चित्तौडग़ढ़ की जिला जेल में सामने आया नशे का खेल

चित्तौडग़ढ़ के जिला कारागृह में बंदियों को नशे से लेकर सभी सुविधाएं मुहैया कराने का खेल चल रहा है। इस बात का खुलासा मंगलवार रात एवं बुधवार को चले सघन तलाशी अभियान में हो गया। तलाशी के दौरान जेल के बैरक में बारह मोबाइल व जेल परिसर में तीन पार्सल में तीन मोबाइल, डाटा केबल और तेईस ग्राम गांजा, बीड़ी के बण्डल और तंबाकू की पुडिय़ा आदि मिले है। यह सब कुछ जेल के अन्दर कैसे पहुंचा यह जांच का विषय है।

By: jitender saran

Published: 06 Oct 2021, 09:54 PM IST

चित्तौडग़ढ़.
चित्तौडग़ढ़ के जिला कारागृह में बंदियों को नशे से लेकर सभी सुविधाएं मुहैया कराने का खेल चल रहा है। इस बात का खुलासा मंगलवार रात एवं बुधवार को चले सघन तलाशी अभियान में हो गया। तलाशी के दौरान जेल के बैरक में बारह मोबाइल व जेल परिसर में तीन पार्सल में तीन मोबाइल, डाटा केबल और तेईस ग्राम गांजा, बीड़ी के बण्डल और तंबाकू की पुडिय़ा आदि मिले है। यह सब कुछ जेल के अन्दर कैसे पहुंचा यह जांच का विषय है।
जिला कारागृह में तीन दिन पहले कार्यभार ग्रहण करने वाले जेल अधीक्षक योगेश तेजी के निर्देश पर मंगलवार को देर रात सघन तलाशी अभियान में तीन बैरकों से १२ मोबाइल जब्त किए गए। इस कार्रवाई के बाद बुधवार को सुबह बंदियों ने भूख हड़ताल शुरू कर दी, लेकिन समझाइश के बाद हड़ताल खत्म कर दी। वहीं बुधवार को हुई तलाशी में जेल परिसर में तीन पार्सल मिले, जिन्हें खोलकर देखा तो उनमें तीन मोबाइल, डाटा केबल, तेईस ग्राम गांजा, बीड़ी के बण्डल, गुटखे के पाउच, तंबाकू के पैकेट मिले है। जेल प्रशासन ने इस संबंध में कोतवाली में रिपोर्ट दी है यह पहला मौका है जब जेल में अधिकारी बदलते ही नए अधिकारियों ने सघन तलाशी लेकर बड़ी कार्रवाई की है।
जेल अधीक्षक योगेश तेजी ने बताया कि मंगलवार रात को उप करापाल अशोक कुमार, स्टाफकर्मी गजराज सिंह, नरपतसिंह व रामस्वरूप आदि ने १० से ११.४० बजे के बीच जेल की विभिन्न बैरकों की अचानक तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान बैरक संख्या चार व पांच में दो-दो मोबाइल मिले। इसके बाद बैरक संख्या छह की तलाशी लेने पर वहां से आठ मोबाइल बरामद हुुए। इन सभी मोबाइल में सिम लगी हुई है। तीनों बैरक से कुल बारह मोबाइल जब्त किए गए। बुधवार को सुबह मुख्य प्रहरी गजराजसिंह जब्तशुदा मोबाइल व रिपोर्ट लेकर कोतवाली पहुंचे, जहां पुलिस ने राजस्थान कारागार अधिनियम २०१५ की विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया है। इधर बैरकों में मोबाइल मिलने के बाद बुधवार को बंदियों ने भूख हड़ताल शुरू कर दी। जानकारी मिलने पर जेल अधीक्षक तेजी ने बंदियों से समझाइश की कि जेल में अवांछनीय गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए समय-समय पर ऐसी कार्रवाई की जाएगी। बंदियों को आगे चलकर ऐसी कार्रवाई में जेल प्रशासन का सहयोग करना चाहिए। इसके बाद बंदियों ने हड़ताल खत्म कर दी।

जांच का विषय: आखिर जेल में कैसे पहुंचे मोबाइल
जिला कारागृह की बैरकों से जब्त किए गए मोबाइल आखिर कितने समय से उपयोग में लिए जा रहे और कितने समय से गांजे का नशा किया जा रहा था, यह खुलासा तो पुलिस की ओर से अब कॉल डिटेल निकलवाने और अनुसंधान के बाद ही होगा, लेकिन जांच का विषय यह है कि आखिर जेल में मोबाइल एवं नशा कैसे पहुंचा। हालाकि तीन दिन पहले ही कार्य भार ग्रहण करने वाले जेल अधीक्षक योगेश तेजी ने आशंका जताई है कि जेल के पिछले हिस्से में खुला भाग है, जहां से मोबाइल एवं अन्य सामग्री फैके जा सकते है। पिछले भाग को पैक करवाने के लिए उच्च अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा। गौरतलब है कि जेल अधीक्षक व उप कारापाल ने हाल ही जिला कारागृह में कार्यभार संभाला है और कार्यभार संभालने के बाद उनकी यह पहली कार्रवाई है।

jitender saran Reporting
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