हलक में उतरने के बाद आएगी रिपोर्ट

चित्तौडग़ढ़. चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से त्योहारी सीजन आते ही जिले में शुद्ध के लिए युद्ध अभियान शुरू कर दिया है। ऐसे में विभाग के अधिकारी मीठाई आदि दुकानों पर जाकर मीठाई एवं मावे सहित कई खाद्या सामग्रियों के नमूने ले रह है तथा रिपोर्ट आने तक उन्हें सीज कर रहे है। चिकित्सा विभाग भले ही गुणवत्ता की जांच करने के लिए सैम्पल ले रहा हो लेकिन खाद्य सामग्री के इन नमूनों की जांच रिपोर्ट आने की कोई समय सीमा तय नहीं है।

By: Avinash Chaturvedi

Published: 17 Oct 2020, 09:29 AM IST

चिकित्सा विभाग का शुद्ध के लिए युद्ध अभियान जारी
चित्तौडग़ढ़. चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से त्योहारी सीजन आते ही जिले में शुद्ध के लिए युद्ध अभियान शुरू कर दिया है। ऐसे में विभाग के अधिकारी मीठाई आदि दुकानों पर जाकर मीठाई एवं मावे सहित कई खाद्या सामग्रियों के नमूने ले रह है तथा रिपोर्ट आने तक उन्हें सीज कर रहे है। चिकित्सा विभाग भले ही गुणवत्ता की जांच करने के लिए सैम्पल ले रहा हो लेकिन खाद्य सामग्री के इन नमूनों की जांच रिपोर्ट आने की कोई समय सीमा तय नहीं है। ऐसे में विभाग का खुद मानना है कि इनकी रिपोर्ट आने में १५ से २० दिन का समय लग सकता है। ऐसे में यह तय है कि रिपोर्ट आने तक बाजार में त्योहारी सीजन निकल जाएगा और अच्छी बुरी सभी तरह की खाद्य सामग्री का उपयोग लोग कर लेंगे।
दर्शानी होगी तिथियां
चित्तौडग़ढ़ खाद्य व्यापार संघ के पदाधिकारियों की मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रामकेश गुर्जर के साथ बैठक गुरुवार को हुई जिसमें निर्णय लिया गया कि आगामी दिनों में सरकार की गाइड लाइन के अनुसार सभी मिठाई विक्रेताओं को अपनी मिठाई का निर्माण कर वैधता तिथि अंकित करनी होगी। इस अवसर पर व्यवसायी रमेश अग्रवाल खाद्य व्यापार संघ के कान सिंह राजपुरोहित, भंवर चौधरी, अनिल नाटाणी, नंदू गुर्जर प्रहलाद हरीश मेनारिया आदि व्यापारी मौजूद थे। सीएमएचओ गुर्जर ने व्यापारियों को निर्देश दिए कि सभी को कोरोना लाइन का पालन करना होगा नहीं करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी एवं दुकानों पर नो मासक को नो एंट्री का पालन किया जाएगा।
मिली अवधिपार सामग्री
निरीक्षण के दौरान टीम ने अवधिपार पेय पदार्थ कोल्डड्रिंक का नष्टीकरण कराया गया एवं फर्म मालिक को अत्यधिक साफ सफाई रखने एवं खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के अनुसार मिठाई पर निर्माण तिथि लगाने एवं उपयोग में लेने की तिथि अंकित करने के लिए पाबन्द किया गया।

१५ दिन की होती है मियाद
मावा व्यापारियों का कहना है कि फीका मावा जब्त करने के बाद चिकित्सा विभाग ने १५ दिन की मियाद दी है। जबकि फीका मावा पांच से छह दिन से ज्यादा का सुरक्षित नहीं होता है। ऐसे में जब्त मावे को १५ दिन तक रखवाकर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग इसके बाद अगर रिेपार्ट सही आई तो उसे बाजार में लोगों को बेचने की अनुमति जारी कर देगा।
अब तक सात नमूने
चिकित्सा विभाग की टीम ने बीते तीन दिनों में कार्रवाई को महज खानापूर्ति के लिए की है। तीन दिन में अभियान के तहत केवल सात दुकानों से ही नमूने लिए गए है।

नमूनों की जांच की रिेपार्ट आने में समय लगता है। इसका समय कोई निर्धारित नहीं होता है। फिर भी १५ से २० दिन लगते है। यह बात भी सही है जब तक त्योहारी सीजन निकल जाएगा।
रामकेश गुर्जर, सीएमएचओ चित्तौडग़ढ़

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