छूट मिली तो भूल गए खतरा, गाडिय़ां लेकर निकल आए बाजार

लॉकडाउन-तीन में चित्तौडग़ढ़ जिले को औरेंज जोन में मान कुछ रियायते क्या बढ़ी कई लोगों ने मान लिया कि कोरोना का खतरा ही टल गया। निम्बाहेड़ा में कोरोना संक्रमण के कहर के बावजूद ऐसे लापरवाह लोगों की आंखे नहीं खुली। कई लोग छूट के नाम पर सुबह 7 बजे से दोपहर 3 बजे के मध्य बिना काम भी वाहन लेकर सड़कों पर घूमते नजर आए। दुपहिया वाहनों पर एक सवारी के निर्देश भी कागजों में ही रह गए।

By: Nilesh Kumar Kathed

Updated: 05 May 2020, 01:21 AM IST

चित्तौडग़ढ़. लॉकडाउन-तीन में चित्तौडग़ढ़ जिले को औरेंज जोन में मान कुछ रियायते क्या बढ़ी कई लोगों ने मान लिया कि कोरोना का खतरा ही टल गया। निम्बाहेड़ा में कोरोना संक्रमण के कहर के बावजूद ऐसे लापरवाह लोगों की आंखे नहीं खुली। कई लोग छूट के नाम पर सुबह 7 बजे से दोपहर 3 बजे के मध्य बिना काम भी वाहन लेकर सड़कों पर घूमते नजर आए। दुपहिया वाहनों पर एक सवारी के निर्देश भी कागजों में ही रह गए। पुलिस के सामने से दुपहिया वाहनों पर दो-तीन सवारी गुजरती रही। लॉकडाउन-तीन लागू होने के बाद जरूरी सामग्री खरीद के लिए बाजार खुलने का समय सुबह ७ से दोपहर ३ बजे तक हो गया लेकिन अधिकतर उन्हीं दुकानों को खुलने की अनुमति थी जो पहले से खुलती चली आ रही थी। ऐसे में लोग यहीं मानते रहे कि चाहे खुलने का समय कम कर दिया जाए पर खुलने वाली दुकानों की श्रेणी बढ़ा दी जाए तो लोगों को अधिक लाभ होगा।
व्यापारियों ने की स्वैच्छिक बंद की घोषणा
चित्तौडग़ढ़. जि़ले की निम्बाहेड़ा तहसील में कोरोना संक्रमण बढऩे पर चित्तौडग़ढ़ शहर के व्यापारियों ने आवश्यक सेवा को छोड़ स्वेच्छा से बाजार बंद रखने का निर्णय लिया। शहर के विभिन्न व्यापार संगठनों के पदाधिकारियों ने आवश्यक वस्तुओं एवं सेवाओं को छोड़करद्ध अपने प्रतिष्ठान बंद रखने का आह्वान किया। खुले रहने वाले प्रतिष्ठानों के व्यापारियों से आग्रह किया कि ग्राहकों के बीच सोशल डिस्टेंसिंग, सेनेटाइज़ेशन, मास्क की अनिवार्यता सुनिश्चित की जाए। व्यापार संगठनों के प्रतिनिधियों ने चित्तौडग़ढ़ को संक्रमण से बचाने के लिए जरूरत होने पर कफ्र्यू लगाने की मांग भी की। चित्तौडग़ढ़ रेडीमेड एवं होजरी व्यापार संघ के अध्यक्ष विनोद मलकानी,गिफ्ट एवं श्रृंगार एसोशिएशन के अध्यक्ष महेंद्र खेरारु,वस्त्र व्यापार संघ के सुरेश श्रीश्रीमाल, सैनेट्री व्यापार संघ के कमलेश सिंघवी, फुुटवियर व्यापार संघ के गोविंद पटवा, मोबाइल व्यापार संघ के एवंत मेहता आदि ने विचार व्यक्त किए।

प्रवासियों को अनुमति मिलने का इंतजार
जिले में प्रवास कर रहे विभिन्न राज्यों के श्रमिक लॉकडाउन के चलते अपने अपने राज्यों में जाने को आतुर है लेकिन अनुमति नहीं मिलने से इंतजार कर रहे है। श्रमिकों का कहना है कि ऑनलाइन आवेदन करने के बावजूद मंजूरी नहीं आ रही। ऐसे कई श्रमिक सोमवार को कलक्ट्रेट भी पहुंचे। इधर, माना जा रहा है कि श्रमिकों ने तो आवेदन कर दिए पर कई प्रवासी श्रमिकों को उनके राज्य अब तक लेने को तैयार नहीं है। बिना उनकी सहमति के इनको यहां से नहीं भेजा जा सकता।

Nilesh Kumar Kathed
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