कोरोना से ठीक हुए मधुमेह रोगियों की होगी सूची तैयार

कोरोना से पिछले पैंतीस दिन में ठीक हुए मधुमेह, कैंसर व अंग प्रत्यारोपण वाले मरीजों की सूची तैयार कर उनका फॉलोअप किया जाएगा। ब्लैक फंगस रोग बढऩे से राज्य सरकार ने यह निर्देश दिए हैं। ब्लैक फंगस के उपचार के लिए राज्य के बीस अस्पतालों को अधिकृत किया गया है, जहां इस बीमारी का इलाज भी चिरंजीवी बीमा योजना के अन्तर्गत किया जाएगा।

By: jitender saran

Published: 09 Jun 2021, 09:10 AM IST

चित्तौडग़ढ़
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख शासन सचिव अखिल अरोरा ने शनिवार को इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। आदेश में कहा गया है कि प्रदेश में कोविड-19 संक्रमण के प्रभाव के कारण ब्लैक फंगस के मरीजों की संख्या में निरन्तर वृद्धि हो रही है। कोविड-19 के ठीक हुए मरीजों में स्टेरॉयड के अधिक उपयोग के साइड इफेक्ट के रूप में ब्लैक फंगस रोग सामने आ रहा है। ब्लैक फंगस को राजस्थान महामारी अधिनियम 2020 के अन्तर्गत सम्पूर्ण राज्य में महामारी घोषित की जा चुकी है।

आमजन में जागरूकता का अभाव
आदेश में कहा है कि आमजन में ब्लैक फंगस की जानकारी नहीं होने व जागरूकता के अभाव के चलते रोग की देरी से पहचान व उपचार के लिए देरी से अस्पताल पहुंचने के कारण मरीज की मृत्यु की आशंका रहती है। ऐसी स्थिति में ब्लैक फंगस व कोविड-19 का एकीकृत समन्वित व लक्षित रूप से मरीजों की रोग के प्रारम्भ में ही पहचान, आमजन में जागरूकता उत्पन्न करने तथा इसकी रोकथाम के उपाय एवं समुचित उपचार किया जाए।

होगी सूची तैयार, घर-घर होगा सर्वे
गत 35 दिन में ठीक हुए कोरोना के ऐसे ऐसे मरीज जिन्हें मधुमेह, कैंसर, अंग प्रत्यारोपण हुआ है तथा जिन्हें राजकीय या निजी अस्पतालों में उपचार के दौरान स्टेरॉयड दिए गए थे, उनकी ग्रामीण क्षेत्रों में ग्रामवार तथा शहरी क्षेत्रों में वार्ड वार सूची मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी की ओर से संबंधित राजकीय व निजी अस्पतालों से समन्वय स्थापित कर तीन दिवस में तैयार करवाएंगे। कोरोना के ऐसे मरीज जिन्हें मधुमेह, कैंसर, अंग प्रत्यारोपण हुआ है तथा होम आइसोलेशन में स्टेरॉयड का उपयोग किया है, ऐसे मरीजों को घर-घर सर्वे के दौरान चिन्हित करने के निर्देश दिए गए है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी यह सूची घर-घर सर्वे कर रहे दलों को उपलब्ध करवाएंगे और ऐसे मरीजों का फालोअप किया जाएगा तथा उन्हें ब्लड शुगर लेवल की नियमित जांच करवाने की सलाह दी जाएगी।

उपचार के लिए भिजवाएंगे
किसी व्यक्ति में ब्लैक फंगस के लक्षण पाए जाने पर ऐसे मरीजों को तुरन्त सरकारी अस्पताल भिजवाया जाए। जहां उसकी ब्लड शुगर व अन्य आवश्यक जांच की जाकर उसकी मेडिकल स्थिति के अनुसार अधिकृत अस्पताल भिजवाया जाएगा। इस रोग को लेकर व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए हैं।

यह भी ध्यान रखने की सलाह
ऑक्सीजन थेरेपी के दौरान यूमिडिफायर के लिए स्वच्छ जीवाणु रहित पानी को नियमित रूप से बदलने। अगर घर में किसी कोरोना संक्रमित को आक्सीजन सिलेंडर कन्सनट्रेटर लगा है तो नियमित रूप से समय पर माउथ मास्क बदलने की भी सलाह दी गई है।

धूल-मिट्टी से रहें दूर
आदेश में कहा गया है कि एंटीबायोटिक, एंटीफंगल, इम्यूनो सुप्रेस्सेंट जैसी दवाइयों का विवेकपूर्ण ढंग से चिकित्सकीय परामर्श के अनुसार प्रयोग किया जाए। कोविड-19 से ठीक हुए मरीजों को यथा संभव धूल भरे एवं सीलन भरे स्थानों पर जाने, मिट्टी, बागवानी, काई या खाद को संभालने से बचने तथा स्वच्छता बनाए रखने की सलाह दी गई है।

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