सभापति बोले, विधायक जी आप सदस्य को बोलने से नहीं रोक सकते

नगर परिषद बोर्ड की मंगलवार को यहां इंदिरा गांधी ऑडिटोरियम में हुई बैठक शुरू होते ही विकास के मुद्दों पर चर्चा के बजाय प्रतिपक्ष के पार्षदों ने धरने पर बैठकर हंगामा कर खड़ा कर दिया। विधायक ने एक पार्षद को बोलते हुए रोका तो सभापति व विधायक के बीच नोक-झोंक हो गई। सभापति बोले कि विधायकजी आप सिर्फ सम्मानीय सदस्य हैं, इसलिए किसी पार्षद को बोर्ड बैठक में अपनी बात करने से नहीं रोक सकते। बैठक का संचालन सभापति करता है और यह अधिकार सिर्फ सभापति को ही है।

By: jitender saran

Published: 07 Sep 2021, 11:49 PM IST

चित्तौडग़ढ़
बोर्ड की बैठक शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष सुरेश झंवर के नेतृत्व में प्रतिपक्ष के पार्षद कुर्सियों से उठकर मंच के सामने ही धरने पर बैठ गए और नारेबाजी करने लगे। नेता प्रतिपक्ष का आरोप था कि बोर्ड की पिछली बैठक में भी उनकी बात नहीं सुनी गई, इसलिए इस बार सबसे पहले उनकी बात सुनी जाए। इधर जवाब में सत्ता पक्ष के पार्षदों ने भी नारेबाजी शुरू कर दी। दोनों तरफ से आरोप-प्रत्यारोपों का दौर शुरू हो गया। इससे स्थिति हंगामापूर्ण हो गई। प्रतिपक्ष के पार्षद समाचार पत्रों की प्रतियां लहराने लगे तो जवाब में मंच से ही सभापति संदीप शर्मा ने समाचार पत्र की प्रति दिखाकर पुराने बोर्ड के समय हुई कथित अनियमितताओं की पोल खोल दी। माहौल गरमाने लगा तो मंच पर मौजूद विधायक चन्द्रभानसिंह आक्या ने हस्तक्षेप किया। इसके बाद प्रतिपक्ष के पार्षद कुर्सिंयों पर जाकर बैठ गए। सभापति ने कहा कि सभी पार्षदों की बात सुनी जाएगी।

जनता ने विकास के लिए चुना है तो विकास की बात करो
बैठक में सभापति संदीप शर्मा ने कहा कि जनता ने हम सबको शहर के विकास के लिए चुनकर भेजा है, इसलिए आरोप-प्रत्यारोप लगाने और हंगामा करने के बजाय विकास के मुद्दों पर चर्चा करने के लिए बोर्ड बैठक बुलाई है। पार्षद सुमंत सुहालका ने कहा कि कोरोना काल में सभापति ने कोरोना से मृत लोगों के दाह संस्कार की परिषद की ओर से अंतिम संस्कार करने सहित कई व्यवस्थाएं की है। मिलजुल कर चित्तौड़ के विकास की बात करें। प्याज के छिलके उतारोगे तो भोचक्के रह जाओगे। इस पर नेता प्रतिपक्ष सुरेश झंवर ने कहा कि कोरोना काल में सभी ने मिलजुलकर काम किया है। इस पर सभापति ने कहा कि कोरोना काल में पूरे बोर्ड का सहयोग रहा है। सभी धन्यवाद के पात्र है।

पार्षदों ने यह उठाई समस्याएं
वार्ड ४२ की पार्षद अनुसुइया सुखवाल ने कहा कि उनके वार्ड क्षेत्र में चालीस पौधों की मांग है, लेकिन आठ पौधे ही लगे है। तीन की जगह पानी की एक ही मोटर लगी है। नालियों की मरम्मत नहीं हो रही है। सभापति ने बैठक में ही अधिशासी अभियंता को इन समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए। पार्षद पूरण राणा ने आरोप लगाया कि विकास कार्यों में भेदभाव बरता जा रहा है। उनके वार्ड में सड़कें व नालियां खराब है। सभापति ने कहा कि गत बार मुख्य सड़कों का काम करवाने का लक्ष्य था। अब वार्डों में यह काम करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि भेदभाव का आरोप गलत है। पार्षद रामचन्द्र गुर्जर ने वार्ड में सड़क और नालियों का मुद्दा उठाया। सभापति ने अधिशासी अभियंता को एस्टीमेट तैयार करने के निर्देश दिए। पार्षद बालकिशन भोई ने सीवरेज की समस्या उठाई।

मैं खुद परेशान हूं इस कंपनी के काम से
बैठक में पार्षद पूरण राणा ने कहा कि उनके वार्ड में स्ट्रीट लाइट की समस्या है। आधी लाइटें बंद पड़ी है। सभापति ने कहा कि यह समस्या वर्ष २०१५ से ही चली आ रही है। एक कंपनी को सात साल के लिए यह काम सौंपा गया था। यह पिछली सरकार का निर्णय था। सभापति ने कहा कि वे खुद इस कंपनी के काम से संतुष्ट नहीं है। परेशानियों के बावजूद भी इसी कंपनी से काम लेना पड़ रहा है, लेकिन जल्द ही सुधार करवा लिया जाएगा।

नाम बताओ, अभी निलंबित करता हूं
बैठक में एक महिला पार्षद ने कहा कि उनके वार्ड क्षेत्र में सफाई करने आने वाले पैसों की मांग करते हैं। सभापति ने कहा कि आप अभी उस कर्मचारी का नाम बताओ, मैं उसे निलंबित करता हूं, लेकिन पार्षद नाम नहीं बता पाई।

तब क्या विकास करवाया
बैठक में वार्ड ५१ के पार्षद हरीश इनाणी ने कहा कि जहां चहेतों के वार्ड हैं, सिर्फ वहीं विकास कार्य हो रहे हैं। सभापति ने कहा कि उनके लिए शहर के सभी वार्डों में रहने वाले लोग चहेते हैं। पार्षद ने कहा कि उनके वार्ड में सड़कें खराब है, नालियां नहीं बनी, पेचवर्क नहीं हुआ। सभापति ने इनाणी से सवाल किया कि आप पिछली बार भी तो पार्षद थे, तब क्या विकास कराया। इस पर प्रतिपक्ष के पार्षद विरोध करने लगे। सभापति ने कहा कि सभी वार्डों में विकास कार्य करवाए जा रहे हैं।

उठाया जन आवास योजना का मुद्दा
बैठक में पार्षद छोटूसिंह शेखावत ने कहा कि मुख्यमंत्री जन आवास योजना में जिन लोगों ने राशि जमा करवा दी, उन्हें भी मकान नहीं दिए जा रहे हैं। सभापति ने जवाब में कहा कि जब बोर्ड बना था, उससे नौ-दस माह पहले ही इस योजना का काम बंद पड़ा था, उन्होंने खुद संवेदक को बुलाकर काम शुरू करवाया। सभापति ने पार्षद शेखावत से सवाल किया कि इस योजना को लेकर आप पिछले पांच साल तक कहां थे, तब यह समस्या किस मजबूरी में नहीं उठा पाए। सभापति ने कहा कि सिर्फ ७९ लोगों ने ही राशि जमा करवाई है, जिन्हें मकान दे दिए गए हैं।

या तो मैं या आप दे दो इस्तीफा, बोलो मंजूर है
बैठक में पार्षद छोटूसिंह शेखावत ने कि वीर रेजिडेंसी में नगर परिषद की ओर से पट्टे जारी करने की तैयारी करने का आरोप लगाया। सभापति ने शेखावत से कहा कि इस बारे में कोई पुख्ता प्रमाण हो तो बताइए। सभापति ने कहा कि वर्ष २०१३ में पार्क की बाउण्ड्री बनाई गई थी। पिछले बोर्ड में वर्ष २०१५ में कॉलोनाइजर ने नगर परिषद में फाइल लगाई थी और २७ नवंबर २०१५ को वरिष्ठ नगर नियोजक ने इसे खारिज कर दिया था। इसके बाद पट्टों के लिए नगर परिषद में कोई फाइल नहीं आई है। सभापति ने शेखावत को चुनौती दी कि यदि कोई फाइल उनके कार्यकाल में अब तक लगी हो तो वे इस्तीफा देने को तैयार है, लेकिन यदि शेखावत गलत साबित हुए तो क्या वे भी इस्तीफा देने को तैयार है, इस पर पार्षद शेखावत कुछ भी जवाब नहीं दे पाए। विधायक आक्या ने हस्तक्षेप किया और कहा कि जब ऐसा है ही नहीं तो बात खत्म करो।

आमने-सामने हो गए विधायक और सभापति
बैठक में पार्षद महेन्द्र सिंह मेड़तिया ने कहा कि वर्ष २०१० में नगर पालिका ने सेतु मार्ग पर एक जमीन छह करोड़ में नीलाम की थी। तब पार्षद छोटूसिंह ने विरोध करते हुए पहले कलक्टर को बाद में न्यायालय की शरण ली थी और बाद में केस विड्रो क्यों कर लिया। छोटूसिंह ने कहा कि कलक्टर ने चार साल तक फैसला नहीं दिया। सभापति ने कहा कि इसका मुकदमा नंबर ५८/२०११ था और ६ मार्च २०१२ को ही जिला कलक्टर ने फैसला दे दिया था। इसके बाद पार्षद मेड़तिया बोलने लगे तो विधायक आक्या ने उन्हें रोकते हुए इस मुद्दे को विराम देने की बात कही। इसका विरोध करते हुए सभापति ने विधायक से कहा कि आप इस सदन के सिर्फ सम्मानीय सदस्य है, इसलिए बोर्ड बैठक में किसी पार्षद को अपनी बात कहने से नहीं रोक सकते। यह सिर्फ सभापति का अधिकार है। इस मुद्दे को लेकर दोनों में काफी तेज नोक-झोंक हो गई। दोनों पक्ष के पार्षद भी अपने-अपने नेता के समर्थन में आ गए, लेकिन बाद में मामला शांत हो गया।

पार्षदों की भावना का रखा जाए ध्यान
बैठक में विधायक चन्द्रभानसिंह आक्या ने कहा कि पार्षदों की भावना के अनुसार विकास के कार्य मिलजुलकर होने चाहिए। पार्टी पॉलीटिक्स की बातें होना स्वभाविक है, लेकिन इन सब को भुलाकर विकास पर चर्चा करने की आवश्यकता है। समय निकलता जा रहा है, हम सभी को विकास की सोच रखनी होगी। आरोप-प्रत्यारोप लगाने से तो अच्छा है कि मिलजुलकर विकास पर चर्चा करें। विधायक ने कहा कि वे शहर के विकास में कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग करने को तैयार है। गौरतलब है कि नए बोर्ड के गठन के बाद विधायक ने मंगलवार को पहली बार बोर्ड बैठक में भाग लिया है।

टाउनशिप पॉलिसी को लेकर महत्वपूर्ण प्रस्ताव
ऐसे कॉलोनाइजर व विकास कर्ताओं द्वारा नगर परिषद में 12.5 प्रतिशत के भूखण्डों को रहन रखा हुआ है, लेकिन समयावधि निकल जाने के बाद भी आन्तरिक विकास कार्य पूर्ण नहीं किया हो और न ही पटट्े के लिए आवेदन किया गया है। ऐसी स्थिति में नगर परिषद में बार-बार कॉलोनाइजर्स के विरूद्ध शिकायतेंं प्राप्त हो रही है। जनहित को देखते हुए जिन कॉलोनियों में विकास कार्य पूर्ण नहीं हुआ है एवं अधिक समय हो चुका है। उन कॉलोनाइजरों को नोटिस जारी कर रहन रखे भूखण्डों को नगर परिषद द्वारा अधिग्रहण करते हुए कॉलोनी में विकास कार्य करवाने का प्रस्ताव पारित किया गया।

मुख्यमंत्री व जाड़ावत का धन्यवाद
बैठक में सभापति ने चित्तौड़ में मेडिकल कॉलेज, आक्सीजन प्लांट, कोविड लैब सहित कई विकास कार्यो की सौगात देने तथा चम्बल का पानी देने के लिए 156 लाख रूपए ड्राइंग-डिजाइन के लिए स्वीकृत करने पर मुख्यमंत्री व वरिष्ठ नेता सुरेन्द्रसिंह जाड़ावत को धन्यवाद दिया।

बैठक में यह प्रस्ताव हुए पारित
-चंदेरिया में आरओबी को लेकर अग्रिम कार्रवाई के लिए प्रस्ताव।
- गोरा-बादल स्टेडियम को मिनी स्टेडियम के रूप में विकसित करने के लिए तीन करोड़ रूपए की स्वीकृति का प्रस्ताव।
-चंदेरिया में हरिराम स्टेडियम को इण्डोर स्टेडियम बनाने के लिए सवा करोड़ रूपए की स्वीकृति का प्रस्ताव।
-देवकीनंदन गोशाला के विकास के लिए चार करोड़ रूपए की स्वीकृति का प्रस्ताव।
-आधुनिक व्यायामशाला बनाने का प्रस्ताव।
-मधुवन क्षेत्र में जलभराव की समस्या खत्म करने के लिए विद्या विहार स्कूल से निम्बाहेड़ा मुख्य सड़क तक नाला निर्माण के लिए डेढ करोड़ रूपए की स्वीकृति का प्रस्ताव।
- मुख्यमंत्री जन आवास योजना के पास रिटेनिंग वॉल निर्माण ७५ लाख रूपए की स्वीकृति का प्रस्ताव।
-नवनिर्मित चौपाटी बाजार की दुकानों को बेचने के लिए समिति का गठन।
- गांधीनगर कच्ची बस्ती में निर्मित स्लाटर हाऊस का उपयोग अन्य कार्य में करने का प्रस्ताव।
- हजारेश्वर महादेव मंदिर से संगम महादेव मार्ग के मध्य हाई लेवल ब्रिज निर्माण कार्य के प्रस्ताव को निरस्त कर इसके स्थान पर पूर्व में निर्मित कॉजवे के स्थान पर 2 लेन नवीन सबमर्सिबल ब्रिज निर्माण कार्य का प्रस्ताव।
-प्राचीन जल स्त्रोत के तहत सागर कुण्ड, त्रिपोलिया हनुमान मंदिर के पास स्थित बावडी, हजारेश्वर महादेव मंदिर स्थित बावडी, छबिला हनुमान मंदिर स्थित बावडी, तोषनीवाल बावडी, पाडन पोल स्थित जाली बाव, सुराणा मोहल्ला स्थित बावडी, खातर महल में स्थित बावडी मधुवन क्षैत्र में स्थित हाथीकुण्ड के जीर्णोद्वार का प्रस्ताव।
- इन्दिरा गांधी स्टेडियम में इन्दिरा गांधी की नौ फीट ऊंची प्रतिमा/मूर्ति एवं सेंती स्थित राजीव गांधी पार्क में राजीव गांधी की नौ फीट ऊंची प्रतिमा/मूर्ति स्थापित करने का प्रस्ताव। इन दोनों प्रतिमाओं की खरीद पर नगर परिषद द्वारा कोई राशि व्यय नहीं की जाएगी।

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