प्रदेश की 42 तहसीलें नहीं हो पाई ऑनलाइन

केन्द्र सरकार की डिजिटल इंडिया लैंड रिकॉर्ड मॉर्डनाइजेशन प्रोग्राम योजना के तहत करोड़ों रुपए खर्च करने के बाद भी राज्य की 42 तहसीलें ऑनलाइन नहीं हो सकी है।

By: Madhusudan Sharma

Published: 04 Oct 2021, 09:17 AM IST

मधुसूदन शर्मा
चूरू. केन्द्र सरकार की डिजिटल इंडिया लैंड रिकॉर्ड मॉर्डनाइजेशन प्रोग्राम योजना के तहत करोड़ों रुपए खर्च करने के बाद भी राज्य की 42 तहसीलें ऑनलाइन नहीं हो सकी है। इसका बड़ा कारण इन तहसीलों में मॉर्डन रिकॉर्ड रूम का निर्माण नहीं होने की बात सामने आ रही है। इस प्रोग्राम के तहत सभी तहसीलों में मॉर्डन रिकॉर्ड बनाए जाने थे। 30 तहसील ऐसी हैं जिनके पास भवन ही उपलब्ध नहीं है। 249 तहसीलों में से 31 में कार्य शुरू नहीं हुआ। 35 तहसीलों के लिए बैंक गारंटी जमा नहीं की गई। ऐसे में तहसीलें ऑनलाइन नहीं हो सकी। इसके अलावा वर्ष 2021-22 में नई बनी 30 तहसीलों में कार्य स्वीकृति के लिए प्रस्ताव भी पास नहीं हो सके। ऐसे में कार्य जोर नहीं पकड़ पाया। मॉर्डन रिकॉर्ड रूम के लिए राज्य सरकार की ओर से 695.22 लाख खर्च किए जाएंगे। तहसीलों के मॉडल चार चरणाों में स्थापित होंगे। प्रदेश के 125 राजस्व गांवों की करीब 30 तहसीलों में नक्शे बेहद ही नाजुक और खराब स्थिति में है। कई तहसीलें ऐसी हंै जहां नक्शे उपलब्ध ही नहीं है। इसके अलावा भू प्रबंधन विभाग की ओर से 2019 में सॉफ्टवेयर बदल दिए जाने के कारण स्कैनिंग कार्य धीमा हो गया था। कोविड के कारण डिजिटलाइजेशन की प्रक्रिया भी बाधित रही थी। जानकारी के अनुसार इस प्रोग्राम का कार्य 2008 में शुरू किया गया था। इसके तहत करोड़ों रुपए खर्च करने के बावजूद राज्य की 42 तहसीलें ऐसी है जो ऑनलाइन अभी तक नहीं हो पाई है। इस योजना के तहत काम वर्ष 2015 में ही पूरा हो जाना चाहिए था लेकिन ऐसा नहीं हो पाया।
यहां 2015 में शुरू हुआ था काम
सूत्रों के अनुसार डिजिटाइजेशन ऑफ कैडेस्ट्रेल मैप का कार्य भीलवाड़ा और झालावाड़ में 2015 में शुरू किया गया था। झालावाड़ में तो कार्य पूर्ण किया जा चुका है तथा भीलवाड़ा में जहाजपुर कोटड़ी 2 तहसीलों को छोड़कर शेष का कार्य पूरा किया जा चुका है। टोंक जिले के निवाई और मालपुरा तहसील क अलावा काम पूरा किया जा चुका है। 30 जिलो के लिए 17.5 करोड़ रुपए का कार्य आदेश जारी भी किया गया था।
चूरू सहित 297 तहसीलें ऑनलाइन
राज्य में 369 तहसीलें हैं। जिनमें से 297 तहसीलों को ऑनलाइन कर दिया गया है। इनमें चूरू, झुंझुनूं, सीकर, जयपुर, जैसलमेर, झालावाड़, अजमेर, कोटा, धौलपुर, प्रतापगढ़, श्रीगंगानगर, जालौर, उदयपुर और बांसवाड़ा की सभी तहसीलों को ऑनलाइन किया जा चुका है। शेष बचे 06 जिलों की 42 तहसीलों में ऑनलाइन का कार्य प्रगति पर है।

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Madhusudan Sharma Bureau Incharge
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