पार्थिव काया मिट्टी में मिल जाए इससे तो बढिय़ा मानवता के काम आए

पार्थिव काया मिट्टी में मिल जाए इससे तो बढिय़ा मानवता के काम आए

Nilesh Kumar Kathed | Publish: Mar, 15 2019 12:56:15 PM (IST) Chittorgarh, Chittorgarh, Rajasthan, India

जिंदगी में तो सेवा करते ही है, मानवता की सेवा देह से प्राण निकलने के बाद भी हो जाए तो इससे बेहतर क्या होगा। पार्थिव देह मिट्टी में मिल जाए उससे बेहतर मानवता के काम आए इसी सोच के साथ चित्तौडग़ढ़ के एक परिवार ने देहदान का अनुकरणीय उदाहरण पेश किया है।



चित्तौडग़ढ़. जिंदगी में तो सेवा करते ही है, मानवता की सेवा देह से प्राण निकलने के बाद भी हो जाए तो इससे बेहतर क्या होगा। पार्थिव देह मिट्टी में मिल जाए उससे बेहतर मानवता के काम आए इसी सोच के साथ चित्तौडग़ढ़ के एक परिवार ने देहदान का अनुकरणीय उदाहरण पेश किया है। चित्तौडग़ढ़ के कीर्तिनगर क्षेत्र में रहने वाले व्यवसायी संजय दइया ( 52 वर्ष ) ने अपने जन्मदिन के अवसर पर पत्नी हेमलता शर्मा ( 4४ वर्ष ) एवं पुत्री जाहान्वी शर्मा ( 19 वर्ष ) के साथ देहदान का संकल्प पत्र पेश किया। तीनों ने यूनेस्को एसोसिएशन के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य व प्रदेश महासचिव जेपी भटनागर की प्रेरणा से जिला कलक्टर शिवांगी स्वर्णकार के समक्ष स्वैच्छिक देहदान के संकल्प पत्र पेश किए। इसमें जिला कलक्टर से आग्रह किया गया कि मृत्यु पश्चात उनकी देह को किसी मेडिकल कॉलेज को शोध कार्य के लिए भिजवा दिया जाए। जिला कलेक्टर ने तीनों को शाल व माला पहनाकर शुभकामनाएं दी और उम्मीद जताई कि इससे प्रेरणाा लेकर समाज के सभी वर्गो के लोग विशेषकर युवा देहदान का संकल्प लेने आगे आएंगे। यूनेस्को जिला कार्यकारिणी की सदस्य ममता चारण ने बताया कि इस अवसर पर पारस टेलर , चंदा डांगी आदि पदाधिकारी मौजूद थे ।
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बेटी ने कहा मैं भी पीछे नहीं रहूंगी
देहदान का संकल्प लेने वाले संजय व उनकी पत्नी राजकीय माध्यमिक विद्यालय धनेतकलां में शिक्षक हेमलता शर्मा ने अपने फैसले के बारे में मेवाड़ विश्वविद्यालय से हॉर्टिकल्चर में बीएससी कर रही पुत्री जाहान्वी को बताया तो उसने खुशी जाहिर की। जाहान्वी ने भावना जताई कि वे भी इस प्रेरणादायी कार्य में पीछे नहीं रहना चाहती व माता-पिता के संग वे भी देहदान का संकल्प लेंगी। जाहान्वी ने उम्मीद जताई कि उनके इस कार्य से अन्य युवा भी प्रेरणा लेकर आगे आएंगे।

देहदान के लिए कर रहे प्रेरणा का काम
यूनेस्को के प्रदेश महासचिव जेपी भटनागर ने बताया कि संगठन जिले में महिला दिवस पर उन महिलाओं को सम्मानित करता रहा है जो विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय कार्य कर रही है। देहदान के क्षेत्र में भी संगठन सक्रियता से कार्य करेगा। गौरतलब है कि चित्तौडग़ढ़ में आचार्य तुलसी ब्लड फाउण्डेशन की प्रेरणा से एक वर्ष में करीब १९ देहदान संकल्प पत्र पेश हो चुके है। हाल ही कपड़ा बाजार निवासी अभय चौपड़ा के निधन पर उनकी पार्र्थिव देह का दान करते हुए उसे भीलवाड़ा मेडिकल कॉलेज के एनॉटोमी विभाग को सौंपा गया था।
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