जब खुद पर दु:ख पड़ता है, तब ही दर्द का अहसास होता है

चित्तौडग़ढ. जब खुद पर दु:ख पड़ता है, तब ही दर्द का अहसास होता है, हम अच्छे से प्रयास करें तो लोगों को बचा सकते है। यह मार्मिक अपील जिला कलक्टर ताराचंद मीणा ने वीसी में जिलेभर के अधिकारियों से की है। मीणा ने कहा कि उन्होंने कभी अपने जीवन में ऐसी त्रासदी नहीं देखी।

By: Avinash Chaturvedi

Published: 30 Apr 2021, 11:04 PM IST

चित्तौडग़ढ. जब खुद पर दु:ख पड़ता है, तब ही दर्द का अहसास होता है, हम अच्छे से प्रयास करें तो लोगों को बचा सकते है। यह मार्मिक अपील जिला कलक्टर ताराचंद मीणा ने वीसी में जिलेभर के अधिकारियों से की है। मीणा ने कहा कि उन्होंने कभी अपने जीवन में ऐसी त्रासदी नहीं देखी। जिला कलक्टर ने कहा कि सिर्फ आदेश निकालने से काम नहीं चलेगा, ग्राउंड पर उसका क्रियान्वन भी सुनिश्चित करना पड़ेगा और हमारी ग्राउंड मशीनरी को प्रभावी ढंग से कार्य करना पड़ेगा।
कलक्टर ने वीसी में पहले सभी उपखंड के उपखंड अधिकारियों, तहसीलदार, पुलिस उपाधीक्षक, बीसीएमओ आदि से कोरोना रोकथाम को लेकर रिपोर्ट ली। उपखंड अधिकारियों ने भी अपने.अपने क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं से अवगत कराया और आवश्यक सुझाव दिए। कुछ उपखंड अधिकारियों ने लोगों में जागरूकता की कमी की समस्या से अवगत कराया तो किसी ने कोरोना रोकथाम हेतु जारी प्रयासों की जानकारी दी।
कलक्टर ने एक.एक बिंदु पर बारीकी से चर्चा कर निर्देश दिए कि शादी समारोह का भौतिक सत्यापन करें यह केवल पेपर औपचारिकता न बन कर रह जाए। इसके लिए ग्राउंड मशीनरी को एक्टिवेट करें, तब ही कोरोना को रोक पाएंगे। कलक्टर ने निर्देश दिए उपखंड अधिकारी और पुलिस उपाधीक्षक प्रतिदिन अपने क्षेत्र में राउंड करें।
कलक्टर ने बताया कि आरटीपीसीआर लेब में दो नई मशीनें आ जाने से अब महज़ दो.तीन दिन में ही रिपोर्ट आने लगी है। उन्होंने कहा कि अधिकारी गाँव.गाँव बन रहे कोविड केयर सेंटर में इतनी अच्छी व्यवस्था करें।
एएसपी हिम्मत सिंह ने निर्देश दिए कि पुलिस अधिकारी समझाइश करे और आवश्यक होने पर सख्ती भी करें। उन्होंने कहा कि कोरोना रोकथाम को अपनी पहली प्राथमिकता दें। उन्होंने पुलिस द्वारा निरंतर लापरवाह लोगों के खिलाफ चालान काटने की कार्रवाई को लेकर अधिकारियों की प्रशासन भी की।


गाँव.गाँव कोविड केयर सेंटर खुलने से आएँगे सकारात्मक परिणाम
जिला कलक्टर ने गादोला का उदाहरण देते हुए बताया कि जब उन्होंने गादोला का दौरा किया तो लोगों ने गाँव के बाहर स्थित कोविड केयर सेंटर आने से मना कर दिया। इस पर उन्होंने गाँव में ही कोविड केयर सेंटर खोल दिया जिससे गाँव वाले वहीँ भर्ती होने लगे, इसका परिणाम रहे हुआ कि समय से उनकी निगरानी और इलाज हुआ और अधिकांश स्वस्थ होकर घर चले गए। उन्होंने कहा कि गांव गांव कोविड केयर सेंटर की परिकल्पना साकार हो गई तो स्थिति में बहुत बदलाव आ जाएगा। जिला कलक्टर ने निर्देश देते हुए कहा कि समस्त पंचायत समितियों और नगर निकायों को बजट दे दिया गया है।

ग्राम स्तरीय समितियों को तुरंत सक्रीय करने के दिए निर्देश
जिला कलक्टर ने बैठक में सीएलजी की नियमित बैठकें करने और ग्राम स्तरीय समितियों को एक्टिवेट करने के निर्देश दिए। कलक्टर ने नाराजग़ी ज़ाहिर करते हुए कहा कि अभी भी कई जगहों पर ग्राम स्तरीय समितियां एक्टिवेट नहीं है, इसलिए इन्हें तत्काल एक्टिवेट करें। जिला कलक्टर ने निर्देश दिए कि अधिकारी जन अनुशासन पखवाड़े की सख्ती से अनुपालना सुनिश्चित करवाएं।

पीएमओ ने कहा. जरूरतमंदों को घर.घर वितरित करें मेडिकल कीट
वीसी में पीएमओ डॉ दिनेश वैष्णव ने कहा कि कोरोना महामारी विकराल रूप ले चुकी हैए इस बीच कई गांवों और कस्बों में कोविड केयर सेंटर खुलने के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैंए निम्बाहेडा और गादोला इसका उदाहरण हैं, अगर सभी ने मिल कर गाँव.गाँव कोविड केयर सेंटर तैयार कर लिए तो चित्तौड़ पूरे प्रदेश के लिए मिसाल बनेगा। उन्होंने कहा कि घर-घर सर्वे करें और आईएलआई लक्षण वाले समस्त व्यक्तियों को मेडिकल किट घर पर ही वितरण करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जब हम मन से इसके लिए जुटेंगे तब ही कोरोना को रोक पाएंगे। उन्होने कहा कि जब भी किसी कोरोना रोगी की जान जाती हैए उन्हें बहुत दु:ख होता है। मरीज गम्भीर हालत में जिला अस्पताल पहुंचते हैंए तब तक उसकी हालत बहुत खराब हो चुकी होती है। अगर समय से सीएचसी या पीएचसी लेवल पर उसे समुचित इलाज मिल जाए तो उसकी जान बच सकती है।

Avinash Chaturvedi
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