरकतमन की बात में पीएम मोदी ने कहा, जी-20 की अध्यक्षता मिलना गौरव की बात
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.