सत्ता से संगठन तक दिखेगा कांग्रेस की कमान बदलने का असर

राजस्थान में सत्ताधारी कांग्रेस की कमान अब सचिन पायलट के नहीं बल्कि शिक्षा मंत्री गोविन्दसिंह डोटासरा के हाथ में आ गई है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के खास समर्थक डोटासरा को ये जिम्मेदारी मिलने का असर राज्य के अन्य जिलों के साथ चित्तौडग़ढ़ में भी दिखना तय माना जा रहा है। पिछले पांच वर्ष से अधिक समय से पायलट के हाथ में पार्टी की कमान होने से जिले में संगठन में भी उनके समर्थकों का वर्चस्व दिख रहा था।

By: Nilesh Kumar Kathed

Published: 15 Jul 2020, 12:55 AM IST

चित्तौडग़ढ़. राजस्थान में सत्ताधारी कांग्रेस की कमान अब सचिन पायलट के नहीं बल्कि शिक्षा मंत्री गोविन्दसिंह डोटासरा के हाथ में आ गई है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के खास समर्थक डोटासरा को ये जिम्मेदारी मिलने का असर राज्य के अन्य जिलों के साथ चित्तौडग़ढ़ में भी दिखना तय माना जा रहा है। पिछले पांच वर्ष से अधिक समय से पायलट के हाथ में पार्टी की कमान होने से जिले में संगठन में भी उनके समर्थकों का वर्चस्व दिख रहा था। वर्तमान जिलाध्यक्ष मांगीलाल धाकड़ भले स्वयं को पार्टी का सिपाही बताए लेकिन उनकी छवि पायलट समर्थक की रही है। ऐसे में अब डोटासरा सहित युवा कांग्रेस, एनएसयूआई, सेवादल आदि में भी प्रदेश मुखिया बदलने का असर कांग्रेस संगठन पर पडऩा तय है। माना जा रहा है कि राज्य में सत्ता संग्राम में पार्टी के अंदर स्थिति मजबूत करने के लिए गहलोत खेमा जिले में संगठन में भी व्यापक बदलाव करा सकता है।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के साथ चल रही खींचतान के बाद उप मुख्यमंत्री व प्रदेश कांगे्रस अध्यक्ष सचिन पायलट को दोनों पद से हटाने के बाद जिले में कांग्रेस पदाधिकारी कोई भी प्रतिक्रिया देने से बचते रहे। जिले में कई युवा पदाधिकारियों को सचिन पायलट का समर्थक माना जाता है लेकिन फिलहाल वे खुलकर सामने नहीं आ रहे है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष के पास मंगलवार शाम तक किसी ने अपने पद से इस्तीफे भी नहीं दिए थे। पार्टी में अन्दरखाने यह बात कही जा रही है कि पायलट को पद से मुक्त किया गया है, लेकिन कांग्रेस से नहीं निकाला गया है। वे अब भी पार्टी के विधायक है। गौरतलब है कि जिले की राजनीति में कांग्रेस जिलाध्यक्ष मांगीलाल धाकड़ सहित जिला कार्यकारिणी के अधिकांश पदाधिकारी, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य आनन्दीराम खटीक, महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष नीतू कंवर भाटी, कांग्रेस नेता प्रमोद सिसोदिया सहित बड़ी संख्या में युवा कार्यकर्ता पायलट के समर्थक माने जाते हैं। जबकि पूर्व विधायक सुरेन्द्र सिंह जाड़ावत, पूर्व विधायक प्रकाश चौधरी सहित कई जनप्रतिनिधि व पदाधिकारी मुुख्यमंत्री गहलोत के समर्थक श्रज्ञी माने जाते हैं, लेकिन इन सब में से किसी ने भी अब तक कोई प्रतिक्रिया खुले रूप से नहीं दी है।
जिले में पायलट के साथ जोशी गुट भी मौजूद
जिले में कांग्रेस में गहलोत व पायलट गुट के साथ सीपी जोशी गुट भी मौजूद है। हालांकि नाथद्वारा विधायक सीपी जोशी विधानसभा अध्यक्ष के संवैधानिक पद पर होने से वो इस मामले में सामने नहीं है। जिले में पांच में से कांग्रेस के दो विधायक है। इनमें से निम्बाहेड़ा विधायक उदयलाल आंजना सहकारिता मंत्री है। विधानसभा चुनाव तक आंजना को उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट के साथ सीपी जोशी का नजदीक माना जाता था। मंत्री बनने के बाद पिछले कुछ माह सेमुख्यमंत्री अशोक गहलोत से भी आंजना के संबंध मजबूत हुए है। आंजना रविवार शाम ही निम्बाहेड़ा से जयपुर गए थे। कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष शिवदयाल शर्मा भी जोशी समर्र्थक माने जाते है। जिले के बेगूं विधायक राजेन्द्रसिंह विधुड़ी सार्वजनिक रूप से राहुल गांधी को ही अपना नेता बताते है लेकिन इस समय वे भी गहलोत कैंप में बताए गए है।
मंत्रीमंडल बदलाव में मिल सकता मौका
पायलट संग दो अन्य मंत्रियों को भी हटाने से मंत्रीमंडल विस्तार की चर्चा है। हालांकि जिले में कांग्रेस के दो में से एक विधायक आंजना पहले ही केबिनेट मंत्री है लेकिन माना जा रहा है कि मंत्रीमंडल विस्तार के दौरान राजेन्द्रसिंह विधुड़ी को संसदीय सचिव के रूप में मौका मिल सकता है। विधुड़ी पिछली गहलोत सरकार में भी इस पद पर रह चुके है।
सोशल मीडिया पर भी बनी रही नजर
सोशल मीडिया पर मंगलवार को दिनभर राजनीतिक घटनाक्रम प्रमुखता से छाए रहे। जिले के कांग्रेस व भाजपा नेताओं की नजर भी इन पर टिकी रही हालांकि खुलकर बोलने या लिखने से बचा जाता रहा। दबे-छुपे रूप से कटाक्ष जरूर होते रहे।
भाजपा बच रही बोलने से
कांग्रेस की आन्तरिक लड़ाई सड़क पर आने के बावजूद भाजपा अभी खुलकर सामने नहीं आ रही है। माना जा रहा है कि पायलट यदि ताकत दिखाते है तो भाजपा सत्ता के खेल में आ सकती है। जिले में वर्तमान में भाजपा के तीन विधायक है। इनमें से चन्द्रभानसिंह आक्या व अर्जुनलाल जीनगर को पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का समर्थक माना जाता है जबकि बड़ीसादड़ी विधायक ललित ओस्तवाल राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े माने जाते है।

मेरी निष्ठा कांग्रेस पार्टी के प्रति
मेरी निष्ठा किसी व्यक्ति की बजाय कांग्रेस पार्टी के प्रति है। पार्टी जो आदेश देंगी मैं उसका ही पालन करूंगा। इससे अधिक वर्तमान माहौल में क्या कहा जा सकता है।
मांगीलाल धाकड़, कांग्रेस जिलाध्यक्ष, चित्तौडग़ढ़
भाजपा की कोई भूमिका नहीं
कांग्रेस में सत्ता का संघर्ष चल रहा है,जिसमें भाजपा की कोई भूमिका नहीं है। कांग्रेस ने जिसके नेतृत्व मेंं विधानसभा चुनाव लड़ा सत्ता के लिए उसे ही अलग-थलग कर दिया। पायलट स्वयं ही सरकार के अल्पमत में आने का दावा कर चुके है।
चन्द्रप्रकाश जोशी, सांसद, चित्तौडग़ढ़ संसदीय क्षेत्र

Nilesh Kumar Kathed Bureau Incharge
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