Corona Effect ... .घरों में मनाई हनुमान जयंती, मंदिरों में नहीं दिखे श्रद्धालु

इस बार की हनुमान जयंती कई मायनों में अलग रही है। सैंकड़ो साल पुरानी परंपराएं तो टूटी लेकिन आस्थाएं और गहरी हो गई। घंटे और घडिय़ाल की धुनें भले ही मंदिरों के प्रांगण से ना सुनाई पड़ी हो लेकिन हनुमान जयंती के मौके पर बजरंग बली की आराधना के मधुर स्वर चूरू के घरों से स्वरलहरियों के साथ वातावरण में पवित्रता पैदा कर रहे थे।

By: Vijay

Published: 09 Apr 2020, 05:40 PM IST

चूरू. इस बार की हनुमान जयंती कई मायनों में अलग रही है। सैंकड़ो साल पुरानी परंपराएं तो टूटी लेकिन आस्थाएं और गहरी हो गई। घंटे और घडिय़ाल की धुनें भले ही मंदिरों के प्रांगण से ना सुनाई पड़ी हो लेकिन हनुमान जयंती के मौके पर बजरंग बली की आराधना के मधुर स्वर चूरू के घरों से स्वरलहरियों के साथ वातावरण में पवित्रता पैदा कर रहे थे। लोगों ने अपनी नियमित दिनचर्या के अनुसार ही दिन की शुरुआत की। सुबह स्नान ध्यान के पश्चात बच्चे हों बुजुर्ग हों, महिलाएं अथवा कन्याएं सभी का उत्साह देखते ही बनता था। ऐसा लगा ही नहीं की कोई लॉक डाउन हो। घरों में उत्साह था और वह भी भरपूर हालांकि हनुमान जयंती के मौके पर कई जगहों से निकलने वाली शोभायात्राओं की कमी सड़कों पर जरूर खली। श्रद्धालुओं में भी इस बात की मायूसी रही हालांकि उन्होंने घर के अंदर ही रामायण जैसे धार्मिक सीरियल देखकर अपने भावों की अभिव्यक्ति परिवार के अंदर ही कर ली। इधर टीम प्रतिभा नगर की ओर से नए अंदाज में हनुमान जन्मोत्सव मनाया गया। सदस्यों ने पूरे दिन हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन करते हुए जरूरतमंदों के लिए राहत सामग्री के पैकेट बनाए।
संयोजक देवेंद्र जोशी ने बताया कि रतन पंडित, मनीष पीपलवा, चांद महर्षि, सुनील सेवदा, संजय मटोलिया, आनंद जोशी, विकास जोशी और चांद जोशी की ओर से संगीत में हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। खाने के पैकेट तैयार किए गए। टीम के सदस्यों ने बताया कि चूरू में कफ्र्यू है इसीलिए कोई संस्थागत आयोजन नहीं कर के घर में ही सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों और हाइजीन का पालन करते हुए सभी ने खाने के पैकेट तैयार किए। जिन्हें दोपहर के बाद कड़वासर चांदनी चौक अग्रसेन नगर और नई सड़क के जरूरतमंद परिवारों तक वितरित कर दिया गया।
सादुलपुर. हनुमान जयंती के अवसर पर कोरोना वायरस के चलते मंदिरों में श्रद्धालुओं की संख्या नहीं के बराबर रही। जबकि लोगों ने घरों में खीर-चूरमे का प्रसाद बनाकर एवं भोग लगाकर तथा पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की। शहर के अधिकांष मंदिरों में श्रद्धालुओं को नहीं देखा गया। हालांकि पुजारियों की ओर से मंदिरों में विधिवत् पूजा-अर्चना की गई। अल सुबह मंदिरों में गिने-चुने श्रद्धालु देखा गया। सरकार के आदेशों की पालना के चलते घरों में ही हनुमान जी की पूजा-अर्चना की गई। मंदिरों में किसी प्रकार का धार्मिक अनुष्ठान नहीं किया गया।
लाडनूं. स्थानीय झंडा चौक स्थित जानकी वल्लभ मंदिर में हनुमान जन्मोत्सव मनाया गया। पंडित मनोज कुमार शर्मा ने बताया प्राचीन हनुमान मंदिर की मूर्ति मंदिर में विराजित है। श्रद्धालुओं ने मंदिर में खीर, चूरमा, प्रसाद का भोग लगाकर सुख समृद्धि की कामना की। कोरोना संक्रमण व लॉक डाउन के चलते मंदिरों में भी सन्नाटा पसरा रहा। लोगों ने मंदिर के पट बंद होने के बावजूद लोग बाहर से दर्शन कर हाथ जोड़कर चले गए।

Vijay Desk/Reporting
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