#Changemaker राजस्थान पत्रिका का महा अभियान एक चिंगारी है जो ज्वालामुखी बनेगी

Madhusudan Sharma

Publish: May, 17 2018 10:10:34 PM (IST)

Churu, Rajasthan, India
#Changemaker राजस्थान पत्रिका का महा अभियान एक चिंगारी है जो ज्वालामुखी बनेगी

अधिवक्ताओं ने खुलकर की राजनीति में बदलाव की वकालत

चूरू. राजस्थान पत्रिका के महा अभियान 'स्वच्छ करें राजनीति, चेंज मेकर बदलाव के नायकÓ के तहत गुरुवार को जिला न्यायालय परिसर में स्थित बारकक्ष में अधिवक्ताओं की विचार गोष्ठी हुई। वरिष्ठ अधिवक्ता हकीम अहमद ने कहा कि देश में राज चलाने वाली कोई भी पार्टी हो उसे न्यायालय के आदेश मानने चाहिए। लेकिन कई पार्टी ऐसी हैं जो न्यायालय के आदेश को भी नहीं मान रही। देश में राज करने वाली मुख्य पार्टी ही जब सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना व भ्रष्टाचार करने लग जाएगी तो उस देश का विकास कैसे होगा। उन्होंने राजस्थान पत्रिका की मुहिम की प्रशंसा करते हुए कहा कि आज जिसके पास पैसा है वह राजनीति में आ रहा है पहले ऐसा नहीं था। आज राजनीति में अपराधिक व दबंग पृष्टभूमि वाले लोग आ रहे है। वह समाज का किस तरह भला कर सकते हैं। एडवोकेट रामेश्वर प्रजापति ने कहा कि समाज सेवा से जुड़े लोगों को राजनीति में आगे आना चाहिए। राजनीति वो चाबी है जिससे सारे ताले खुले जाते हैं। जब अच्छे लोग राजनीति में नहीं आएंगे तो देश का विकास कैसे होगा।

 

वर्तमान दौर में निरंकुशता की बू
अधिवक्ता प्रदीप पूनिया ने कहा कि वर्तमान समय की राजनीति हमें यह याद दिलाती है कि एक शासक धन बल व बाहुबल के दम पर संपूर्ण भारत को जीतने का वादा करता है। वर्तमान समय प्रजातंत्र का है और प्रजातंत्र का मूल उद्देश्य मानव विकास करना है। उन्होंने कहा कि जो राजनीति वर्तमान में हो रही है उसे देखकर हम अपने आपको निशक्त महसूस करते हैं। ऐसा लग रहा है हम मध्यकालीन भारत के दौर में जा रहे हैं, जिस समय निरंकुश लोग शासन करते थे। पत्रिका की यह मुहिम अपने आप में अनुकरणीय है एक न एक दिन समाज में अलख जगाएगी।

 

गंदी राजनीति के कारण अच्छे लोग कर रहे किनारा
एडवोकेट अब्दुल गफ्फार खान ने कहा कि आज राजनीति गंदी होने लगी है इसलिए आम व्यक्ति इससे किनारा करने लगा है। वोटों के समय राजनेता वोट मांगने आते हैं लेकिन जीतने के बाद उससे मिलने के लिए लाइन में लगना पड़ता है। पत्रिका के इस अभियान से लोगों में जागृति आएगी। एडवोकेट संतोष सैनी ने कहा कि राजनीति जब तक स्वच्छ नहीं होगी जब तक राजनेता को चुनने का तरीका सही नहीं होगा। वर्तमान की राजनीतिक पार्टियां अपराधिक व बदमाश प्रवृत्ति के लोगों को प्राथमिकता देती हैं। राजनीतिक पार्टी न्यायालय के आदेशों को चैलेंज करने लगी हैं। अधिकतर देखा गया है कि राजनीति में आने के बाद राजनेता सारे वादे भूल जाता है, सब स्थिति बदल जाती है। इसलिए विधानीय प्रावधान हो की एक स्वच्छ ईमानदार व योग्य आदमी चुनाव लड़ सकता है। यह जब तक बदलाव नहीं होगा तब तक राजनीति स्वच्छ नहीं हो सकती। एडवोकेट हेमंत शर्मा ने कहा कि जब तक राजनीति में धनबल व बाहुबल रहेगा तब तक अच्छे लोग राजनीति में नहीं आ सकते। राजनीति को स्वच्छ बनाने के लिए अच्छे लोगों को राजनीति में लाना होगा। अधिवक्ता इसमें अहम भूमिका निभा सकते हैं। एडवोकेट अशोक सैनी ने कहा कि पत्रिका ने भ्रष्टाचार, बाहुबाली व नोटों की राजनीति के दौरा में ऐसा अभियान शुरूकर सरहानीय कार्य किया है। यह राजनीति को बदलाव की ओर से ले जा सकता है। यह बदलाव तब तक संभव नहीं होगा जब तक हम अपनी सोच व विचारों को नहीं बदलेंगे। स्वच्छ छवि वाले व्यक्ति को राजनीति में आगे लाने के लिए हमें कठोर मेहनत करनी पड़ेगी। अधिवक्ता इसमें एक मजबूत कड़ी बन सकते हैं।

 

भ्रष्टाचारी नेता देश को बना रहे खोखला
एडवोकेट सुरेश कल्ला ने कहा कि पत्रिका ने समय-समय आमजन व देश हित के लिए अभियान चलाया है। सेवा भाव से राजनीति करने पर इसमें अवश्यक रूप से बदलाव आएगा। राजनीति भ्रष्ट होने के कारण आज विश्व में भारत की गिनती भ्रष्ट देशों में होने लगी है। पढ़े लिखे व साफ सुथरी छवि के लोग जब राजनीति में नहीं आएंगे तब तक राजनीति स्वच्छ नहीं होगी। अधिवक्ता सद्दाम हुसैन ने कहा कि राजस्थान पत्रिका समय-समय पर जनहित के मुद्दों को लेकर संघर्ष करती है। राजनीति में आने वाले भ्रष्ट लोगों का हमें बहिष्कार करना होगा। देश का विकास करने के लिए अच्छे

 

लोगों को आगे लाना होगा।
विचार गोष्ठी में अधिवक्ता नरेंद्र सिहाग, सुनील मेघवाल झारिया, एडवाकेट जितेंद्र प्रताप सिंह राठौड़, दीपक स्वामी, नासीर खान, सुरेंद्र बुडानिया, निर्मल, गौरीशंकर, जयसिंह, सलीम खान, मोहम्मद अली, इदरीश खान, हसन खान, आरिफ खान, मुस्तकीम अहमद, प्रमोद कुमार नाई, वशीम चौहान व आदिल भलीम आदि मौजूद थे।

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