आदेशों पर भारी राजनीति और अफसरशाही

कभी समय था जब राज्य के कार्र्मिक विभाग से स्थानान्तरण आदेश जारी होते ही प्रशासनिक अधिकारियों की धड़कने बढ़ जाती थी।तुरंत सामान समेट आदेश में बताए स्थान के लिए रवाना होना पड़ता था। कार्मिक विभाग के आदेश में अब भी तत्काल प्रभाव से लागू जरूर लिखा जा रहा लेकिन अब अधिकारियों के मन से तुरंत रवानगी वाला डर निकलता जा रहा। आदेश कागजों में रह जाते है और अधिकारी मनवांछित जगह ही जम रहतेे है। विभाग उनके खिलाफ कार्रवाई की बजाय अपने आदेश ही निरस्त कर उन्हेें पुराने स्थान पर जमे रहने की मंजूरी दे रहा है।

By: Nilesh Kumar Kathed

Published: 30 Jun 2020, 11:38 PM IST

चित्तौडग़ढ़. कभी समय था जब राज्य के कार्र्मिक विभाग से स्थानान्तरण आदेश जारी होते ही प्रशासनिक अधिकारियों की धड़कने बढ़ जाती थी।तुरंत सामान समेट आदेश में बताए स्थान के लिए रवाना होना पड़ता था। कार्मिक विभाग के आदेश में अब भी तत्काल प्रभाव से लागू जरूर लिखा जा रहा लेकिन अब अधिकारियों के मन से तुरंत रवानगी वाला डर निकलता जा रहा। आदेश कागजों में रह जाते है और अधिकारी मनवांछित जगह ही जम रहतेे है। लंबा समय निकलने पर भी अधिकारी जगह नहीं छोड़ता है तो विभाग उनके खिलाफ कार्रवाई की बजाय अपने आदेश ही निरस्त कर उन्हेें पुराने स्थान पर जमे रहने की मंजूरी दे रहा है। चित्तौैडग़ढ़ जिले में एक वर्ष में तीन-चार बार ऐसा हो चुका है जब अधिकारियों के कार्मिक विभाग से स्थानान्तरण आदेश होने के बावजूद वे कार्य संभालने नहीं आए या यहां से कुछ अधिकारी कार्र्यमुक्त ही नहीं हुए। निम्बाहेड़ा के उपखण्ड अधिकारी पंकज शर्र्मा को अब सीमलवाड़ा एसडीएम लगाया गया है। शर्र्मा का कुछ माह पहले भी तबादला सूची में नाम आया था लेकिन वे निम्बाहेड़ा ही कार्य करते रहे।


केस- एक
कार्मिक विभाग ने इस वर्ष ३० अप्रेल को अलवर जिले के लक्ष्मणगढ़ के उपखण्ड अधिकारी सुरेन्द्रप्रसाद को चित्तौडग़ढ़ में इसी पद पर नियुक्त किया था। प्रसाद ने चित्तौड़ में कभी कार्य संभाला ही नहीं और २८ जून की रात जारी तबादला सूची में उनको चित्तौडग़ढ़ में इस पद पर नियुक्त बता उनके ३० अप्रेल के स्थानान्तरण आदेश को निरस्त किया गया।

केस- दो
कार्मिक विभाग ने इस वर्ष २६ मार्च को आदेश जारी कर राज्य निर्वाचन आयोग के सहायक सचिव उत्तम सिंह का स्थानान्तरण चित्तौडग़ढ़ जिला परिषद के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी पद पर किया था। सिंह ने एक भी दिन कार्र्य नहीं संभाला और १४ मई को जारी तबादला सूची में उनको यहां नियुक्त बता पिछला स्थानान्तरण आदेश निरस्त कर दिया।
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राजनीतिक दखल से होते व रूकते तबादले
प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों के स्थानान्तरण आदेश के बावजूद कार्र्य नहीं संभालने या कुछ समय बाद स्थानान्तरण आदेश ही निरस्त हो जाने के पीछे सबसे बड़ा कारण राजनीतिक दबाव माना जाता है। कई अधिकारियों के जनप्रतिनिधियों से नजदीकी संबंध बन जाते है। ऐसे में उनका स्थानान्तरण हो जाने पर उसे रूकवाने के लिए संबंधित जनप्रतिनिधि पूरा दबाव सरकार पर बनाते है और अंदरखाने अधिकारी को कार्यस्थल नहीं छोडऩे की सलाह देते है।
जिले में पांच एसडीएम के तबादले
राज्य में कार्मिक विभाग की ओर से रविवार रात जारी १४४ आरएएस अधिकारियों की तबादला सूची में जिले में पांच उपखण्ड अधिकारी बदल गए है। चित्तौडग़ढ़ उपखण्ड अधिकारी के पद पर अब सहायक कलक्टर अजमेर श्यामसुंदर विश्नोई को लगाया गया है। अंता के एसडीएम गोवर्धनलाल मीणा को डूंगला में इसी पद पर, चन्द्रशेखरभंडारी को हमीरगढ़ से निम्बाहेड़ा एसडीएम पद पर लगाया गया है। निम्बाहेड़ा एसडीएम पंकज शर्मा को सीमलवाड़ा एवं बड़ीसादड़ी एसडीएम जयसिंह को भादरा में इसी पद पर लगाया गया है। स्थानान्तरण आदेश में मधुलिका सींवर को भूपालसागर, जवाहरलाल जैन को बड़ीसादड़ी एसडीएम लगाया गया है।

Nilesh Kumar Kathed Bureau Incharge
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