गांजा तस्करी में फिर आई वर्दी पर आंच

तस्करों से सांठगांठ को लेकर पुलिस निदेशक के सख्त आदेशों के बावजूद गांजा तस्करों से सांठगांठ को लेकर एक बार फिर वर्दी पर आंच आ गई है। इस बार गांजा तस्करों से सांठगांठ को लेकर चित्तौडग़ढ़ पुलिस लाइन में तैनात एक सिपाही का नाम सुर्खियों में है। इस सिपाही को उदयपुर बुलाकर सवीना थाने में पूछताछ करने की बात भी सामने आ रही है।

By: jitender saran

Published: 12 Jul 2021, 10:42 AM IST

चित्तौडग़ढ़
सूत्रों के अनुसार नौ जुलाई को उदयपुर पुलिस को एसओजी जयपुर से सूचना मिली थी कि शहर से होकर एक ट्रक गुजरने वाला है, जिसमें मादक पदार्थ ले जाया जा रहा है। सूचना पर उदयपुर के पुलिस अधीक्षक राजीव पचोर ने जिले भर में नाकाबंदी करवाई। इसी दौरान सवीना थाना क्षेत्र में बायपास पर पेट्रोल पंप के निकट एसओजी की ओर से दिए गए नंबर का ट्रक आया। पुलिस चालक गोपीचंद सहित ट्रक को सवीना थाने ले गई। वहां ट्रक की तलाशी में कुछ नहीं मिला, लेकिन चालक ने पूछताछ के दौरान पुलिस के सामने स्वीकार किया कि उसने प्रताप नगर चौराहे के पास तस्करों को २८० किलो गांजा डिलीवर किया था। तस्कर गांजा लेने के लिए दो कार लेकर आए थे, इसमें एक कार में तस्कर सवार थे और दूसरी कार में गांजा रखा गया था। पुलिस को एक कार एकलिंगपुरा में लावारिस हालत में पड़ी मिली। जबकि दूसरी कार पलोदड़ा की तरफ चली गई।

चालक ने बताए आरोपियों के नाम
पूछताछ में पुलिस को चालक ने बताया कि गांजा तस्करी के इस खेल में चित्तौडग़ढ़ की पुलिस लाइन में तैनात एक सिपाही मास्टर माइंड है। पता चला है कि यह सिपाही वाकायदा छुट्टी लेकर तस्करों के साथ गांजा लेने गया था। चालक गंाजा तस्करी में शामिल पांच अन्य लोगों के नाम भी पुलिस को बताए हैं, जिनमें से तीन आरोपी चित्तौडग़ढ़ जिले में चिकारड़ा क्षेत्र के रहने वाले हैं और दो उदयपुर के हैं। इस मामले में जिस सिपाही का नाम सुर्खियों में है, वह पहले चिकारड़ा पुलिस चौकी में तैनात रह चुका है। सूत्रों की मानें तो पुलिस ने ट्रक चालक व सिपाही को आमने-सामने भी करवाया। इस दौरान सिपाही की ओर से गांजा लेने जाने की बात स्वीकार करने की बात भी चर्चा में बनी हुई है। इसके बावजूद तीन दिन गुजर गए, लेकिन अब तक सिपाही के खिलाफ कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई है।

डीजीपी के मंशा पर फिर रहा पानी
पुलिस महानिदेशक मोहनलाल लाठर ने स्पष्ट निर्देश दे रखे हैं कि तस्करों से सांठगांठ में पुलिस का कोई भी कार्मिक शामिल हो तो उसके खिलाफ तुरंत प्रभाव से सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाए। इसके बावजूद वर्दी पर आंच के लिए जिम्मेदार सिपाही घटना के तीन दिन बाद भी मौज में है।

पुलिस की कार्यशैली पर उठ रहे सवाल
इस पूरे मामले में जब ट्रक चालक आरोपियों के नाम तक पुलिस को बता चुका है और खुद भी तस्करों को गांजे की डिलीवरी करना स्वीकार कर चुका है। पुलिस ट्रक व कार जब्त कर चुकी है। फिर अब गांजा बरामदगी के मामले में पुलिस पीछे क्यों हट रही है, यह सवाल खुद पुलिस महकमें में ही चर्चा का विषय बना हुआ है। सूत्रों की मानें तो गांजा तस्करों से सांठगांठ के आरोपों से घिरा सिपाही डोंगळ के जरिए वाट्सएप कॉल का ही उपयोग करता है। ट्रक में २८० किलो नहीं, बल्कि ३५० किलो गांजा भरा होने की बात भी सामने आ रही है। सबकुछ खुलासा होने के बाद भी पुलिस ने आरोपियों की न तो धर-पकड़ की है और न ही गांजा बरामदगी के कोई प्रयास किए हैं।

पौने तीन घंटे में हो गया खेल
सूत्रों की मानें तो जिस ट्रक के बारे में एसओजी ने पुलिस को सूचना दी थी, वह ट्रक पौने पांच बजे ही उदयपुर पहुंच गया था, लेकिन पुलिस की पकड़ में करीब साढे सात बजे आया। इससे पहले ही ट्रक चालक गांजा तस्करों के हवाले कर चुका था।

एसओजी टीम ने कर दी जल्दबाजी
सूत्र बताते हैं कि आरोपी गांजा आंध्रप्रदेश से लाते हैं। आंध्रप्रदेश से गांजा लेकर ट्रक यहां पहुंचता, इससे पहले ही आठ जुलाई को एसओजी की टीम ने चिकारड़ा क्षेत्र में कुछ आरोपियों के घरों पर दबिश दे दी। एसओजी की टीम को वहां सफलता नहीं मिली। दबिश की जानकारी मिलने पर आरोपी भी फरार हो गए और गांजा लेकर चिकारड़ा की तरफ पहुंचने वाले ट्रक में मार्ग बदल लिया और चालक ने आसानी से उदयपुर के प्रताप नगर इलाके में गांजा तस्करों के हवाले कर दिया। एसओजी की टीम जल्दबाजी नहीं दिखाती तो गांजा तस्करी के आरोपी और उनसे सांठगांठ करने वाला सिपाही अब तक सलाखों के पीछे होते।
बरामद नहीं हुआ गांजा
एसओजी की सूचना पर सवीना थाना क्षेत्र में ट्रक को रूकवाकर तलाशी ली थी, लेकिन उसमें गांजा नहीं मिला। फिलहाल इस संबंध में कोई प्रकरण दर्ज नहीं किया है।
राजीव पचोर
पुलिस अधीक्षक उदयपुर

जांच के बाद कार्रवाई
गांजा तस्करी के मामले में सिपाही की संदिग्ध भूमिका के बारे में जांच की जा रही है। जांच पूरी होते ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
राजेन्द्र प्रसाद गोयल
पुलिस अधीक्षक चित्तौडग़ढ़

ट्रक चालक से की थी पूछताछ
अधिकारियों की सूचना पर ट्रक की तलाशी ली थी, लेकिन ट्रक में कुछ नहीं मिला। चालक से भी पूछताछ की तो उसने कुछ लोगों के नाम बताए थे कि वे उसके साथ काम करते थे।
रवीन्द्र चारण
थाना प्रभारी सवीना, उदयपुर

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