मंत्री के क्षेत्र में सर्वाधिक कुपोषित बच्चे

मंत्री के क्षेत्र में सर्वाधिक कुपोषित बच्चे

Jitender Saran | Updated: 08 Aug 2019, 12:21:28 PM (IST) Chittorgarh, Chittorgarh, Rajasthan, India

राज्य के सहकारिता मंत्री के क्षेत्र निम्बाहेड़ा ब्लॉक में सर्वाधिक कुपोषित और अति कुपोषित बच्चे पाए गए हैं। इधर महिला एवं बाल विकास विभाग
का दावा है कि इन बच्चों की सेहत सुधारने के लिए निम्बाहेड़ा परियोजना में पोषण कार्यक्रम चलाया जा रहा है।

- महिला एवं बाल विकास विभाग का दावा, निम्बाहेड़ा में चला रहे हैंं पोषण कार्यक्रम
-ग्रामीण इलाकों में बढ रही है बच्चों में कुपोषण की समस्या
-जिले में पन्द्रह हजार से ज्यादा बच्चे कुपोषित मिले, वजन भी हुआ कम
-जिले मेें २६७ बच्चे अति कुपोषित, इनमें से १४३ निम्बाहेड़ा क्षेत्र के है बच्चे
चित्तौडग़ढ़
महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से जिले के ७५ हजार ५०१ बच्चों के वजन का विवरण तैयार किया गया। वजन के आधार
पर बच्चों की तीन श्रेणियां बनाई गई। पहली श्रेणी ग्रीन में स्वस्थ बच्चों को शामिल किया गया। दूसरी श्रेणी यलो में ऐसे कुपोषित बच्चों को
शामिल किया गया, जिनका वजन कम पाया गया है। तीसरी श्रेणी ऑरेंज में बहुत म वजन वाले बच्चों को शामिल करते हुए इन्हें अति कुपोषित माना गया है।वि भाग की ओर से लिए गए बच्चों के वजन में ६० हजार ११० बच्चों का वजन र्धारित मापदण्ड के अनुसार पाया गया। जबकि १५ हजार १२४ बच्चों का वजन कम पाया गया, जिन्हें कुपोषित मानते हुए यलो श्रेणी में शामिल किया गया है। २६७ बच्चों को अति कुपोषित मानते हुए ऑरेंज श्रेणी में शामिल किया
गया है।
सर्वाधिक कुपोषित व अति कुपोषित बच्चे निम्बाहेड़ा क्षेत्र में
महिला एवं बाल विकास विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में पाए गए १५ हजार १२४ कुपोषित बच्चों में से सर्वाधिक २७३७ बच्चे निम्बाहेड़ा क्षेत्र से
है। इसके अलावा अति कुपोषित पाए गए २६७ बच्चों में से भी १४३ बच्चे अकेले निम्बाहेड़ा क्षेत्र से है। गौरतलब है कि सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना निम्बाहेड़ा विधान सभा क्षेत्र से विधायक है। इधर महिला एवं बाल विकास भाग की उप निदेशक शांता मेघवाल का दावा है कि इन बच्चों की सेहत में सुधार करने के लिए निम्बाहेड़ा परियोजना क्षेत्र में पोषण कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है और अति कुपोषित बच्चों को भी पोषण केन्द्र पर उपचार दिया गया है।
दूसरे नंबर पर है बेगूं क्षेत्र
कुपोषित बच्चों के मामले में बेगूं क्षेत्र जिले में दूसरे स्थान पर है। स क्षेत्र में १८२३ बच्चे कुपोषित और ४९ बच्चे अति कुपोषित होने की
पुष्टि हुई है।
कुपोषण की समस्या से कहां कितने बच्चे हैं ग्रस्त
भदेसर क्षेत्र में १६४७ बच्चे कुपोषित और १० बच्चे अति कुपोषित पाए गए । बड़ीसादड़ी क्षेत्र में ९९३ बच्चे कुपोषित और २७ बच्चे अति कुपोषित
होने की पुष्टि हुई है। भैंसरोडग़ढ़ क्षेत्र में १०३५ बच्चे कुपोषित व ४ च्चे अति कुपोषित पाए गए हैं। भोपाल सागर में ९५२ बच्चे कुपोषित मिले
है, लेकिन यहां अति कुपोषित एक भी बच्चा नहीं मिला है। चित्तौडग़ढ़ शहरी त्र में १०२८ बच्चे कुपोषित और ११ बच्चे अति कुपोषण का शिकार है।
चित्तौडग़ढ़ ग्रामीण क्षेत्र में १५०७ बच्चे कुपोषित व १८ बच्चे अति पोषित पाए गए हैं। डूंगला में ९६८ बच्चे कुपोषित मिले है, लेकिन
कुपोषित एक भी बच्चा नहीं पाया गया। गंगरार में १२२३ बच्चे कुपोषित मिले हैं, यहां भी अति कुपोषित एक भी बच्चा नहीं है। कपासन क्षेत्र में ८३४
बच्चे कुपोषण का शिकार हुए है। जबकि चार बच्चे अति कुपोषण की चपेट में पाए गए हैं। राशमी क्षेत्र में ३७७ बच्चे अति कुपोषित व एक बच्चा अति
कुपोषित पाया गया है।
विभाग का है यह दावा
महिला एवं बाल विकास विभाग का दावा है कि अति कुपोषित बच्चों को एमटीसी टर रैफर किया जा रहा है। प्रत्येक गुरूवार को अतिरिक्त पोषाहार दिया जा रहा है। सोमवार व गुरूवार को बच्चों को फोलिक एसीड की दवा पिलाई जा रही है। इसकी मॉनिटरिंग आशा सहयोगिनी द्वारा की जा रही है। माह में दो बार सामुदायिक गतिविधियों का आयोजन कर कुपोषण के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
बच्चों की सेहत का रखेंगे पूरा ख्याल, कल ही देंगे निर्देश
कुपोषित और अति कुपोषित बच्चों की सेहत का पूरा ख्याल रखा जाएगा। इस बंध में कल ही चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के साथ ही महिला एवं बाल विकास विभाग को भी निर्देश दिए जाएंगे। बच्चों की सेहत को लेकर किसी भी
स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उदयलाल आंजना
सहकारिता मंत्री, राजस्थान सरकार

 

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