सोच में बदलाव : अब बेटियां होंगी कुलदीपक

बेटियों को पैदा होते ही मार देने या कोख में कत्ल करने एवं भ्रूण हत्या जैसा अपराध लगातार समाज को दूषित कर रहा है।

By: Madhusudan Sharma

Published: 17 Oct 2020, 09:04 AM IST

सादुलपुर. बेटियों को पैदा होते ही मार देने या कोख में कत्ल करने एवं भ्रूण हत्या जैसा अपराध लगातार समाज को दूषित कर रहा है। लेकिन विभाग या आमजन की जागरुकता ने बेटियों को प्रोत्साहित ही नहीं किया बल्कि क्षेत्र में बेटियों की जन्मदर में भी बढ़ोतरी हुई है। हरियाणा सीमा पर स्थित सादुलपुर क्षेत्र में लोगों की नई पहल एवं नई सोच के कारण लिंगानुपात जिले में सबसे कम रहा है। खण्ड मुख्य ब्लॉक शिक्षाधिकारी डॉ.हरकेश बुडानिया तथा बीपीएम धर्मपाल मूंड ने बताया कि वर्ष 2001 में क्षेत्र में प्रति हजार पर 875 व 2011 में प्रति हजार पर 874 लिंगानुपात रहा है। लेकिन यहां के लोगों की सोच और बेटियों के प्रति बढ़ता प्यार, शिक्षा एवं विभाग के प्रयासों से संतुलित समाज निर्माण की ओर से अग्रसर है।
दो बेटियां होने पर करा रहे नसबंदी
इस वर्ष शहरी व ग्रामीण में प्रति हजार 1040 बेटियों ने जन्म लिया है। बेटियों की चाह और प्रेम के चलते गत पांच सालों में हर वर्ष आठ से दस दंपती ऐसे हैं, जो एक या दो बेटियों पर नसबंदी करवा रहे हैं। उनके कुल का दीपक बेटी होंगी।
रंग ला रही मुहिम
इस जागरुकता के कार्य में सादुलपुर की 290 आशाओं की टीम एवं 122 एएनएम तथा 16 चिकित्साधिकारी प्रयासरत हैं। ये प्रयास अब धीरे-धीरे रंग लाने लगे हैं। सबके सहयोग से वर्ष 2016 से विभाग की ओर से संचालित बेटी है अनमोल कार्यक्रम के अंतर्गत रक्षक दल के रूप में प्रचार-प्रसार कर बेटियों को जन्म देने एवं बचाने की मुहिम शुरू की।

Show More
Madhusudan Sharma Bureau Incharge
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned