सांवलिया अस्पताल के दो कमरों में चल रहा है सखी सेंटर

पीडि़त महिलाओं को आवास और भोजन सुविधा देने वाला सखी वन स्टॉप सेंटर यहां सांवलिया जी अस्पताल के दो कमरों में संचालित हो रहा है। सेंटर के भवन के लिए बजट भी आवंटित है, लेकिन कार्रवाई आगे नहीं बढ रही है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव ने बुधवार को सेंटर का निरीक्षण किया तो यह बात सामने आई।

By: jitender saran

Published: 18 Jun 2021, 12:43 PM IST

चित्तौडग़ढ़
जानकारी के अनुसार प्राधिकरण सचिव भानु कुमार ने सखी वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण किया। इस दौरान सेंटर की अधीक्षक नीतू जोशी ने प्राधिकरण सचिव को बताया कि यह सेंटर ऐसी निराश्रित महिलाओं जिन्हें पुलिस, हेल्पलाइन संख्या 181 या सामाजिक संस्था, अन्य किसी के व्यक्ति द्वारा पेश किया जाता है, उनकी काउंसलिंग कर अधिकतम सात दिवस का आश्रय प्रदान करता है। महिलाओं के परिजनों से संपर्क कर उनके पुनर्वास के प्रयास किए जाते है। सात दिन बाद महिलाओं को नारी निकेतन, आसरा विकास संस्थान में भेजा जाता है। सखी सेंटर के बारे में आम व्यक्तियों को जानकारी नहीं होने से रास्ते में निराश्रित, मानसिक विमंदित महिलाओं को यहां नहीं लाया जा रहा है, जिस कारण सेंटर द्वारा प्रदान की जानी वाली सुविधाओं का लाभ महिलाएं नहीं उठा पाती है। सेंटर पर घरेलु हिंसा एवं अन्य पीडि़त महिलाओं के लिए आपातकालीन राहत सेवाएं विधिक एवं पुलिस सहायता, चिकित्सा एवं परामर्श सुविधाएं, अस्थायी आवास व भोजन सुविधाएं उपलब्ध है। सचिव ने सेंटर में संधारित रजिस्टरों की भी जांच की। निरीक्षण के दौरान सेंटर पर दो पीडि़त महिलाएं पाई गई जिनकी काउंसलिंग की जा रही है। सेंटर के लिए अनुदान राज्य सरकार द्वारा महिला अधिकारिता विभाग के माध्यम से दिया जाता है। केन्द्र पर प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा नियमित निरीक्षण नहीं किया जा रहा है। भवन के लिए स्थान और बजट आवंटित होने के बावजूद यह सेंटर सांवलिया जी अस्पताल के दो कमरों में संचालित हो रहा है, ऐसे में पीडि़ताओं की संख्या अधिक होने पर समस्या उत्पन्न होती है।

jitender saran Reporting
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