केन्द्र सरकार की नीति और नीयत साफ नहीं- जाड़ावत

पेट्रोल-डीजल और महंगाई के मुद्दों के सहारे जनता को ठग कर वोट लेने वाले प्रधानमंत्री अब इन्हीं मुद्दों में फेल हो गए है। पेट्रोल-डीजल के साथ ही आम जरूरत की वस्तुएं खरीद पाना गरीब परिवारों के सामथ्र्य से बाहर हो गया है।

By: jitender saran

Published: 12 Jul 2021, 10:31 PM IST

चित्तौडग़ढ़
केन्द्र सरकार के खिलाफ पेट्रोल-डीजल के निरंतर भाव बढने व आसमान छू रही महंगाई के विरोध में चित्तौडग़ढ़ विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस कार्यकर्ताओं की ओर से सोमवार को कलक्ट्रेट के बाहर धरना-प्रदर्शन में मुख्य वक्ता वरिष्ठ कांग्रेस नेता सुरेन्द्रसिंह जाड़ावत ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि महंगाई पूरे देश की बड़ी समस्या बन चुकी है। वर्ष २०१३ में जब केन्द्र में यूपीए सरकार थी, तब नरेन्द्र मोदी व उनके संगठन के लोगों ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों और महंगाई को मुद्दा बनाकर देशवासियों से वोट लिए थे, लेकिन केन्द्र में भाजपा शासन आने के बाद देश जी जीडीपी दर औंधे मुंह गिर गई है। पेट्रोल-डीजल की कीमतें शतक पार होने के साथ ही महंगाई से हाहाकार मच गया है। पिछले साठ दिन में तीस बार पेट्रोल-डीजल के दाम बढ चुके हैं। छह माह में ही रसोई गैस सिलेण्डर पर २५५ रूपए बढा दिए गए हैं। सिलेण्डर पर सब्सिडी बंद कर दी गई है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार के पास न तो नीति है और न ही उसकी नीयत साफ है। अप्रेल में खुदरा महंगाई ४.२३ प्रतिश थी, जो मई में बढकर ६.३० प्रतिशत हो गई। थोक महंगाई १२.९४ फीसदी तक पहुंच चुकी है।

तब और अब का यह हिसाब
जाड़ावत ने कहा कि यूपीए सरकार के समय गैस सिलेण्डर ४५० रूपए का था, जो अब करीब ९०० रूपए में मिल रहा है। वर्ष २०१४ से पहले सरसों का तेल ६५ रूपए लीटर था, अब २०० रूपए लीटर हो गया है। चीनी २५ रूपए किलो थी, अब ४० रूपए किलो हो गई है। सीमेंट १९५ रूपए प्रति कट्टा थी, जो अब ३६० रूपए प्रति कट्टा हो गई है। रेलवे प्लेटफार्म का टिकट पांच रूपए का था, जो अब पचास रूपए का कर दिया गया है। पहले एटीएम से राशि निकालने का कोई चार्ज नहीं था, लेकिन अब ७० से १०५ रूपए तक चार्ज लिया जा रहा है। यूपीए सरकार के समय देश पर २.५० लाख करोड़ का कर्ज था, जो मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद अब २५ लाख करोड़ रूपए हो गया है। केन्द्र सरकार देश के हर वर्ग पर महंगाई का वार कर रही है। केन्द्र सरकार ने नोटबंदी, जीएसटी, कृषि कानून, महंगाई से हर देशवासी को आहत कर दिया है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार धर्म के आधार पर लोगों को बांटकर राजनीति रोटियां सेक रही है। वर्ष २०१४ में डीजल ५८ रूपए लीटर था, तब अन्तरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड की कीमत १४० रूपए प्रति बैरल थी। वर्तमान में क्रूड ऑयल की कीमत ७० रूपए प्रति बैरल ही है, लेकिन पेट्रोल-डीजल की कीमतें शतक पार हो गई है।
धरने को शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रेमप्रकाश मंूदड़ा, नगर परिषद सभापति संदीप शर्मा, ग्रामीण ब्लॉक अध्यक्ष त्रिलोकचंद जाट, करण सिंह सांखला, कांग्रेस नेता अभिमन्यु सिंह जाड़ावत, प्रमोद सिसोदिया, मोहन सिंह भाटी, नगेन्द्रसिंह राठौड़, बार एसोसिएशन अध्यक्ष सावन श्रीमाली, सुमंत सुहालका, बालमुकंद मालीवाल, रविराज सिंह, विक्रम जाट, आजाद पालीवाल, जाकिर हुसैन आदि ने संबोधित किया। इस मौके पर पार्षद रमेशनाथ योगी, युवक कांग्रेस जिलाध्यक्ष नवीन तंवर, प्रवक्ता राजेश सोनी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे। संचालन जिला कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता अहसान पठान ने किया।

नारेबाजी व मानव शृंखला बनाकर विरोध
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने महंगाई व पेट्रोल-डीजल के लगातार दाम बढने के विरोध में केन्द्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और कलक्ट्री चौराहे पर मावव शृंखला बनाकर विरोध प्रदर्शन किया।

jitender saran Reporting
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