हाईकोर्ट ने तलब की हार्ड डिस्क, पुलिस महकमें में मची खलबली

सत्य परेशान हो सकता है, लेकिन पराजित नहीं। न्याय मिलने में भले ही देर हो जाए, लेकिन मिलता जरूर है। ऐसे ही एक मामले में उच्च न्यायालय जोधपुर की ओर से अहम गवाह साबित हो सकने वाली सीसीटीवी फुटेज की ऑरिजनल hard disk प्रस्तुत करने के आदेश ने पुलिस अधिकारियों की रातों की नींद छीन ली है। पत्रिका ने इस मामले को प्रमुखता से उजागर किया था।

By: jitender saran

Updated: 21 Aug 2021, 12:17 PM IST

चित्तौडग़ढ़
सत्य परेशान हो सकता है, लेकिन पराजित नहीं। न्याय मिलने में भले ही देर हो जाए, लेकिन मिलता जरूर है। ऐसे ही एक मामले में उच्च न्यायालय जोधपुर की ओर से अहम गवाह साबित हो सकने वाली सीसीटीवी फुटेज की ऑरिजनल hard disk प्रस्तुत करने के आदेश ने पुलिस अधिकारियों की रातों की नींद छीन ली है। पत्रिका ने इस मामले को प्रमुखता से उजागर किया था।
यह मामला चित्तौडग़ढ़ में निकाय चुनाव से जुड़ा हुआ है। इस दौरान पुलिस ने शहर में भिश्ती खेड़ा के निकट एक ईंट उद्योग श्रीराम इंटरप्राइजेज के एक कमरे से शराब पकड़ी थी। कोतवाली पुलिस ने इस मामले में बलिया उत्तरप्रदेश निवासी अविनाशसिंह पुत्र कौशल सिंह व अखिल शर्मा पुत्र दिनेशचन्द्र शर्मा को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने इस अवैध शराब के तार निकाय चुनाव में वार्ड चौदह से भाजपा प्रत्याशी शांतिलाल जाट से जोड़ते हुए उसके खिलाफ वारंट निकाल दिया। न्यायालय में पुलिस का कहना रहा कि मौके पर सीसीटीवी फुटेज में शांतिलाल जाट की कार देखी गई है, इसलिए आरोपी बनाया गया है।

यह थी हकीकत
जिस जगह से शराब पकड़ी गई थी, वहां सीसीटीवी फुटेज में पुलिस के एक हेडकांस्टेबल कार में शराब की पेटियां रखता हुआ दिखाई दिया था। जब हेडकांस्टेबल को यह पता चला कि वह सीसीटीवी फुटेज में आ गया है तो वह वहां लगे सीसीटीवी फुटेज की hard disk ही खोलकर ले आया। यह hard disk काफी समय तक पुलिस का एक अधिकारी काफी समय तक कुण्डली मारे रहा। क्यों कि hard disk के फुटेज हेडकांस्टेबल के खिलाफ जा रहे थे। अब पुलिस ने जिन फुटेज के आधार पर शांतिलाल जाट को आरोपी बनाया है, उस फुटेज की ऑरिजनल हार्डडिस्क हाईकोर्ट ने तलब की है। इसके लिए चार सप्ताह का समय दिया गया है। इस हार्डडिस्क को पुलिस ने हेडकांस्टेबल को बचाने के लिए जानबूझकर रिकार्ड में नहीं लिया। इस मामले को लेकर एक अधिकारी के खिलाफ पुलिस के उच्च अधिकारी जांच भी कर रहे हैं। फिलहाल यह मामला एटीएस उदयपुर के पास बताया जा रहा है।

गले की हड्डी बन गई hard disk
पुलिस ने जिस शांतिलाल जाट को आरोपी बनाया है, उसके अधिवक्ता धीरेन्द्रसिंह ने हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई कर रहे न्यायाधीश पुष्पेन्द्र सिंह भाटी से आग्रह किया कि जिस सीसीटीवी फुटेज में पुलिस शांतिलाल जाट की कार कैद होना बता रही है, उस फुटेज की ऑरिजनल हार्डडिस्क मंगवाई जाए। न्यायाधीश भाटी ने पुलिस से ऑरिजनल hard disk न्यायालय में पेश करने के आदेश दिए हैं, इसके लिए चार सप्ताह का समय दिया गया है।

पुलिस महकमें में मची खलबली
हाईकोर्ट की ओर से इस मामले से जुड़ी ऑरिजनल hard disk तलब करने के बाद अब पुलिस महकमें में खलबली मची हुई है। क्यों की यह hard disk न्यायालय में पेश होती है तो उसमें कैद फुटेज में खुद पुलिस का ही हेडकांस्टेबल कार में शराब की पेटियां रखते हुए दिखाई दे सकता है, ऐसे में हेडकांस्टेबल सहित कई अधिकारियों पर भी आंच आ सकती है।

पत्रिका ने उठाया था मुद्दा
इस पूरे मामले में अहम सबूत hard disk को लेकर राजस्थान पत्रिका ने नौ जनवरी २०२० के अंक में hard disk पर कुण्डली मारे बैठी है पुलिसÓ शीर्षक से समाचार का प्रकाशन कर खुलासा किया था कि hard disk में पुलिस की कारगुजारियां छिपी हुई है, इसलिए पुलिस ने इसे रिकार्ड में भी नहीं लिया है। अब हाईकोर्ट ने ऑरिजनल hard disk पेश करने के आदेश दिए है।

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