भोजन की थाली से मीठा गायब हुआ तो ये क्या बोल गए शिक्षक, आप भी जानिए

चित्तौडग़ढ़ जिले में भैंसरोडग़ढ़ स्थित राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में चल रहे गैर आवासीय प्रशिक्षण शिविर के दौरान भोजन में शिक्षकों को मीठा नहीं मिल रहा है। इसको लेकर शिक्षकों ने नाराजगी जताई है। यही नहीं शिक्षकों का कहना है कि शिक्षकों के भोजन के ऊपर बाजार भाव से ज्यादा खर्च हो रहा है। फिर भी मीनू में बदलाव नहीं हो रहा है।

By: jitender saran

Published: 03 Dec 2019, 01:53 PM IST

चित्तौडग़ढ़
यदि जिम्मेदारों की माने तो श्िविर में लेवल एक व दो के करीब सवा 6 00 शिक्षकों को पांच चरणों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण 9 नवम्बर से शुरू हुआ था जो 13 दिसम्बर तक चलेगा। अधिकारियों का कहना है कि ब्लॉक स्तरीय एकीकृत शिक्षक प्रशिक्षण में प्रतिदिन एक शिक्षक पर 230 रुपए की राशि खर्च करने का बजट है। इसमें प्रति शिक्षक एक समय भोजनए नाश्ता व चाय पर 117 रुपए की राशि व अन्य गतिविधियों कार्य पर 113 रुपए खर्च करने का प्रावधान है। बजट के आंकड़ों के अनुसार प्रशिक्षण के पांच चरणों में करीब आठ लाख रुपए के आसपास राशि खर्च होनी है लेकिन प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को चाय नाश्ता के साथ भोजन मे दो सब्जी, चावल व कभी पुड़ी या चपाती दी जा रही है। हालाकि कुछ शिक्षकों ने बताया कि भोजन की थाली पर बाजार के हिसाब से दो गुना बजट ज्यादा होने के बावजूद मेनु में बदलाव नहीं किया जा रहा है। यही नहीं भोजन में मीठा भी नहीं दिया जा रहा है।
बड़ीसादड़ी, निम्बाहेडा़, भदेसर, कपासन में भी प्रशिक्षण का निरीक्षण किया। दोपहर के भोजन थाली में मीठा भी मिला था। सभी जगह एक जैसा भोजन शिक्षकों को मिलना चाहिए। भैसरोडगढ़ मे ं ब्लॉक स्तरीय एकीकृत शिक्षक प्रशिक्षण में अगर भोजन थाली में मीठा नहीं दिया जा रहा है तो संबंधित सीबीईओ की जिम्मेदारी बनती है। उसके बारे में सीबीईओ से बात की जाएगी।
कल्याणी दीक्षित, प्रांरभिक जिला शिक्षा अधिकारी, चित्तौडग़ढ़

jitender saran Reporting
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