हरियाली अमावस्या पर भी क्यों घूूमनेे के लिए किए लिए नहीं बढ़ा पाए कदम

हरियाली अमावस्या पर हर वर्ष जिन सड़कों पर वाहनों को चलने की जगह नहीं मिलती थी वहां सोमवार को हालात बिल्कुल अलग नजर आए। जिला कलक्टर का स्थानीय अवकाश घोषित होनेे के बावजूद कोरोना संक्रमण का असर ही कहा जाएगा कि पहली बार हरियाली अमावस्या पर धार्मिक व पर्यटन स्थलों पर सन्नाटा छाया रहा। चित्तौैड़ दुर्ग, सांवलियाजी मेनाल जैसे स्थानों पर सोमवार को पिकनिक मनाने से आने वालों को रोकने के लिए सुबह से ही पुलिस जाब्ता तैनात कर दिया गया। लोग वहां तक पहुंच ही नहीं पाए इसके लिए मार्ग में बेरिकेटिंग भी की गई

By: Nilesh Kumar Kathed

Published: 20 Jul 2020, 11:36 PM IST

चित्तौडग़ढ़. हरियाली अमावस्या पर हर वर्ष जिन सड़कों पर वाहनों को चलने की जगह नहीं मिलती थी वहां सोमवार को हालात बिल्कुल अलग नजर आए। जिला कलक्टर का स्थानीय अवकाश घोषित होनेे के बावजूद कोरोना संक्रमण का असर ही कहा जाएगा कि पहली बार हरियाली अमावस्या पर धार्मिक व पर्यटन स्थलों पर सन्नाटा छाया रहा। चित्तौैड़ दुर्ग, सांवलियाजी मेनाल जैसे स्थानों पर सोमवार को पिकनिक मनाने से आने वालों को रोकने के लिए सुबह से ही पुलिस जाब्ता तैनात कर दिया गया। लोग वहां तक पहुंच ही नहीं पाए इसके लिए मार्ग में बेरिकेटिंग भी की गई। किसी तरह भूले-भटके पहुंच गए लोगों को भी बंद के आदेश का हवाला देकर निराश लौटा दिया गया। हरियाली अमावस्या पर शिव भक्ति केन्द्रों व पर्यटन स्थलों पर श्रद्धालुओं व पर्यटकों की भीड़ रोकने के लिए जिला कलक्टर केके शर्मा ने सभी उपखण्ड अधिकारियों व पुलिस अधिकारियों को आदेश दिए थे। इसमें जहां हरियाली अमावस्या पर भीड़ होती है वहां उस दिन केवल उन्हीं क्षेत्र में ही निवास करने वाले वालों को ही प्रवेश देने के निर्देश दिए गए थे। पिकनिक मनाने के लिए श्रद्धालु व पर्यटक चित्तौड़ दुर्ग, सांवलियाजी मंदिर, मेनाल, जोगणिया माता, नीलिया महादेव, सीतामाता अभयारण्य, बस्सी बांध, केलझर महादेव, बानोड़ा बालाजी मंदिर जैसे स्थानों पर नहीं पहुंच पाए।
परिचय पत्र दिखाने के बाद ही जाने दिया दुर्ग पर
चित्तौड़ दुर्ग पर प्रथम प्रवेशद्वार पाडऩपोल पर सुबह ८ बजे बाद ही पुलिस जाब्ता तैनात कर दिया गया। यहां शाम तक पुलिस बल तैनात रहा। पिछले वर्ष यहां हरियाली अमावस्या पर पचास हजार से अधिक लोग पिकनिक मनाने पहुंचे थे लेकिन सोमवार को दुर्ग पर निवास करने वाले लोगों को पहचान पत्र दिखाने पर आने-जाने की अनुमति दी गई। दुर्ग पर निवास करने वाले लोगों को भी पाबंद किया गया कि वे घर पर ही रहेंगे एवं घूमने के लिए दुर्ग की सड़कों पर नहीं निकलेंगे।
पड़ौसी जिलों से आते हजारों पर्यटक
हर वर्ष जिले में हरियाली अमावस्या पर भीलवाड़ा, कोटा, बूंदी, उदयपुर आदि पड़ौसी जिलों से हजारों लोग पिकनिक मनाने के लिए आते रहे है। इनमें बड़ी संख्या चित्तौड़ दुर्ग, सांवलियाजी, मेनाल, जोगणियामाता आदि स्थानों पर रही है। भीलवाड़ा जिले से सोमवार को भी कई लोग दुपहिया वाहन पर ही आ गए लेकिन उन्हें दुर्ग जैसे स्थानों पर नहीं जाने दिया गया।
रबड़ी के मालपुओं की रही विशेष मांग
हरियाली अमावस्या पर लोग पिकनिक मनाने भले नहीं जा पाए हो लेकिन घरों पर खीर-मालपुए आदि का आनंद अवश्य लिया। बाजार में भी रबड़ी के मालपुओं की विशेष मांग रही। कोरोनाकाल में लंबे समय बाद मिठाई की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ दिखी। दुकानों पर सुबह से मालपुएं बनाने का कार्य शुरू हो गया जो शाम तक चलता रहा।

Nilesh Kumar Kathed
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