किसने बताया लॉकडाउन में रियायत पर कैसे करना काम

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत व राज्य के वरिष्ट मंत्रियों व अधिकारियों ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेन्स के माध्यम से जिले के अधिकारियों से संवाद किया। इसमें जिला कलक्टर चेतन देवड़ा, पुलिस अधीक्षक दीपक भार्गव, एडीएम मुकेश कलाल सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी भी मौजूद रहे। करीब चार घंटे तक चली वीसी में मुख्यमंत्री व वरिष्ठ अधिकारियों ने उन मुद्दों पर विशेष रूप से चर्चा की जो केन्द्र सरकार की गाइडलाइन के अनुसार 20 अप्रेल बाद लॉकडाउन में कुछ रियायत देने पर सामने आ सकते है।

By: Nilesh Kumar Kathed

Published: 18 Apr 2020, 12:14 AM IST

चित्तौडग़ढ़. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत व राज्य के वरिष्ट मंत्रियों व अधिकारियों ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेन्स के माध्यम से जिले के अधिकारियों से संवाद किया। इसमें जिला कलक्टर चेतन देवड़ा, पुलिस अधीक्षक दीपक भार्गव, एडीएम मुकेश कलाल सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी भी मौजूद रहे। करीब चार घंटे तक चली वीसी में मुख्यमंत्री व वरिष्ठ अधिकारियों ने उन मुद्दों पर विशेष रूप से चर्चा की जो केन्द्र सरकार की गाइडलाइन के अनुसार 20 अप्रेल बाद लॉकडाउन में कुछ रियायत देने पर सामने आ सकते है। गहलोत ने ये सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि जिनको कार्य करने की अनुमति मिले वहां भी सोशल डिस्टेंस सहित सभी सुरक्षा मानकों की पूरी तरह पालना हो। सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना ने भी कॉन्फ्रेन्स में अधिकारियों से सहकारिता से जुड़े मामलों में लॉकडाउन अवधि में कैसे कार्य करना इस पर चर्चा की। जिला मुख्यालय पर वीसी रूम में करीब दो दर्जन अधिकारी मौजूद रहने से आपस में अधिक दूरी कायम रख पाना भी मुश्किल दिखा।
रोक के बावजूद सुबह छूट के समय वाहन लेकर सड़कों पर लोग
चित्तौडग़ढ़. देश व प्रदेश से कोरोना वायरस संक्रमण कायम है और कई शहरों में मिलने वाले केस भी बढ़ रहे है इसके बावजूद राज्य में अब तक कोरोना संकट से बचे हुए चित्तौडग़ढ़ में लोग बेपरवाही दिखाने लगे है। ग्रीन जोन में होने से २० अप्रेल के बाद लॉकडाउन में कुछ रियायते मिलने के संकेत देख लोग पहले ही स्वयं को सड़कों पर उतरने से नहीं रोक पा रहे है। शहर में शुक्रवार को लॉकडाउन में आवश्यक वस्तुओं की खरीद के समय ग्राहकों के लिए वाहन लाने पर रोक होने के बावजूद नजारा ऐसा दिखा माना स्थिति सामान्य हो गई हो। लोग वाहन लेकर खरीदारी के लिए सड़कों पर उतर आए। बूंदी रोड व पावटा चौक क्षेत्र में नजारा ऐसा हो गया मानो वाहन लेकर आने की छूट मिल गई हो। विधायक के वाहन का चालान बनाने व कृषि मंडी में की गई कार्रवाई के बाद उपखण्ड अधिकारी तेजस्वी राणा के स्थानान्तरण का असर सरकारी कार्मिकों के मनोबल पर साफ दिखा। पुलिस व प्रशासन के अधिकारी भले सेवाओं व सख्ती में कोई बदलाव नहीं आने का दावा करे लेकिन आमजन में यही चर्चा रही कि अब पुलिस लॉकडाउन तोड़ सड़क पर आने वालों के साथ उतनी सख्ती से पेश नहीं आ रही जितनी दो दिन पहले आ रही थी। इसी कारण वाहनों की संख्या सुबह के समय सड़कों पर बढ़ गई। हालांकि छूट का समय समाप्त होने के बाद अवश्य सन्नाटा दिखा, लेकिन छूट अवधि में सोशल डिस्टेंस भूल व बिना मॉस्क लगाए जिस तरह लोगों के कोरोना वायरस संक्रमण का खतरा भूल सड़कों पर आना उनकी सेहत की सुरक्षा के लिए चुनौती दिखा। प्रशासन व पुलिस अब भी यहीं अपील कर रहा है कि जब तक नियमों में कोई बदलाव नहीं हो बिना कार्य सड़क पर नहीं आए और खरीदारी के लिए जरूरी होने पर पैदल ही आए।

Nilesh Kumar Kathed Bureau Incharge
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