अबूझ सावों पर मंडराया संक्रमण का साया तो अलर्ट हो गया कौन

देवशयन एकादशी से चातुर्मास शुरू होते ही पांच माह तक विवाह समारोह नहीं होने से उससे दो दिन पहले अबूझ सावे भड़ल्या नवमी पर सोमवार को शादियों की भरमार है। सामान्यतया औसतन इस दिन जिले में एक हजार शादियां होती आई है लेकिन इस बार कोरोनाकाल के चलते माना जा रहा है कि 600~700 विवाह हो सकते है। कोरोना संक्रमण के निरन्तर बढ़ते खतरे के बीच बड़ी संख्या में होने जा रही शादियां प्रशासन के लिए चुनौती व चिंता का कारण बन गए है।

By: Nilesh Kumar Kathed

Published: 29 Jun 2020, 05:00 AM IST

चित्तौडग़ढ़. देवशयन एकादशी से चातुर्मास शुरू होते ही पांच माह तक विवाह समारोह नहीं होने से उससे दो दिन पहले अबूझ सावे भड़ल्या नवमी पर सोमवार को शादियों की भरमार है। सामान्यतया औसतन इस दिन जिले में एक हजार शादियां होती आई है लेकिन इस बार कोरोनाकाल के चलते माना जा रहा है कि ६००-७०० विवाह हो सकते है। कोरोना संक्रमण के निरन्तर बढ़ते खतरे के बीच बड़ी संख्या में होने जा रही शादियां प्रशासन के लिए चुनौती व चिंता का कारण बन गए है। हालांकि प्रशासन ने प्रत्येक शादी के लिए उपखण्ड अधिकारी स्तर से पूर्व अनुमति लेना जरुरी किया है लेकिन अबूझ सावे होने से गांवों में बिना अनुमति भी शादियां होने का खतरा मंडरा रहा है। ऐसे में उपखण्ड अधिकारी, तहसीलदार से लेकर थानेदार व सरपंच, ग्राम विकास अधिकारी तक को सर्तक किया हुआ है। शादियों के लिए प्रशासन ने पचास की अधिकतम संख्या तो तय कर दी लेकिन अधिक संख्या में लोग एकत्रित होने पर संक्रमण फैलने का खतरा है। भीलवाड़ा में एक शादी में अधिक लोगों के जमा होने के बाद बड़ी संख्या में पॉजीटिव केस आने की घटना ने यहां भी प्रशासन को चिंतित किया हुआ है। ऐसे में प्रशासन अनुमति देने से तो इंकार नहीं कर पा रहा लेकिन नियमों की पालना हो इसके लिए आवेदक के पूर्ण पाबंद किया जा रहा है।
क्वारंटीन व्यक्ति नहीं हो सकता शादी में शामिल
प्रशासन ने संक्रमण का खतरा टालने के लिए शादियों में आने वालों को लेकर विशेष सचेत है। आवेदक को स्पष्ट बता दिया गया है कि कोई भी ऐसा व्यक्ति भी विवाह समारोह में नहीं आ सकता जो संस्थागत या होम क्वांरटीन चल रहा हो। किसी में कोरोना के लक्षण भी नजर आए तो उसे शादी में नहीं बुलाया जाए।
सीजन में भी बाजारों में नहीं दिखी रौनक
कोरोना संकट के चलते शादियां तो हो रही लेकिन उनमें धूमधड़ाका गायब है। ऐसे में बैंड के स्थान पर ढोल बज रहेे है। मेहमानों की संख्या ५० तक सीमित होने से शादियों की सीजन होने पर भी केटेरिंग से लेकर हलवाई तक के पास अधिक काम नहीं है। बाजारों से रौनक गायब है और कपड़ो के शोरूम पर भी विशेष खरीदारी नहीं है। मास्क अनिवार्य होने से विवाह स्थल पर मास्क व सेनिटाइजर प्रबंध पर विशेष ध्यान है।
एसडीएम स्तर पर दी जा रही अनुमति
चित्तौडग़ढ़ जिले में वर्तमान में कोई भी हॉटस्पॉट या कंटेनमेंट जोन नहीं होने से जो भी शादी के लिए अनुमति मांग रहा है उसे नियमों की पालना शर्त के साथ दी जा रही है। एडीएम मुकेश कलाल के अनुसार शादियों की अनुुमति जिला स्तर की बजाय उपखण्ड अधिकारी स्तर से ही दी जा रही है। जिला प्रशासन के पास अभी २९ अप्रेल की शादियों की एकजाई सूचना नहीं है।
अनुमति के साथ शर्त भी लागू
- विवाह समारोह में वर-वधु पक्षों सहित कुल मिलाकर पचास से अधिक व्यक्ति नहीं हो पाएंगे।
- विवाह समारोह में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति का मास्क पहनना अनिवार्य होगा।
- सोशल डिस्टेसिंग का ध्यान रखते हुए कम से कम दो गज की दूरी रखनी होगी।
- विवाह स्थल को सेनिटाइज करने के साथ हाथ धोने के लिए भी साबुन व सेनिटाइजर का प्रबंध होगा।
- कोई भी संक्रमित या क्वारंटीन में चल रहा व्यक्ति विवाह समारोह में नहीं आए। किसी में आशंका होने पर भी चिकित्सा विभाग को सूचित करें।
- किसी भी शादी में नियम की पालना नहीं होती है तो प्रशासन अनुमति मांगने वाले आवदेक के खिलाफ कार्रवाई करेगा।
कोरोना संक्रमण से जुड़ी एडवायजरी की पालना हो
भड़ल्या नवमी जैसे मौकों पर हर शादी में कोरोना संक्रमण से जुड़ी एडवायजरी की पालना हो इसके लिए प्रशासन पूरी निगाह रखे हुए है।सभी अधीनस्थ अधिकारियों को भी निर्देशित किया है। शादी के लिए एसडीएम से अनुमति लेना जरूरी है। लोगों को जागरूक भी कर रहे है। कोई भी नियमों की पालना नहीं करेगा तो प्रशासन सख्ती से कार्रवाई करेगा।
मुकेश कलाल, एडीएम प्रशासन, चित्तौैडग़ढ़

Nilesh Kumar Kathed Bureau Incharge
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