पौध संरक्षण का संदेश देते हुुए भूल गए कोरोना से सुरक्षा

संदेश तो पौधे लगाने के साथ उनके संरक्षण का दिया गया लेकिन कोरोना संक्रमण के खतरे के बावजूद उससे सुरक्षा करना पौधे लगाने वाले भूल गए। पौधरोपण करने वालों के चेहरों पर न तो मास्क थे न ही सोशल डिस्टेसिंग दिखी। एक-दूसरे से सटे खड़े पौधे लगाने वाले स्वयं संक्रमण के खतरे को झेलते दिखे। ये नजारा चित्तौडग़ढ़ के आजोलिया खेडा में मंगलवार को चित्तोडग़ढ़ के अपना संस्थान द्वारा पौधरोपण कार्यक्रम में दिखा।

By: Nilesh Kumar Kathed

Published: 30 Jun 2020, 11:55 PM IST

चित्तौडग़ढ़. संदेश तो पौधे लगाने के साथ उनके संरक्षण का दिया गया लेकिन कोरोना संक्रमण के खतरे के बावजूद उससे सुरक्षा करना पौधे लगाने वाले भूल गए। पौधरोपण करने वालों के चेहरों पर न तो मास्क थे न ही सोशल डिस्टेसिंग दिखी। एक-दूसरे से सटे खड़े पौधे लगाने वाले स्वयं संक्रमण के खतरे को झेलते दिखे। ये नजारा चित्तौडग़ढ़ के आजोलिया खेडा में मंगलवार को चित्तोडग़ढ़ के अपना संस्थान द्वारा पौधरोपण कार्यक्रम में दिखा। संस्थान के नगर संयोजक अशोक तिवारी ने बताया कि सघन वन तकनीक से एक हजार वर्ग फीट में 400 से अधिक पौधे तथा 45 प्रजाति के पौधों का रोपण किया गया। पौधरोपण की शुरूआज अपना संस्थान के धर्मपाल गोयल,विधायक चंद्रभान सिंह आक्या तथा मार्बल उद्यमी सुरेश चंद्र सिंघवी ने पौधे लगाकर की। सघन वन में फलदार फूलदार बेले औषधीय पौधे तथा ऑक्सीजन शुद्ध करने वाले पौधे लगाए गए हैं। नींम पीपल बड़ आम गूलर शहतूत सीताफल अंजीर हरड़ बहेड़ा आंवला हार सिंगार चमेली चंपा गुलाब अनार कचनार सहित 41 प्रजातियों के पेड़ पौधे लगाए गए हैं। इस मौैके पर पद्मावती सेवा संस्थान के प्रह्लाद प्रजापत, सुनील अग्रवाल, लक्ष्मण शर्मा,तरुण सुखवाल आदि भी मौजूद रहे। विधायक ने परिसर में पक्षी आवास भी लगाए।

Nilesh Kumar Kathed Bureau Incharge
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned