नाबालिग के अपहरण व बलात्कार के आरोपी को दस वर्ष का कारावास

नाबालिग के अपहरण व बलात्कार के आरोपी को दस वर्ष का कारावास
नाबालिग के अपहरण व बलात्कार के आरोपी को दस वर्ष का कारावास

Jitender Saran | Updated: 11 Oct 2019, 11:30:00 PM (IST) Chittorgarh, Chittorgarh, Rajasthan, India

विशेष न्यायालय बालकों का लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम २०१२ चित्तौडग़ढ़ ने नाबालिग के अपहरण व बलात्कार के एक आरोपी को दोषी करार देते हुए दस वर्ष के कठोर कारावास व बीस हजार रूपए अर्थदण्ड से दण्डित किया है।

चित्तौडग़ढ़
प्रकरण के अनुसार ७ दिसंबर २०१३ को एक व्यक्ति ने शंभूपुरा थाने में रिपोर्ट दी कि उसकी साढ़े सोलह वर्षीय पुत्री ५ दिसंबर २०१९ को सायं करीब छह बजे शौच के लिए घर से निकली थी, जो घर नहीं लौटी। पुलिस पड़ताल में पता चला कि नाबालिग को गंगरार थानान्तर्गत सूली खेड़ा गांव में रहने वाला शंकरलाल (३२) पुत्र भगवानलाल रेबारी अपनी मौसी की मदद से मोटरसाइकिल पर बिठाकर ले गया। बाद में पुलिस ने पीडि़ता को दस्तियाब कर लिया। पीडि़ता ने अपने बयान में बताया कि आरोपी उसे जयपुर लेकर गया, जहां करीब दो-ढाई माह तक रखा और उसके साथ बलात्कार किया। पुलिस ने ने पीडि़ता का मेडिकल कराया तो उसके गर्भवती होने का खुलासा हुआ। पुलिस ने आरोपी शंकरलाल को गिरफ्तार कर न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया। पीठासीन अधिकारी ने उभय पक्षों को सुनने के बाद शुक्रवार को अपने फैसले में आरोपी को दोषी करार देते हुए दस वर्ष के कठोर कारावास व बीस हजार रूपए अर्थदण्ड से दण्डित किया। अभियोजन पक्ष की ओर से १४ गवाह व २५ दस्तावेज पेश किए गए।

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