यहां दिन में ही जलानी पड़ गई वाहनों की बत्ती, धूजणी से कांपे हाड़

जिले में सर्दी के तेवर तीखे हो गए है। चित्तौडग़ढ़ शहर सहित कई स्थानों पर सुबह कोहरे का असर दिखा। कोहरा छाया रहने से सुबह १० बजे तक भी वाहन चालकों को हेडलाइट जलाकर चलना पड़ा। शहर से सुबह ११ बजे तक भी दुर्ग के दर्शन भी मुश्किल से हो रहे थे। सर्द हवाएं चलने से दिन में भी लोगों को ऊनी वस्त्रधारण करन पड़े। बदले मौसम में धूप भी सुहानी लगने लगी। चित्तौडग़ढ़ का न्यूनतम तापमान १४.८ डिग्री सेल्सियस एवं अधिकतम तापमान २२.५ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। रात व सुबह के समय लोगों ने अब सर्दी से बचाव के लिए शॉल,

By: jitender saran

Updated: 03 Dec 2019, 12:29 PM IST

चित्तौडग़ढ़.
रात्रि सफर के समय भी लोग गरम वस्त्र साथ में ले जाने लगे है। मौसम बदलने से बाजार में ऊनी व गरम वस्त्रों की मांग बढ़ गई है। मौसम के बदले मिजाज का असर सीधा सेहत पर पड़ रहा है। सर्द-गर्म मौसम होने से वायरल, सर्दी-जुकाम आदि मौसमी बीमारियों का प्रकोप बढ़ गया है।
सर्दी की मार बच्चों पर : सर्दी के तेवर तीखे होने की सीधी मार सुबह ७-८ बजे तक स्कूल पहुंच रहे बच्चों पर पड़ी है। अधिकतर निजी स्कूलों में अब भी सुबह ८ बजे तक कक्षाएं शुरू होने से प्राथमिक व प्री प्राथमिक स्तर के बच्चे भी सुबह अंधेरे में वाहनों में सवार होकर ठिठुरते हुए पहुंच रहे है। सर्दी तेज होने के साथ निजी स्कूलों को समय बदलाव के लिए पाबंद करने की मांग उठने लगी है।
अलाव का सहारा
तेज सर्दी में अब बचाव के लिए रात व सुबह के समय जगह-जगह अलाव तापे जाने लगे है। रेलवे स्टेशन, बस स्टेण्ड सहित प्रमुख चौराहो पर रात के समय लोग सर्दी के बचाव के लिए अलाव जलाते दिखने लगे है।

jitender saran Reporting
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