लोगों का बड़ा सवाल : कहां चले पैदल

शहर में अतिक्रमण हटाने को लेकर नगरपरिषद की उदासीनता लोगों पर भारी पड़ रही है।

By: Madhusudan Sharma

Published: 13 Nov 2020, 12:03 PM IST

चूरू. शहर में अतिक्रमण हटाने को लेकर नगरपरिषद की उदासीनता लोगों पर भारी पड़ रही है। आमजन के चलने के लिए अतिक्रमण के कारण राहगीरों के लिए सड़क पर चल पाना मुश्किल हो रहा है। दूसरी तरफ बढ़ते अतिक्रमण के चलते जाम की स्थिति भी विकट होती जा रही है। सुभाष चौक, नई सड़क, गढ़ चौराहा, लाल घंटाघर सहित कई जगहों पर सड़कें सिकुड़ती जा रही है। अतिक्रमणकारी हावी होते जा रहे हैं। ऐसे में वाहन चालकों को भारी दिक्कत हो रही है। लोग नगरपरिषद की जमीनों पर काबिज होकर अतिक्रमण करने पर तूले हुए हैं। दुकानदारों की ओर से दुकानों के बाहर स्वयं का सामान सड़क पर रखने के अलावा रेहड़ी व ठेले भी लगाए जा रहे हैं। दिलचस्प बात यह है कि इसके लिए इन रेहड़ी-ठेलों वालों से मासिक किराया भी वसूला जाता है। अतिक्रमण के चलते शहर के मु य मार्ग ही नहीं गली-मोहल्ले भी सिकुड़ते जा रहे हैं। अतिक्रमण हटाने के नाम पर केवल कभी-कभार छोटे दुकानदारों पर कार्रवाई की जाती है। नगरपरिषद की बैठक में प्रमुख मुद्दा भी शहर को अतिक्रमण मुक्त करने का होता है। लेकिन कार्रवाई की बारी आने पर पार्षदों की ओर से भी वोट बैंक के कारण इसका विरोध किया जाता है। ऐसे में अधिकारी भी मौन धारण कर लेते हैं। इसके चलते अतिक्रमणकारियों के हौसले लगातार बुलंद होते हैं। शहर में नगरपरिषद की बेशकीमती जमीनों पर दबंग अपना हक जमाए बैठे हुए हैं।

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Madhusudan Sharma Bureau Incharge
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