निम्बा नदी से कदमाली नदी के बीच बेखौफ चल रहे अवैध ईंट भट्टे

चित्तौडग़ढ़. एक ओर आबादी क्षेत्र की समीपता तो दूसरी ओर प्राकृतिक बहाव वाली नदियां। और तो और निकट ही गुजर रही सड़क पर रोज आते-जाते हजारों वाहनों के पास ही अवैध रूप से संचालित किए जा रहे ईंट भट्टे आम जन की आंख की किरकिरी बनते हुए उनके नाक में जहरीले धुएं से दम करने से गुरेज नहीं कर रहे हैं।

By: Avinash Chaturvedi

Published: 26 Dec 2020, 11:38 PM IST

चित्तौडग़ढ़. एक ओर आबादी क्षेत्र की समीपता तो दूसरी ओर प्राकृतिक बहाव वाली नदियां। और तो और निकट ही गुजर रही सड़क पर रोज आते-जाते हजारों वाहनों के पास ही अवैध रूप से संचालित किए जा रहे ईंट भट्टे आम जन की आंख की किरकिरी बनते हुए उनके नाक में जहरीले धुएं से दम करने से गुरेज नहीं कर रहे हैं।
नगर की निम्बा नदी से गांव कल्याणपुरा के बीच नगरपालिका की सीमा में नीमच मार्ग पर लगभग 2 किलोमीटर क्षेत्र में सड़क के दोनों किनारों पर खेतों या सरकारी भूमि पर दो दर्जन से भी अधिक ईंट भट्टे लगे हुए हैं। इसके लिए न तो प्रशासन और न ही नगरपालिका से कोई वैधानिक अनुमति ली गई है। इतना ही नहीं ईंट भट्टे लगाने वाले कदमाली नदी में सिगरी हनुमानजी एनिकट से दिन रात सरकारी भूमि से जेसीबी लगाकर मिट्टी दोहन कर रहे हैं। इस संबंध में परेशान हो रहे लोगों ने मिट्टी का अवैध दोहन करने व अवैध रूप से चल रहे ईंट भट्टों को बंद करने कई बार प्रशासन से गुहार की, लेकिन अनदेखी के चलते ईंट भट्टे का कारोबार फलफूल कर लोगों के लिए दम भर रहा है।
सड़क के दोनों किनारों पर सड़क की पटरियों तक ईंट भट्टे लगे होने से वाहनों के आवागमन में परेशानियां हो रही है। इन भट्टों के धुएं से आए दिन लोग परेशान हो रहे हैं। हवा के साथ कई बार धुआं आबादी में तो कई बार नदी क्षेत्र में या सड़क मार्ग पर पसर जाता है। इससे लोगों को बीमारी की आशंका है।
धूल, धुआं और आफत
ईंट बनाने के लिए मिट्टी छानने से उड़ती धूल व ईंट भट्टो में ईंट पकाने के लिए कोयला एवं लकड़ी जलाने से फैलते जहरीले धुएं से जहां पर्यावरण को नुकसान है वहीं धूल और धुएं के गुबार से वाहनों के आपस में टकराने की दुर्घटनाएं लगातार हो रही है। यहां आते जाते लोग धूल, धुएं से दो चार हो रहे हैं। इस स्थिति के चलते पिछले महीनों में दुर्घटनाओं में डेढ़ दर्जन से भी अधिक लोगों की अकाल मौत हो चुकी है। यहां धूल, धूएं के अलावा सड़क भी खराब होने और पेड़ों की टहनियां सड़क पर होना भी वाहनों के लिए आफत का काम कर रही है। मजे की बात तो यह है कि इस सड़क मार्ग के दुरस्तीकरण के लिए अधिकारियों से सम्पर्क किया जाता है तो वे एक दूसरे विभाग पर जिम्मेदारी डालकर पल्ला झाड़ लेते हैं।

कृषि भूमि का औद्योगिक रूपांतरण के बिना ईंट भट्टों का संचालन अवैध है। रूपांतरण की सक्षम स्वीकृति जिला कलक्टर द्वारा दी जाती है। तथापि कृषि भूमि पर चल रहे ईंट भट्टों के मामले को लेकर जांच कराई जाकर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
चन्द्रशेखर भण्डारी एसडीएम निम्बाहेड़ा
नगरपालिका सीमा में पालिका की बिना अनुमति के ईंट भट्टे नहीं लगाए जा सकते हंै। यदि पालिका सीमा क्षेत्र में बिना अनुमति के ईंट भट्टे लगे हैं तो उनकी जांच कराकर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
मुकेश कुमार ईओ नगरपालिका निम्बाहेड़ा
ईंट भट्टों के लिए सरकारी भूमि से अवैध खनन किया जा रहा है तो इसकी जांच कराई जाकर कार्रवाई की जाएगी।
विनित गहलोत सहायक अभियंता खनिज विभाग निम्बाहेड़ा

Avinash Chaturvedi
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