चालीस वर्षो में पहली बार केवल हवन कर वीरांगनाओं को नमन

आन बान शान और नारी के सम्मान की रक्षा के लिए अपने प्राणोंत्सर्ग कर चित्तौडग़ढ़ दुर्ग पर जौहर करने वाली वीरांगनाओं को चैत्र कृष्ण एकादशी पर 1981 के बाद पहली बिना शोभायात्रा व सभा ही श्रद्धाजंलि दी गई। कोरोना वायरस के चलते जौहर श्रद्धाजंलि समारोह के तीन दिवसीय आयोजन निरस्त करने के बाद गुरूवार को मुख्य दिवस होने पर जौहर स्म़ृति संस्थान ने जौहर स्थल पर ज्वाला प्रज्वलित की एवं यज्ञ-हवन में आहूतियां देकर वीरांगनाओं के बलिदान का स्मरण किया।

By: Nilesh Kumar Kathed

Updated: 19 Mar 2020, 10:55 PM IST

चित्तौडग़ढ़. आन बान शान और नारी के सम्मान की रक्षा के लिए अपने प्राणोंत्सर्ग कर चित्तौडग़ढ़ दुर्ग पर जौहर करने वाली वीरांगनाओं को चैत्र कृष्ण एकादशी पर 1981 के बाद पहली बिना शोभायात्रा व सभा ही श्रद्धाजंलि दी गई। कोरोना वायरस के चलते जौहर श्रद्धाजंलि समारोह के तीन दिवसीय आयोजन निरस्त करने के बाद गुरूवार को मुख्य दिवस होने पर जौहर स्म़ृति संस्थान ने जौहर स्थल पर ज्वाला प्रज्वलित की एवं यज्ञ-हवन में आहूतियां देकर वीरांगनाओं के बलिदान का स्मरण किया। हवन से पूर्व जौहर स्मृति संस्थान के अध्यक्ष तख्तसिंह सोलंकी एवं महामंत्री मंगलसिंह खंगारोत के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने सुबह सबसे पूर्व जौहर मंदिर में दीप जला वीरांगनाओं के चित्र पर पुष्पअर्पित किए। इसके बाद स्मारक पूजा समिति के जसवंतसिंह व नरेन्द्रसिंह पुठौली के निर्देशन में भोईखेड़ा स्थित गोरा-बादल पैनोरमा, राणा सांगा बाजार में लगी महाराणा सांगा की प्रतिमा, पाडऩपोल स्थित महारावत बाघसिंह की छतरी, राव जयमल के स्मारक, दुर्ग पर बाणमाता मंदिर, नीलकंठ महादेव मंदिर आदि स्थानों पर पूजा अर्चना की गई। इसके बाद दुर्ग पर जौहर स्थल पर यज्ञ-हवन शुरू हुआ। इसमें विधायक चन्द्रभान सिंह आक्या के साथ जौहर स्मृति संस्थान के अध्यक्ष सोलंकी, महामंत्री खंगारोत, वरिष्ठ उपाध्यक्ष शक्तिसिंह मुरलिया, भगवतीदेवी झाला, संयुक्त मंत्री गजराजसिंह बराड़ा, पूर्व उप जिला प्रमुख जनकसिंह, कानसिंह सुवावा आदि भी शामिल हुए और आहूतियां दी। यज्ञ पंडित कमलेश भट्ट, देवेन्द्रसिंह शेखावत व सीमा श्रीमाली ने पूर्ण कराया। जौहर भवन में भीलवाड़ा के पूर्व सांसद हेमेन्द्रसिंह बनेड़ा ने भी पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की।

पूछकर ही आने दिया जौहर स्थल तक
कोरोना वायरस के चलते ३१ मार्च तक दुर्ग बंद किए जाने से यज्ञ-हवन के लिए जौहर स्थल पर विशेष व्यवस्था की गई थी। आयोजन से जुड़े लोगों को ही वहां तक जाने की अनुमति थी। इसके अलावा किसी को वहां तक नहीं जाने दिया गया। सुरक्षा गार्ड जौहर स्थल की तरफ जाने वालों से पूछताछ करते रहे।

जौहर ज्योति मंदिर में रात्रि जागरण
चित्तौडग़ढ़. जौहर क्षत्राणी संस्था की ओर से जौहर स्मृति संस्थान परिसर में बने जौहर ज्योति मंदिर में बुधवार रात पूजा अर्चना कर जागरण किया गया। अध्यक्ष निर्मलाकंवर राठौड़ ने बताया कि इस दौरान कोरोना वायरस जैसी महामारी का प्रकोप देशवासियों पर ना हो इसके लिए प्रार्थना की गई। क्षत्राणियों ने कहा कि मां पद्मिनी ने चित्तौड़ दुर्ग पर सर्वस्व अपर्ण करे स्वाभिमान को बचाने के लिए जो त्याग और बलिदान किया उसे कभी भी नहीं भुला पाएंगे। क्षत्राणियों ने जौहर करने वाली वीरांगनाओं के चित्र पर पुष्प भी अर्पित किए।

Nilesh Kumar Kathed
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned