खाली भूखण्ड पेनल्टी मामले में सरकार ने किया निर्णय, जल्द जारी होंगे आदेश

प्रशासन शहरों के संग अभियान को लेकर खाली भूखण्ड पेनल्टी के मामलों में आमजन को राहत देने के लिए सरकार के स्तर पर निर्णय हो गया है। अब दो अक्टूबर से शिविर शुरू होने से पहले इस संबंध में आदेश जारी कर दिया जाएगा।

By: jitender saran

Published: 25 Sep 2021, 09:36 PM IST

चित्तौडग़ढ़
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य वरिष्ठ नेता सुरेन्द्रसिंह जाड़ावत व नगर परिषद सभापति संदीप शर्मा ने जयपुर में नगरीय विकास एवं आवासन विभाग के ओएसडी जी.एस.संधू व डीएलबी के निदेशक दीपक नंदी से मुलाकात कर उन्हें प्रशासन शहरों के संग अभियान में लोगों की समस्याओं के निराकरण में आने वाली समस्याओं से अवगत कराते हुए शिथिलता देने की मांग की। सभापति संदीप शर्मा ने बताया कि स्वायत्त शासन विभाग की ओर से आवेदन ऑन लाइन लेने का निर्णय किया गया था, लेकिन इससे गरीब और अशिक्षित वर्ग को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस पर संधू व नंदी ने ऑन लाइन के साथ ही ऑफ लाइन आवेदन स्वीकार करने को भी स्वीकृति दे दी है। संधू व नंदी को अवगत कराया कि चितौडग़ढ़ मे जो क्षेत्र पूर्व में ग्राम पंचायत के अधीन होकर अब नगर परिषद में शामिल हो चुके हैं, उन क्षेत्रों में ग्राम पंचायत की ओर से जारी आवासीय पट्टों को व्यावसायिक आवेदन करने पर (जोनल प्लान मे प्रस्तावित उपयोग अनुसार) न्यूनतम दर पर व्यावसायिक पट्टे देने की जरूरत है। संधू ने जल्द ही इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी करने का भरोसा दिलाया है।

खातेदारी भूमि का आबादी मे रूपान्तरण के प्रकरण
पूर्व मे जो खातेदार भूमियां जिला कलक्टर के आदेश से रूपान्तरित होकर आबादी मे दर्ज हो चुकी है, लेकिन उस समय उनके पट्टे जारी करने का प्रावधान नहीं था, ऐसी भूमियों पर भूखण्ड धारियों का मालिकाना हक होने के बावजूद भी बैंक आदि संस्थाओं से ऋण लेने में काफी परेशानियां आ रही है। इसमें मुख्य रूप से सेंती, हड़माला बस्ती क्षेत्र में जागीरदार इन्द्रसिंह मेहता द्वारा बेचे गए भूखण्डों में यह समस्या आ रही है। इसके लिए भी न्यूनतम दरों पर पट्टे देने की आवश्यकता है।

यूआईटी की कॉलोनियों में विकास कार्य
नगर परिषद क्षेत्र में नगर विकास प्रन्यास का गठन हो जाने के बाद जिन खातेदारी भूमियों को रूपान्तरित कर नगरीय क्षेत्र में नगर विकास प्रन्यास द्वारा पट्ट जारी किए गए तथा निजी विकासकर्ता द्वारा पूर्व मे वहां विकास कार्य करवाकर 12.5 प्रतिशत शेष पट्टे भी ले लिए गए, लेकिन अब कालांतर मे सड़कें, नालियां टूट जाने से क्षेत्रवासी नालियों व स्ट्रीट लाइट कनेक्शन की मांग कर रहे हैं। ऐसे कॉलोनियों को पॉलिसी बनाकर नगर परिषद को हस्तांतरित करने की आवश्यकता है।

पूर्व के अभियान में जमा राशि में पट्टे के प्रकरण
जाड़ावत व शर्मा ने संधू को अवगत कराया कि अभियान में दी गई शिथिलताओं के कारण राजकीय भूमि व कच्ची बस्ती नियमन के तहत जिनकी राशि जमा कर ली गई है, उन्हें पट्टे दिलवाए जाए।

खजिन भवन के सामने स्थित भूखण्डों का मामला
गांधीनगर मे आईएचएसडीपी योजना क्षेत्र में 124 परिवार, जो कब्जा कर काफी समय से निवास कर रहे हैं, इन परिवारों द्वारा विगत शिविर के दौरान भी इस स्थल पर ही पट्टा देने की मांग की थी। खाली भूखण्ड पेनल्टी कम करने को लेकरसंधू को अवगत कराया गया कि भू-स्वामी को भवन निर्माण स्वीकृति लेने के दौरान खाली भूखण्ड की राशि काफी अधिक होने से आमजन में काफी रोष है। इस राशि को निर्धारित या कम करने की आवश्यकता है। संधू ने कहा कि राज्य सरकार ने इस संबंध में निर्णय कर लिया है। जल्द ही इसके आदेश जारी कर दिए जाएंगे।

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