सूरज अस्त हो गया पर धरती की तपन कम नहीं हुई

दिन में सूर्य की तीखी किरणों से तप रही धरती रात में भी शीतल नहीं हो पा रही है। रात का तापमान भी इतना अधिक हो रहा है कि जरा सी देर भी बिजली गुल होते ही आदमी पसीना-पसीना हो रहा है। चित्तौडग़ढ़ शहर में नौतपा के तीसरे दिन बुधवार को भी धरती तपती रही। शहर के अधिकतम तापमान में कोई कमी नहीं आई लेकिन न्यूनतम तापमान मंगलवार की तुलना में करीब पांच डिग्री बढ़ जाने से रात में भी नौतपा की तपन ने बैचेन कर दिया।

By: Nilesh Kumar Kathed

Updated: 27 May 2020, 11:45 PM IST

चित्तौडग़ढ़. दिन में सूर्य की तीखी किरणों से तप रही धरती रात में भी शीतल नहीं हो पा रही है। रात का तापमान भी इतना अधिक हो रहा है कि जरा सी देर भी बिजली गुल होते ही आदमी पसीना-पसीना हो रहा है। चित्तौडग़ढ़ शहर में नौतपा के तीसरे दिन बुधवार को भी धरती तपती रही। शहर के अधिकतम तापमान में कोई कमी नहीं आई लेकिन न्यूनतम तापमान मंगलवार की तुलना में करीब पांच डिग्री बढ़ जाने से रात में भी नौतपा की तपन ने बैचेन कर दिया। पंखें बेदम साबित हो गए तो पानी भरे कूलर भी गरम हवा फेंकते रहे। इससे पूर्व सुबह 9 बजे बाद ही सूर्य की किरणे तीखी होना शुरू हो गई जो दोपहर 12 बजे बाद प्रचण्ड हो गई। गर्मी इस कदर थी कि कुछ देर सड़क पर निकलते ही आसमान से आग बरसती प्रतीत हो रही थी। लू चलने से पेटदर्द, उल्टी,डायरिया आदि की शिकायत भी बढ़ गई। चित्तौडग़ढ़ में बुधवार को अधिकतम तापमान मंगलवार के 45.8 डिग्री सेल्सियस की तुलना ममें 45.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान एक दिन पहले के 25.5 की तुलना में 30 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। गर्र्मी के तीखे तेवरों से अस्पताल जैसे स्थानों पर भी सन्नाटा पसरा दिखा। गर्मी की प्रचण्डता का असर खानपान पर भी पड़ा। घरों में तन को शीतलता का अहसास कराने वाले छाछ, लस्सी आदि शीतल पेय का उपयोग बढ़ गया। डेयरी बूथ पर भी छाछ आदि की मांग बढ़ गई।

Nilesh Kumar Kathed Bureau Incharge
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