सीमाबंदी के बावजूद नहीं थमा प्रवासियों का आना

राज्य में बिना अनुमति प्रवासियों का प्रवेश पूरी तरह रोक देने के दावों के बावजूद इनका आगमन नहीं थम पा रहा है। विभिन्न कारणों से सरकार को सीमाबंदी के बावजूद प्रवासियों को आगमन की अनुमति भी देनी पउ़ रही है। चित्तौडग़ढ़ जिले में निम्बाहेड़ा से कुछ आगे नयागांव के पास मध्यप्रदेश से सटी अंतरराज्यीय सीमा पर सीलबंदी के बावजूद प्रवासियों का आना शनिवार को भी जारी रहा। इस सीमा से शनिवार को राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में जाने के लिए मध्यप्रदेश व गुजरात के विभिन्न क्षेत्रों से आए 738 लोगों ने प्रवेश किया।

By: Nilesh Kumar Kathed

Published: 10 May 2020, 12:12 AM IST

चित्तौडग़ढ़./निम्बाहेड़ा. राज्य में बिना अनुमति प्रवासियों का प्रवेश पूरी तरह रोक देने के दावों के बावजूद इनका आगमन नहीं थम पा रहा है। विभिन्न कारणों से सरकार को सीमाबंदी के बावजूद प्रवासियों को आगमन की अनुमति भी देनी पउ़ रही है। चित्तौडग़ढ़ जिले में निम्बाहेड़ा से कुछ आगे नयागांव के पास मध्यप्रदेश से सटी अंतरराज्यीय सीमा पर सीलबंदी के बावजूद प्रवासियों का आना शनिवार को भी जारी रहा। इस सीमा से शनिवार को राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में जाने के लिए मध्यप्रदेश व गुजरात के विभिन्न क्षेत्रों से आए 738 लोगों ने प्रवेश किया। यहां से अब तक कुल 23 हजार 25 प्रवासियों को आगमन की अनुमति दी गई है। ई-पास की केन्द्रीयकृत व्यवस्था के बाद प्रवासियों के आगमन में कुछ कमी तो आई लेकिन दौर रूक नहीं पाया है। वहीं दूसरी तरफ, राजस्थान आने के इच्छुक जिन प्रवासियों को सरकार से पास जारी नहीं हो पा रहे वो धैर्य खत्म होने पर पैदल या साइकिल, बाइक जैसे वाहनों से ही रवाना होकर चोरी छुपे अपने गांव तक पहुंचने का प्रयास कर रहे है। बिना सूचना व जांच गांव तक पहुंच रहे ऐसे लोगों से संक्रमण का सर्वाधिक खतरा होने से प्रशासन सभी गांवों में इस बात के प्रति निरन्तर सचेत कर रहा है कि बाहर से कोई आए तो उसकी जांच अवश्य कराए ताकि वो सुरक्षित रहने के साथ परिवार व गांव भी सुरक्षित रहे।
आन्ध्रप्रदेश से आ पहुंचे चित्तौडग़ढ़
कोरोना वायरस के प्रकोप से बचने के लिए भले ही सरकार ने लॉकडाउन अंतरराज्य सीमा सील कर दी हो लेकिन इसके बावजूद भी दूसरे प्रदेशों से कामगार और मजदूरों का आना बंद नहीं हो पाया है। शहर में शनिवार को सेंती पुलिस चौकी के सामने स्थित चेक पोस्ट पर आंध्र प्रदेश से कुछ काम करने वाले लोग आ पहुंचे। बच्चों के साथ आ पहुंचे इन प्रवासियों की संख्या करीब ४० थी। ये लोग आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में आइसक्रीम तथा पानी पतासे बेचने का कार्य करते थे। लॉकडाउन के कारण रोजगार नहीं मिल पाने से मंगलवार को बाइक से रवाना हो गए। विभिन्न क्षेत्रों से होते हुए अपने घर को लौट आए। इन लोगों ने बताया कि यह लोग चित्तौडग़ढ़ जिले के अलग-अलग गांव महाराज की नेतावल, उमेदपुरा,रेवलिया, कशमोर,मुंगाना, करेडिया आदि गांवों के रहने वाले है। यह लोग एक साथ १७ बाइक पर पहुंचे तो चौक गई पुलिस ने इन सबको सेंती चेक पोस्ट पर इन्हें रोक लिया गया जिसकी सूचना कंट्रोल रूम को दी गई। कंट्रोल रूम की सूचना के बाद यहां मेडिकल टीम पहुंची मेडिकल टीम ने स्कैनिंग करके इन्हें अपने अपने गांव के लिए रवाना कर दिया।

खाद्य पैकेट एवं हाईजीन सामग्री के साथ मास्क वितरण
लॉकडाउन की आपात स्थिति में प्रयास द्वारा चित्तौडगढ जिले के चित्तौडगढ नगर परिषद क्षेत्र एवं विकासखण्ड निम्बाहेडा, भदेसर की ग्राम पंचायत सतखण्डा, कारूण्डा, भावलिया, मांगरोल, केलझर, पाण्डोली, नाहरगढ सुखवाडा, धीरजी खेडा के 72 गांवों में जरूरतमंद और वंचित वर्ग के परिवारो को चिन्हित कर राहत के रूप में ड्राई राशन पैकेट एवं हाईजीन सामग्री वितरण की गयी हैे। संस्था द्वारा कोरोना के संबंध में आवश्यक जानकारी एवं उनकी अन्य समस्याओं के लिए सलाह दी जा रही है। प्रयास द्वारा संकटग्रस्त परिवारों मदद के लिए हेल्पलाइन केन्द्र भी स्थापित किये है। इसके माध्यम से खाद्यान से वंचित परिवारों को खाद्यान्न एवं आवष्यक जानकारी उपलब्ध करवाने का प्रयास किया जा रहा है। संस्था के डॉ. नरेन्द्र गुप्ता ने बताया कि संस्था द्वारा प्रवासी श्रमिकों को भोजन पैकेट किये जा रहे है। उन्होंने कहा कि एपीएल बीपीएल का भेद छोडकर राशन की मांग करने वाले सभी व्यक्तियों को राशन दिया जाए। किशोरी बालिकाओ, गर्भवती, धात्री महिलाओं एवं 6 वर्ष तक की आयु के बच्चों को घर-घर जाकर पूर्ण पोषाहार वितरण किया जाए। पैदल यात्रा करने वाले प्रवासी श्रमिकों के लिए नि:शुल्क बस इत्यादि वाहन की व्यवस्था की जाए।

Nilesh Kumar Kathed Bureau Incharge
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